Skeleton System
Chapter कंकाल तंत्र (Skeleton System) 3. कंकाल तंत्र (Skeleton System) यह हड्डियों (Bones) तथा उपास्थि (Cartilage) का एक ढाँचा (Frame/ Structure) होता है जो हमें सीधा खड़ा रखता है तथा हमें स्थिरता प्रदान करता है। कंकाल की मदद से जीव-जंतु आसानी से गति करते हैं। कंकाल तंत्र का अध्ययन ऑस्टियोलॉजी (Osteology) कहलाता है। कंकाल के प्रकार (Types of Skeleton) कंकाल दो प्रकार के होते हैं– बाह्य कंकाल (Exo-Skeleton) आंतरिक कंकाल (Endoskeleton) 1. बाह्य कंकाल (Exo-skeleton) यह शरीर के बाहर पाया जाता है तथा अत्यधिक कठोर होता है। यह शरीर को रक्षा प्रदान करता है। बाह्य कंकाल मृत कोशिका का बना होता है तथा इनमें कोई रक्त संचार नहीं होता है। इसके अंतर्गत बाल, नाखून आते हैं। Ex:– केकड़ा (Crab), तिलचट्टा (Cockroach), मकड़ी (Spider), टिड्डा (Grasshopper), घोंघा (Snail), चींटी (Ant), चिउटा (Chiuta), मधुमक्खी (Honey bee), बिच्छु (Scorpions), शंख (Shell), कीट (Insect) आदि। (Includes: काइटिन बाह्य कंकाल (Chitin Exoskeleton) - भृंग कीट (Beetle Bug), कनखजूरा कीट (Centipede Insect), मकड़ी (Spider), झींगा (Prawn), घोंघा (…