Indian Geography • Physical Geography

भारत में दो मानसून सिस्टम क्यों काम करते हैं?

भारत की लगभग 75% वार्षिक वर्षा मानसून से जुड़ी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में वर्षा लाने वाले दो प्रमुख मानसूनी सिस्टम काम करते हैं?

South-West Monsoon
Retreating Monsoon
October–December
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भारत में वर्षा की चर्चा होते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में South-West Monsoon आता है। वास्तव में भारत की अधिकांश वार्षिक वर्षा इसी मानसूनी प्रणाली से प्राप्त होती है। लेकिन भारत की मानसूनी व्यवस्था केवल एक ही सिस्टम तक सीमित नहीं है। देश में वर्षा के वितरण को समझने के लिए हमें दो प्रमुख मानसूनी प्रणालियों को समझना होगा।

मुख्य तथ्य: भारत में दो प्रमुख मानसूनी प्रणालियाँ हैं — South-West Monsoon और Retreating / North-East Monsoon। दूसरी प्रणाली विशेष रूप से दक्षिण-पूर्वी तट के लिए महत्वपूर्ण है।
Core Concept

भारत के दो प्रमुख मानसून सिस्टम

01

South-West Monsoon

यह भारत की मुख्य मानसूनी प्रणाली है। सामान्यतः जून के आसपास यह भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश करती है और सितंबर तक देश के बड़े हिस्से में वर्षा प्रदान करती है।

June – September
02

Retreating / North-East Monsoon

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के साथ अक्टूबर से दिसंबर के बीच उत्तर-पूर्वी हवाएँ सक्रिय होती हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी प्राप्त करने के बाद ये हवाएँ दक्षिण-पूर्वी तट पर भारी वर्षा करा सकती हैं।

October – December
Geography + Physics

आखिर मानसून बनता क्यों है?

मानसून को समझने के लिए केवल Geography ही नहीं, बल्कि Physics और atmospheric pressure को समझना भी जरूरी है।

गर्मियों में भारतीय भूभाग समुद्र की तुलना में तेजी से गर्म होता है। इसके परिणामस्वरूप भूमि के ऊपर वायुदाब कम होने लगता है और एक व्यापक low-pressure system विकसित होता है।

Land Heats भारतीय भूमि तेजी से गर्म होती है
Low Pressure भूमि पर निम्न दाब विकसित होता है
Moist Winds समुद्र से नमी वाली हवाएँ आती हैं
Rainfall देश के बड़े हिस्से में वर्षा होती है
Summer: Low Pressure

गर्मियों में भूमि तेजी से गर्म होती है। गर्म हवा ऊपर उठती है और भूमि क्षेत्र में निम्न दाब की स्थिति विकसित होती है।

Winter: High Pressure

सर्दियों में भूमि तेजी से ठंडी होती है। इसके कारण उच्च दाब की स्थिति विकसित होती है और हवाओं की दिशा बदल जाती है।

First System

South-West Monsoon: भारत की मुख्य वर्षा प्रणाली

जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करता है। इसकी दो प्रमुख शाखाएँ — Arabian Sea branch और Bay of Bengal branch — देश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा पहुँचाती हैं।

जून से सितंबर के बीच यही मानसूनी प्रणाली भारत की वार्षिक वर्षा का सबसे बड़ा हिस्सा प्रदान करती है। कृषि, जल संसाधन और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इसका महत्व अत्यंत अधिक है।

Second System

Retreating Monsoon: जब मानसून वापस लौटता है

सितंबर के बाद स्थिति धीरे-धीरे बदलने लगती है। भारतीय भूभाग ठंडा होना शुरू करता है और मानसूनी हवाएँ कमजोर पड़ने के साथ दक्षिण की ओर से पीछे हटने लगती हैं।

इसी प्रक्रिया को Retreating Monsoon या North-East Monsoon कहा जाता है।

महत्वपूर्ण: Retreating Monsoon की हवाएँ सामान्यतः महाद्वीपीय क्षेत्र से समुद्र की ओर चलती हैं और इसलिए शुरुआत में अपेक्षाकृत शुष्क होती हैं। लेकिन बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय ये हवाएँ पर्याप्त नमी ग्रहण कर लेती हैं।
Seasonal Cycle

मानसून का पूरा चक्र

June

Monsoon Onset

South-West Monsoon भारत में सक्रिय होना शुरू करता है।

June – September

Main Rainy Season

भारत के बड़े हिस्से में मानसूनी वर्षा होती है।

October – December

Monsoon Retreat

North-East / Retreating Monsoon दक्षिण-पूर्वी तट के लिए महत्वपूर्ण वर्षा लेकर आता है।

The Important Exception

वह राज्य जो दूसरे मानसून पर अधिक निर्भर है

अब आता है इस पूरे concept का सबसे interesting हिस्सा। भारत के अधिकांश हिस्सों में June–September का South-West Monsoon प्रमुख वर्षा स्रोत है, लेकिन Tamil Nadu का वर्षा pattern अलग है।

Tamil Nadu को October–December के दौरान सक्रिय होने वाले North-East / Retreating Monsoon से महत्वपूर्ण मात्रा में वर्षा प्राप्त होती है।

Tamil Nadu

उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी से नमी प्राप्त करने वाली हवाएँ तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तटीय भारत में महत्वपूर्ण वर्षा लाती हैं।

Moisture Source

बंगाल की खाड़ी इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

Retreating Monsoon की हवाएँ जब बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरती हैं, तो वे समुद्र से पर्याप्त जलवाष्प ग्रहण करती हैं। यही नमी बाद में दक्षिण-पूर्वी तट की ओर पहुँचकर वर्षा का कारण बनती है।

इसी कारण तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में वर्षा का बड़ा हिस्सा October–December के मानसूनी मौसम से जुड़ा होता है।

Quick Revision

  • भारत में दो प्रमुख मानसूनी प्रणालियाँ काम करती हैं।
  • South-West Monsoon मुख्यतः June–September के बीच सक्रिय रहता है।
  • यह भारत की अधिकांश मानसूनी वर्षा का प्रमुख स्रोत है।
  • Retreating / North-East Monsoon मुख्यतः October–December में सक्रिय होता है।
  • बंगाल की खाड़ी से नमी प्राप्त करने के बाद उत्तर-पूर्वी हवाएँ वर्षा करा सकती हैं।
  • Tamil Nadu के लिए North-East Monsoon विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
  • मानसून केवल बारिश नहीं, बल्कि changing pressure systems और seasonal wind reversal की प्रक्रिया है।
Knowledge Check

क्या आपने Concept समझ लिया?

October–December के दौरान Retreating / North-East Monsoon के कारण भारत का कौन-सा राज्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण वर्षा प्राप्त करता है?

मानसून सिर्फ बारिश नहीं है

भारत का मानसून वास्तव में बदलते हुए तापमान, वायुदाब, हवाओं की दिशा और समुद्र से प्राप्त नमी की एक जटिल मौसमी प्रक्रिया है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा का समय और स्रोत अलग हो सकता है।