राजस्थान का इतिहास एवं कला संस्कृति - महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 8
प्रश्न 361. इतिहासकार ----------- के अनुसार राजस्थान की भूमि में ऐसा कोई फूल नहीं उगा जो राष्ट्रीय वीरता और त्याग की सुगंध से भरकर नहीं झूला हो।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: यह कथन प्रसिद्ध इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड (Col. James Tod) का है, जिन्होंने राजस्थान के वीरों की वीरता और उनके त्याग की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
प्रश्न 362. "ये है अपना राजपूताना नाज इसे तलवारों पे, इसने अपना सारा जीवन काटा बरछी तीर कमानों पे" ---------- गीतकार थे?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजपूताना के शौर्य और अदम्य साहस को बयां करने वाला यह वीर रस से परिपूर्ण प्रसिद्ध गीत 'कवि प्रदीप' द्वारा लिखा गया है।
प्रश्न 363. राजस्थान के शहीद जिन्हें परमवीर चक्र से नवाजा गया था?
(i) मेजर पीरू सिंह शेखावत
(ii) मेजर शैतान सिंह
(iii) सूबेदार चुनाराम फागड़िया
(iv) सैनिक ढोकल सिंह
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: राजस्थान के अमर शहीदों में 'मेजर पीरू सिंह शेखावत' (1948) और 'मेजर शैतान सिंह' (1962) को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया था।
प्रश्न 364. शहीद मेजर पीरू सिंह शेखावत के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये-
(i) इनका सम्बन्ध रामपुर बेरी (झुंझुनूँ) से था।
(ii) 1936 में राजपूताना राइफल्स में भर्ती हुए थे।
(iii) 1948 में कश्मीर के तीथवाल सेक्टर पर संघर्ष करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए थे।
(iv) इन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: मेजर पीरू सिंह शेखावत (झुंझुनूँ) के बारे में दिए गए ये सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। अदम्य साहस के लिए इन्हें 1948 के युद्ध के बाद परमवीर चक्र मिला था।
प्रश्न 365. शहीद मेजर शैतान सिंह का सम्बन्ध था?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर शैतान सिंह का जन्म जोधपुर जिले के 'बाणासुर' गाँव में हुआ था।
प्रश्न 366. 1962 में चीन बॉर्डर पर लड़ते हुए वीर गति को प्राप्त हुए जिन्हें मरणोपरांत 1963 में परमवीर चक्र से नवाजा गया?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांग ला (लद्दाख) दर्रे की रक्षा करते हुए मेजर शैतान सिंह ने अपनी छोटी सी टुकड़ी के साथ अदम्य साहस दिखाया और वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रश्न 367. राजस्थान के वीर जिन्हें महावीर चक्र से नवाजा गया है?
(i) सूबेदार चुनाराम फगेड़िया - सीकर
(ii) सैनिक ढोकल सिंह - सेखाला (जोधपुर)
(iii) ब्रिगेडियर रघुवीर सिंह राजावत
✔ सही उत्तर: B (विकल्प सेट के अनुसार D और B समान माने गए हैं, सही उत्तर i, ii, iii है)
व्याख्या: इन तीनों वीर सपूतों ने युद्ध के मैदान में उत्कृष्ट वीरता का प्रदर्शन किया जिसके लिए इन्हें महावीर चक्र प्रदान किया गया।
प्रश्न 368. राजस्थान के वीर जिन्हें महावीर चक्र से नवाजा गया है?
(i) ले. कर्नल हणूत सिंह - जसोल (बालोतरा)
(ii) ले. कर्नल सवाई भवानी सिंह - जयपुर
(iii) कैप्टन चन्दन सिंह
(iv) नायक सुगन सिंह - नागौर
(v) नायक दिगेन्द्र सिंह परसवाल - सीकर
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: दिए गए सभी पाँचों शूरवीरों को उनके अदम्य साहस और शौर्य के लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।
प्रश्न 369. शांति के समय वीरता दिखलाने के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पदक अशोक चक्र प्राप्त वीर हैं?
(i) हवलदार शम्भूदयाल - 1961
(ii) सूबेदार लालसिंह - 1962
(iii) सूबेदार मानसिंह - 1962
(iv) महेन्द्र सिंह तंवर - 1965
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: शांति काल (Peace time) में विशिष्ट साहस और आत्म-बलिदान के लिए दिए जाने वाले अशोक चक्र से इन सभी वीरों को नवाजा जा चुका है।
प्रश्न 370. राजस्थान के वीर जिन्हें अशोक चक्र प्राप्त नहीं है?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: पी.एन. दत्त, सुल्तान सिंह राठौड़ और सुरेश चन्द्र यादव को अशोक चक्र मिल चुका है। नायक गोकुल सिंह को यह सम्मान प्राप्त नहीं हुआ है।
प्राचीन सभ्यताएं एवं इतिहास - कक्षा 10 स्तर
प्रश्न 371. कालीबंगा के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये-
(i) घग्घर (सरस्वती) नदी के किनारे विकसित।
(ii) 6 हजार वर्ष से अधिक प्राचीन सभ्यता स्थल।
(iii) खुदाई से प्राप्त काली चूड़ियों के कारण कालीबंगा नाम पड़ा है, पंजाबी भाषा में बंगा का अर्थ चूड़ी होता है।
(iv) कालीबंगा की खोज 1952 ई. में अमलानन्द घोष ने की थी।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: कालीबंगा (हनुमानगढ़) घग्घर नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता स्थल है। इसकी खोज 1952 में अमलानंद घोष द्वारा की गई थी। इसके सभी कथन सत्य हैं।
प्रश्न 372. कालीबंगा का उत्खनन बी.बी. लाल एवं बी.के. थापर द्वारा कब किया गया?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1961-62 ई. में बी.बी. लाल (ब्रजवासी लाल) और बी.के. थापर (बालकृष्ण थापर) के निर्देशन में कालीबंगा का विस्तृत उत्खनन कार्य सम्पन्न हुआ।
प्रश्न 373. कालीबंगा के उत्खनन से कितने स्तर मिले हैं?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: कालीबंगा के उत्खनन में कुल 5 स्तर (Levels) प्राप्त हुए हैं, जिनमें से पहले दो स्तर प्राक्-हड़प्पाकालीन और शेष तीन स्तर हड़प्पाकालीन हैं।
प्रश्न 374. कालीबंगा से किये गए उत्खनन से प्राप्त कितने स्तर हड़प्पा पूर्व (प्राक्-हड़प्पा) से सम्बन्धित हैं?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: कालीबंगा के प्रथम और द्वितीय स्तर प्राक्-हड़प्पा (हड़प्पा सभ्यता से भी प्राचीन) सभ्यता के प्रमाण देते हैं।
प्रश्न 375. कालीबंगा से किये गए उत्खनन से प्राप्त कितने स्तर हड़प्पा कालीन हैं?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: उत्खनन के तीसरे, चौथे और पांचवें (कुल 3) स्तर हड़प्पा कालीन सभ्यता के समकालीन माने गए हैं।
प्रश्न 376. मकान बनाने में धूप में सुखाकर पकाई गई ईंटों का प्रयोग होता था?
(i) कालीबंगा
(ii) आहड़
(iii) गणेश्वर
(iv) सुनारी
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: कालीबंगा और आहड़ सभ्यता दोनों में मकान बनाने के लिए मुख्य रूप से कच्ची ईंटों (धूप में सुखाई गई) और पत्थरों का प्रयोग किया जाता था।
प्रश्न 377. ------------ के उत्खनन से प्राप्त मिट्टी के बर्तन एवं उनके अवशेष पतले और हल्के थे, उनमें सुन्दरता व सुडौलता का अभाव था?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: कालीबंगा के प्रारंभिक स्तर (प्राक्-हड़प्पा) से जो मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं, वे काफी हल्के, पतले और कम सुडौल हैं।
प्रश्न 378. ------------ से प्राप्त मृद्भाण्ड लाल रंग के थे जिन पर काली एवं सफेद रंग की रेखाएं खींची गई थी?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: कालीबंगा सभ्यता के बर्तनों पर लाल धरातल पर काले और सफेद रंग से ज्यामितीय और अन्य रेखांकन किया गया है।
प्रश्न 379. कालीबंगा से प्राप्त साक्ष्य हैं?
(i) खिलौना बैलगाड़ी
(ii) हवनकुण्ड
(iii) लकड़ी की नाली
(iv) बेलनाकार मुहर
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: कालीबंगा से पल्ले वाले किवाड़, खिलौना बैलगाड़ी, अग्नि वेदिकाएं (हवनकुण्ड), लकड़ी की नालियां, और मेसोपोटामिया के समान बेलनाकार मुहरें प्राप्त हुई हैं।
प्रश्न 380. कालीबंगा से एक बालक का कंकाल मिला है जिसकी खोपड़ी में ---------- छिद्र मिले हैं जिसे मस्तिष्क शोध (शल्य चिकित्सा) बीमारी के इलाज का प्रमाण माना जाता है।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: यहाँ एक बच्चे के कंकाल की खोपड़ी में 6 छिद्र (Holes) मिले हैं, जो विश्व में प्राचीन शल्य चिकित्सा (Trepanation) का अद्भुत प्रमाण है।
प्रश्न 381. कालीबंगा से सम्बन्धित साक्ष्य हैं?
(i) जुते हुए खेत
(ii) दोहरी फसलें
(iii) भूकम्प
(iv) शल्य चिकित्सा
(v) कब्रिस्तान
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: कालीबंगा से विश्व के सबसे प्राचीन जुते हुए खेत (Grid pattern), एक साथ दो फसलें (चना और सरसों) उगाने, भूकम्प के सबसे प्राचीन प्रमाण, शल्य चिकित्सा और 3 प्रकार की शवाधान (कब्रिस्तान) विधियों के साक्ष्य मिले हैं।
प्रश्न 382. --------------- के उत्खनन से प्राप्त ठप्पों से यहाँ रंगाई-छपाई व्यवसाय के उन्नत होने का अनुमान लगाया जाता है।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: आहड़ सभ्यता (उदयपुर) के उत्खनन से रंगाई-छपाई के ठप्पे (Wooden Blocks) प्राप्त हुए हैं जो इस व्यवसाय के उस समय उन्नत होने का संकेत देते हैं।
प्रश्न 383. --------------- के लोग मृतकों को गहनों व आभूषणों के साथ दफनाते थे, जो मृत्यु के बाद भी जीवन की अवधारणा में विश्वास करते थे।
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: आहड़वासी अपने मृतकों को कपड़ों और आभूषणों के साथ दफनाते थे, जो परलोक की अवधारणा (पुनर्जन्म) में उनके विश्वास को दर्शाता है।
प्रश्न 384. ------------- के उत्खनन में मिट्टी के बर्तन सर्वाधिक मिले हैं जो इसे लाल-काले (कृष्ण-लोहित) मृद्भाण्ड वाली संस्कृति का प्रमुख केन्द्र सिद्ध करते हैं।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: आहड़ से प्रचुर मात्रा में लाल और काले (Black and Red Ware - BRW) मृद्भाण्ड मिले हैं, जिन्हें उलटी तपाई विधि से पकाया जाता था। यह इस संस्कृति की मुख्य विशेषता थी।
प्रश्न 385. किस सभ्यता के लोग धूप में सुखाई गई ईंटों एवं पत्थरों का प्रयोग करते थे?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: आहड़ सभ्यता के लोग अपने मकानों के निर्माण में मुख्य रूप से पत्थरों और धूप में सुखाई गई कच्ची ईंटों का उपयोग करते थे।
प्रश्न 386. किस सभ्यता के लोग आग में पकाई हुई ईंटों का प्रयोग करते थे?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: आहड़ संस्कृति के अन्य स्थल गिलूण्ड (राजसमंद) में पक्की ईंटों (आग में पकाई हुई) के साक्ष्य प्रचुर मात्रा में मिले हैं।
प्रश्न 387. चार हजार वर्ष पुरानी पाषाण धातु युगीन सभ्यता जिसके अवशेष एक टीले के नीचे दबे हुए प्राप्त हुए हैं, जिसे "धूलकोट" कहते हैं?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: उदयपुर स्थित आहड़ सभ्यता लगभग 4000 वर्ष पुरानी है। स्थानीय लोग इस प्राचीन स्थल को 'धूलकोट' (मिट्टी का टीला) के नाम से पुकारते हैं।