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CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा: अब 'बेसिक' और 'स्टैंडर्ड' गणित के बीच स्विच करना हुआ आसान,

VIGYAN
CBSE Board Exam New Rules 2026-27: गणित विकल्प और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव
शिक्षा डेस्क | नई दिल्ली | अपडेटेड: 2026

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा: अब 'बेसिक' और 'स्टैंडर्ड' गणित के बीच स्विच करना हुआ आसान, जानें नई 'थ्री-चांस' पॉलिसी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र-केंद्रित सुधारों की एक नई श्रृंखला शुरू की है। बोर्ड का प्राथमिक लक्ष्य छात्रों के शैक्षणिक बोझ को कम करना और उन्हें उनके करियर के चुनाव में लचीलापन (Flexibility) प्रदान करना है। इस नए बदलाव के तहत, सबसे महत्वपूर्ण अपडेट गणित (Mathematics) के पेपर और सुधार परीक्षाओं (Improvement Exams) को लेकर आया है।

बड़ा बदलाव: अब छात्र अपनी दूसरी परीक्षा के दौरान गणित का स्तर (Level) बदल सकते हैं। यदि आपने मुख्य परीक्षा में 'स्टैंडर्ड' गणित लिया था, तो आप सुधार परीक्षा में 'बेसिक' चुन सकते हैं, और इसका उल्टा भी संभव है।

1. तीन अवसरों की नई व्यवस्था (Three-Chance Policy)

बोर्ड ने अब कंपार्टमेंट और फेल होने वाले छात्रों के लिए एक सुरक्षा जाल तैयार किया है। अब 10वीं पास करने के लिए छात्रों के पास एक नहीं बल्कि तीन अवसर होंगे। इससे छात्रों का पूरा साल बर्बाद होने से बचेगा और वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी योग्यता साबित कर सकेंगे।

पात्रता

वे छात्र जो किसी विषय में इंप्रूवमेंट देना चाहते हैं या जिनकी कंपार्टमेंट आई है, वे दूसरी परीक्षा के लिए पात्र होंगे।

स्पोर्ट्स कोटा

खेल प्रतियोगिताओं के कारण परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों को 'फ्रेश एनरोलमेंट' के तहत विशेष मौका दिया जाएगा।

2. शुल्क संरचना और समय सीमा

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया स्कूलों के माध्यम से पूरी की जाएगी।

विवरण निर्धारित शुल्क / तिथि
प्रति विषय शुल्क (भारतीय छात्र) ₹320
तीन विषयों का कुल शुल्क ₹960
विलंब शुल्क (Late Fee) के साथ ₹2000 तक
आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

3. अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: यदि मैं दूसरी परीक्षा में अनुपस्थित रहता हूँ तो क्या होगा? उत्तर: यदि छात्र ने फीस जमा कर दी है लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसका पहली परीक्षा का परिणाम ही मान्य माना जाएगा।
प्रश्न: क्या मैं परीक्षा के बाद रीवैल्यूशन (Re-evaluation) करा सकता हूँ? उत्तर: हाँ, दोनों परीक्षाओं के लिए रीवैल्यूशन की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जो दूसरी परीक्षा के नतीजे आने के बाद शुरू होगी।
प्रश्न: प्राइवेट छात्रों के लिए क्या नियम हैं? उत्तर: प्राइवेट छात्रों को परीक्षा केंद्र का चयन बहुत सावधानी से करना होगा। एक बार सेंटर अलॉट होने के बाद उसे बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

निष्कर्ष

सीबीएसई का यह कदम शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। विशेष रूप से गणित जैसे कठिन विषय में स्तर बदलने की अनुमति देना उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगा जो उच्च शिक्षा में गणित नहीं लेना चाहते, लेकिन 10वीं में बेहतर स्कोर करना चाहते हैं।

क्या आप इस बदलाव से खुश हैं? नीचे कमेंट में अपनी राय साझा करें!

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