भारत के प्रमुख महोत्सव 2022
1. नुआखाई महोत्सव – ओडिशा
विशेषता: 'नुआ' का अर्थ है नया और 'खाई' का अर्थ है भोजन। यह उत्सव फसल कटाई के बाद मनाया जाता है।
2. कंचोंथ महोत्सव – जम्मू और कश्मीर
स्थान: चिनाब घाटी
विशेषता: धार्मिक उत्साह से मनाया जाने वाला पर्व।
3. चाय महोत्सव – असम
विशेषता: यह महोत्सव असम की विश्वविख्यात चाय उद्योग को समर्पित है।
4. ठिल्पग्याम महोत्सव – उदयपुर, राजस्थान
विशेषता: यह स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है।
5. बोहाग बिहू – असम
विशेषता: यह असम का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है और इसे हस्तशिल्प मेलों के रूप में भी मनाया जाता है।
6. कम्बाला (भैंसों की दौड़) – कर्नाटक
विशेषता: परंपरागत रूप से किसानों द्वारा आयोजित की जाने वाली यह रेस खेतों में होती है।
7. कचाई लेमन फेस्टिवल – मणिपुर
विशेषता: इस महोत्सव में कचाई नींबू की किस्म को प्रदर्शित किया जाता है।
8. मेडाराम जतारा – तेलंगाना
विशेषता: एशिया का सबसे बड़ा जनजातीय महोत्सव, देवी समक्का-सरलम्मा की पूजा की जाती है।
9. योसांग त्योहार – मणिपुर
विशेषता: होली के समान यह त्योहार रंगों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रूप में मनाया जाता है।
10. त्रिशूर पूरम – केरल
स्थान: वडक्कुनाथन मंदिर
विशेषता: हाथियों की सजीव झांकियों के साथ भव्य आयोजन।
11. पावल कूट महोत्सव – मिजोरम
विशेषता: पारंपरिक नृत्य और खेलों के साथ मनाया जाने वाला उत्सव।
12. काला घोड़ा महोत्सव – महाराष्ट्र
विशेषता: कला, संस्कृति, संगीत, रंगमंच और साहित्य का मिलन।
13. कनुमा महोत्सव – तेलंगाना
विशेषता: यह मकर संक्रांति के तीसरे दिन मनाया जाता है, जिसमें पशुओं की पूजा की जाती है।
14. मड़ई महोत्सव – छत्तीसगढ़
विशेषता: जनजातीय लोकसंस्कृति और देवी-देवताओं की यात्रा का त्योहार।
15. एप्पल महोत्सव – जम्मू और कश्मीर
विशेषता: गोड़ जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार जिसमें सेब की खेती का उत्सव मनाया जाता है।
16. काला नमक चावल महोत्सव – उत्तर प्रदेश
विशेषता: इस चावल की खास किस्म को बढ़ावा देने हेतु आयोजित उत्सव।
17. रज महोत्सव – ओडिशा
विशेषता: स्त्रीत्व और पृथ्वी की उर्वरता का उत्सव।
18. राजा परबा – ओडिशा
विशेषता: चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व महिलाओं को समर्पित होता है।
19. जगन्नाथ रथ यात्रा – पुरी, ओडिशा
विशेषता: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विशाल रथ यात्रा।
20. हरेला – उत्तराखंड
विशेषता: हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का पर्व।
21. अहरबल महोत्सव – जम्मू और कश्मीर
स्थान: कुलगाम जिला
विशेषता: स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए।
22. पोंगल – तमिलनाडु
विशेषता: फसल कटाई का उत्सव, धन्यवाद देने की परंपरा।
23. पोइला बोइशाख – पश्चिम बंगाल
विशेषता: बंगाली नववर्ष का उत्सव।
24. पाईडियल्ली सिरिमानु – आंध्र प्रदेश
विशेषता: परंपरागत रथ यात्रा, बालाजी मंदिर से संबंधित।
25. बोनालु – तेलंगाना
विशेषता: देवी महाकाली की पूजा, तेलंगाना का वार्षिक त्योहार।
26. अट्टुकल पोंगल – केरल
विशेषता: दुनिया की सबसे बड़ी महिला एकत्रता का पर्व।
27. थीपुसम – तमिलनाडु
विशेषता: भगवान मुरुगन की पूजा, भारत और विदेशों में मनाया जाने वाला त्योहार।
28. जल्लीकट्टु – तमिलनाडु
विशेषता: पारंपरिक सांड पकड़ने का खेल, 2000 साल पुरानी परंपरा।