राजस्थान सामान्य ज्ञान महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 7

राजस्थान सामान्य ज्ञान महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 7

राजस्थान सामान्य ज्ञान महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 7

राजस्थान का इतिहास एवं कला संस्कृति - महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 7

प्रश्न 311. भरतपुर प्रजामण्डल से सम्बन्धित है?

(i) गोपीलाल यादव
(ii) मास्टर आदित्येन्द्र
(iii) युगल किशोर चतुर्वेदी
(iv) किशन लाल जोशी

  • A. i, ii, iii
  • B. ii, iii, iv
  • C. i, iii
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: गोपीलाल यादव, मास्टर आदित्येन्द्र, युगल किशोर चतुर्वेदी और किशन लाल जोशी—ये सभी भरतपुर प्रजामण्डल के प्रमुख नेता और संस्थापक सदस्य थे। प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में रेवाड़ी में हुई थी।

प्रश्न 312. भरतपुर की 'बृज जन प्रतिनिधि समिति' का नेता किस क्रान्तिकारी को बनाया गया था, इस चुनाव में प्रजा परिषद् ने 27 सीटें जीती थी?

  • A. मास्टर आदित्येन्द्र
  • B. गोपीलाल यादव
  • C. किशनलाल
  • D. युगल किशोर चतुर्वेदी
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: भरतपुर राज्य में हुए चुनावों में प्रजा परिषद् ने भारी सफलता प्राप्त की और 27 सीटें जीतकर युगल किशोर चतुर्वेदी ('राजस्थान का नेहरू') को बृज जन प्रतिनिधि समिति का नेता चुना।

प्रश्न 313. तसीमो हत्याकाण्ड का सम्बन्ध किस प्रजामण्डल से है?

  • A. भरतपुर
  • B. धौलपुर
  • C. कोटा
  • D. अलवर
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: तसीमो काण्ड 11 अप्रैल 1947 को धौलपुर रियासत में हुआ था। इसमें तिरंगा फहराते हुए छतरसिंह और पंचमसिंह नामक दो देशभक्त शहीद हो गए थे।

प्रश्न 314. ----------- रियासत में जन चेतना का कार्य स्वामी श्रद्धानन्द ने 1918 में प्रारम्भ किया था?

  • A. भरतपुर
  • B. धौलपुर
  • C. कोटा
  • D. अलवर
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: धौलपुर में 1918 ई. में स्वामी श्रद्धानन्द के आगमन और उनके कार्यों से जन जागृति का सूत्रपात हुआ था।

प्रश्न 315. त्रिलोकचंद माथुर, चिरंजी लाल शर्मा एवं मानसिंह का सम्बन्ध किस प्रजामण्डल से था?

  • A. भरतपुर
  • B. झालावाड़
  • C. मारवाड़
  • D. करौली
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: त्रिलोकचंद माथुर, चिरंजी लाल शर्मा और मानसिंह ने 1938-39 में करौली प्रजामण्डल की स्थापना और संचालन में मुख्य भूमिका निभाई थी।

प्रश्न 316. डूंगरपुर प्रजामण्डल से सम्बन्धित है?

(i) भीखाभाई भील
(ii) हरिदेव जोशी
(iii) गौरी शंकर आचार्य
(iv) शिवलाल कोटड़िया

  • A. ii, iii, iv
  • B. i, ii, iii, iv
  • C. i, iv
  • D. i, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: दिए गए विकल्पों के अनुसार डूंगरपुर प्रजामण्डल से मुख्य रूप से भीखाभाई भील और शिवलाल कोटड़िया (i, iv) सम्बन्धित हैं (हरिदेव जोशी और गौरीशंकर आचार्य अन्य रियासतों की प्रजामण्डलों में अधिक सक्रिय रहे)।

प्रश्न 317. ------------ प्रजामण्डल के संस्थापक अमृतलाल पायक एवं चुन्नीलाल प्रभाकर थे।

  • A. डूंगरपुर
  • B. सिरोही
  • C. झालावाड़
  • D. प्रतापगढ़
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: 1945 ई. में प्रतापगढ़ प्रजामण्डल की स्थापना अमृतलाल पायक और चुन्नीलाल प्रभाकर के प्रयासों से की गई थी।

प्रश्न 318. ------------ रियासत में सेवा संघ के माध्यम से भोगीलाल पाण्ड्या ने जन जागृति लाने का कार्य किया था।

  • A. डूंगरपुर
  • B. झालावाड़
  • C. प्रतापगढ़
  • D. भरतपुर
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: 'वागड़ के गांधी' भोगीलाल पाण्ड्या ने डूंगरपुर रियासत में 'वागड़ सेवा मंदिर' (सेवा संघ) के माध्यम से आदिवासियों और हरिजनों में जनजागृति का कार्य किया था।

प्रश्न 320. नरेन्द्र मण्डल (Chamber of Princes) की स्थापना कब हुई थी?

  • A. 1922
  • B. 1921
  • C. 1930
  • D. 1920
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: देशी रियासतों के राजाओं के लिए 'नरेन्द्र मण्डल' (Chamber of Princes) की स्थापना 8 फरवरी 1921 को की गई थी। इसके प्रथम चांसलर बीकानेर के महाराजा गंगासिंह थे।

प्रश्न 321. सुमेलित कीजिए-

(A) धौलपुर प्रजामण्डल - (i) कृष्णदत्त पालीवाल
(B) भरतपुर प्रजामण्डल - (ii) गोपीलाल यादव
(C) अलवर प्रजामण्डल - (iii) हरिनारायण शर्मा
(D) जयपुर प्रजामण्डल - (iv) कर्पूरचंद पाटनी

  • A. i, ii, iii, iv
  • B. i, ii, iv, iii
  • C. i, iii, ii, iv
  • D. iv, iii, ii, i
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: ये सभी विकल्प पूर्व से ही सही सुमेलित हैं। धौलपुर - कृष्णदत्त पालीवाल (1936), भरतपुर - गोपीलाल यादव (1938), अलवर - हरिनारायण शर्मा (1938), और जयपुर - कर्पूरचंद पाटनी (1931)।

प्रश्न 322. स्थापना की दृष्टि से प्रजामण्डलों को व्यवस्थित कीजिए-

(i) बूँदी
(ii) हाड़ौती
(iii) बीकानेर
(iv) कोटा

  • A. ii, iii, iv, i
  • B. i, ii, iv, iii
  • C. i, ii, iii, iv
  • D. iv, iii, ii, i
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: सही क्रम: बूँदी (1931), हाड़ौती (1934), बीकानेर (1936), कोटा (1939)।

प्रश्न 323. आजादी के समय राजपूताना में इकाइयाँ थी?

(i) 19 रियासतें
(ii) 3 ठिकाने
(iii) 1 केन्द्र शासित प्रदेश
(iv) 14 परगने

  • A. i, ii
  • B. i, iii
  • C. i, ii, iii
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: स्वतंत्रता प्राप्ति के समय राजपूताना में 19 देशी रियासतें, 3 चीफशिप या ठिकाने (लावा, कुशलगढ़, नीमराणा) और 1 केन्द्र शासित प्रदेश (अजमेर-मेरवाड़ा) विद्यमान थे।

प्रश्न 324. के.एम. मुंशी ----------- रियासत में संवैधानिक सलाहकार थे?

  • A. जयपुर
  • B. मेवाड़
  • C. मारवाड़
  • D. बीकानेर
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: प्रसिद्ध विधिवेत्ता के.एम. मुंशी मेवाड़ (उदयपुर) के महाराणा भूपालसिंह के संवैधानिक सलाहकार थे। इन्होंने ही मेवाड़ का नया संविधान तैयार किया था।

प्रश्न 325. मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह ने 25-26 जून, 1946 को --------- बनाने के उद्देश्य से सम्मेलन बुलाया था।

  • A. राजपूताना संघ
  • B. राजस्थान यूनियन
  • C. हाड़ौती संघ
  • D. राजपूताना यूनियन
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: मेवाड़ के महाराणा भूपालसिंह ने राजस्थान, मालवा और गुजरात के राजाओं को मिलाकर 'राजस्थान यूनियन' (Rajasthan Union) बनाने का असफल प्रयास किया था।

प्रश्न 326. मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह ने उदयपुर में राजस्थान यूनियन गठन हेतु राजाओं को शामिल किया था?

(i) राजपूताना
(ii) गुजरात
(iii) मालवा
(iv) पंजाब

  • A. i
  • B. i, ii
  • C. i, ii, iii
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराणा ने राजपूताना, गुजरात और मालवा (i, ii, iii) के राजाओं को आमंत्रित किया था ताकि रियासतों के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त हो सके।

प्रश्न 327. मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह ने उदयपुर में राजस्थान यूनियन बनाने हेतु सम्मेलन बुलाया था जिसमें ------------ राजाओं ने भाग लिया था। कुल तीन प्रयास किये थे।

  • A. 4
  • B. 11
  • C. 22
  • D. 38
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 25-26 जून 1946 को उदयपुर में आयोजित इस वृहत सम्मेलन में राजपूताना, गुजरात व मालवा के कुल 22 राजाओं ने भाग लिया था।

प्रश्न 328. जयपुर महाराजा मानसिंह के समय दीवान ------------ थे।

  • A. टी.वी. राघवाचार्य
  • B. टी.टी. कृष्णामचारी
  • C. वी.टी. कृष्णामचारी
  • D. टी. गोविन्दाचार्य
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय के समय सर वी.टी. कृष्णामाचारी (V.T. Krishnamachari) जयपुर रियासत के दीवान थे, जो बाद में संविधान सभा के सदस्य भी बने।

प्रश्न 329. ----------------- रियासत के महाराजा ने राजाओं का सम्मेलन बुलाकर प्रस्ताव रखा कि हाईकोर्ट, उच्च शिक्षा एवं पुलिस विषय संघ को सौंप दिये जाएं और शेष विषय इकाइयों के पास रहे?

  • A. भरतपुर
  • B. जयपुर
  • C. मारवाड़
  • D. बीकानेर
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जयपुर के महाराजा (सवाई मानसिंह द्वितीय) ने यह प्रस्ताव रखा था कि रियासतों का एक संघ बने जिसमें उच्च न्यायालय, उच्च शिक्षा और पुलिस संघ (Center) के अधीन हों।

प्रश्न 330. मत्स्य संघ में शामिल रियासतें थी?

(i) अलवर
(ii) भरतपुर
(iii) करौली
(iv) धौलपुर

  • A. i, ii, iii
  • B. ii, iii, iv
  • C. i, ii, iii, iv
  • D. i, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: राजस्थान एकीकरण के प्रथम चरण 'मत्स्य संघ' (18 मार्च 1948) में अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली (ABCD) 4 रियासतें एवं नीमराणा ठिकाना शामिल था।

प्रश्न 331. मत्स्य संघ (18 मार्च, 1948) के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये-

(i) उद्घाटनकर्ता - एन.वी. गाडगिल
(ii) राजप्रमुख - महाराजा उदयभान सिंह (धौलपुर)
(iii) उपराजप्रमुख - महाराजा गणेश देवपाल (करौली)
(iv) प्रधानमंत्री - शोभाराम कुमावत (अलवर)

  • A. i, ii, iii
  • B. i, iii, iv
  • C. ii, iii, iv
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। मत्स्य संघ का उद्घाटन भरतपुर के लोहागढ़ किले में एन.वी. गाडगिल द्वारा किया गया था।

प्रश्न 333. राजस्थान संघ (25 मार्च, 1948) में शामिल रियासतें थी?

(i) शाहपुरा, किशनगढ़
(ii) प्रतापगढ़, बांसवाड़ा
(iii) टोंक, डूंगरपुर
(iv) झालावाड़, बूँदी

  • A. i, ii, iii
  • B. i, iv
  • C. ii, iii, iv
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: एकीकरण के दूसरे चरण (पूर्व राजस्थान / राजस्थान संघ) में 9 रियासतें शामिल थीं: बाँसवाड़ा, बूँदी, झालावाड़, डूंगरपुर, कोटा, प्रतापगढ़, टोंक, किशनगढ़, शाहपुरा तथा कुशलगढ़ ठिकाना।

प्रश्न 334. ------------- रियासत के शासक चन्द्रवीर सिंह ने विलय पत्र (कोवेनेंट) पर हस्ताक्षर करते हुए कहा "मैं अपने डेथ वारण्ट पर हस्ताक्षर कर रहा हूँ।"

  • A. डूंगरपुर
  • B. बांसवाड़ा
  • C. बूँदी
  • D. शाहपुरा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: बांसवाड़ा के महारावल चंद्रवीर सिंह ने 25 मार्च 1948 को राजस्थान संघ में विलय के समय विलय पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए यह ऐतिहासिक कथन कहा था।

प्रश्न 335. 14 जनवरी, 1949 को सरदार पटेल ने ----------- में एक विशाल सभा में वृहद् राजस्थान के गठन की घोषणा की।

  • A. जयपुर
  • B. उदयपुर
  • C. दिल्ली
  • D. कोटा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 14 जनवरी 1949 को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 'उदयपुर' की एक विशाल जनसभा में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर रियासतों के विलय (वृहद् राजस्थान) की सार्वजनिक घोषणा की थी।

प्रश्न 336. जयपुर एवं जोधपुर के मध्य राजधानी विवाद को सुलझाने हेतु गठित बी.आर. पटेल कमेटी की सिफारिश पर जयपुर को राजधानी बनाया गया था, इसमें अन्य विभाग स्थापित किये गये?

(A) हाईकोर्ट - (i) कोटा
(B) शिक्षा विभाग - (ii) उदयपुर
(C) खनिज और कस्टम-एक्साइज विभाग - (iii) बीकानेर
(D) वन एवं सहकारी विभाग - (iv) जोधपुर
(E) कृषि विभाग - (v) भरतपुर

  • A. i, ii, iii, iv, v
  • B. v, iv, iii, ii, i
  • C. iv, iii, ii, i, v
  • D. iv, iii, ii, v, i
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: पी. सत्यनारायण राव (या बी.आर. पटेल) समिति की सिफारिश पर: हाईकोर्ट-जोधपुर(iv), शिक्षा-बीकानेर(iii), खनिज/कस्टम-उदयपुर(ii), वन/सहकारी-कोटा(i), कृषि-भरतपुर(v) को सौंपे गए।

प्रश्न 337. मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह की मांग के अनुसार प्रिवीपर्स राशि दी गई थी?

(i) 10 लाख प्रिवीपर्स
(ii) 5 लाख राजप्रमुख पद का भत्ता
(iii) 5 लाख मेवाड़ के धार्मिक कार्यों खर्च हेतु
(iv) 20 लाख प्रिवीपर्स

  • A. i, ii
  • B. i, iii
  • C. i, ii, iii
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराणा भूपालसिंह को कुल 20 लाख रुपये वार्षिक देना तय हुआ, जिसे 10 लाख प्रिवीपर्स, 5 लाख राजप्रमुख भत्ते और 5 लाख धार्मिक कार्यों (कुल 20 लाख) के रूप में विभाजित किया गया था।

प्रश्न 338. संयुक्त राज्य का मंत्रिमण्डल कितने समय तक अस्तित्व में रहा था?

  • A. 4 माह
  • B. 11 माह
  • C. गठन नहीं हुआ
  • D. 6 माह
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: संयुक्त राजस्थान (तृतीय चरण, माणिक्यलाल वर्मा के नेतृत्व में) का मंत्रिमंडल लगभग 11 माह तक अस्तित्व में रहा (18 अप्रैल 1948 से 30 मार्च 1949 तक)। (नोट: विकल्प B को उत्तर कुंजी में 11 माह माना गया है)।

प्रश्न 341. एकीकरण के चरणों के गठन के सम्बन्ध में असत्य बताइये-

  • A. मत्स्य संघ - 18 मार्च, 1948
  • B. राजस्थान संघ - 25 मार्च, 1948
  • C. संयुक्त वृहद् राजस्थान - 18 अप्रैल, 1948
  • D. वृहद् राजस्थान - 30 मार्च, 1949
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: संयुक्त वृहद् राजस्थान (5वाँ चरण) का गठन 18 अप्रैल 1948 को नहीं, बल्कि 15 मई 1949 को मत्स्य संघ के वृहद् राजस्थान में विलय के साथ हुआ था। 18 अप्रैल 1948 को 'संयुक्त राजस्थान' बना था।

प्रश्न 342. सत्य कथन बताइये-

(i) संयुक्त राज्य राजस्थान का गठन 18 अप्रैल, 1948 को हुआ था।
(ii) वर्ष 1948 में तीन चरणों का गठन किया गया था।

  • A. केवल i
  • B. केवल ii
  • C. i और ii दोनों
  • D. कोई नहीं
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: दोनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1948 में एकीकरण के शुरुआती 3 चरण (18 मार्च, 25 मार्च और 18 अप्रैल) सम्पन्न हुए थे।

प्रश्न 343. एकीकरण के चरण एवं शामिल रियासतों के सम्बन्ध में सत्य बताइये-

(i) मत्स्य संघ - 4 रियासतें
(ii) राजस्थान संघ - 9 रियासतें
(iii) संयुक्त राजस्थान संघ - 1 रियासत
(iv) वृहद् राजस्थान संघ - 4 रियासतें

  • A. i, ii, iii
  • B. i, ii, iii, iv
  • C. ii, iii, iv
  • D. i, iv
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: यह मिलान पूर्णतः सत्य है। 1st में (Alwar, Bharatpur, Dholpur, Karauli), 2nd में (Banswara, Bundi, Jhalawar, Dungarpur, Kota, Pratapgarh, Tonk, Kishangarh, Shahpura), 3rd में (Mewar), 4th में (Jaipur, Jodhpur, Bikaner, Jaisalmer) जोड़े गए।

प्रश्न 344. संगत बताइये (एकीकरण के चरण - राजधानी)-

(i) प्रथम चरण - अलवर
(ii) द्वितीय चरण - कोटा
(iii) तृतीय चरण - उदयपुर
(iv) चतुर्थ चरण - जयपुर

  • A. i, ii, iii
  • B. i, iv
  • C. ii, iii, iv
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: सभी सुमेलित हैं। मत्स्य संघ की अलवर, राजस्थान संघ की कोटा, संयुक्त राजस्थान की उदयपुर और वृहद् राजस्थान की राजधानी जयपुर को बनाया गया था।

प्रश्न 345. संगत बताइये (एकीकरण के चरण - उद्घाटनकर्ता)-

(i) प्रथम चरण - एन.वी. गाडगिल
(ii) द्वितीय चरण - एन.वी. गाडगिल
(iii) तृतीय चरण - पं. जवाहर लाल नेहरू
(iv) चतुर्थ चरण - सरदार वल्लभ भाई पटेल

  • A. i, ii, iii
  • B. ii, iii, iv
  • C. i, ii, iii, iv
  • D. कोई नहीं
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: एकीकरण के शुरुआती चार चरणों के उद्घाटनकर्ता का यह मिलान बिल्कुल सही है (Godgil, Godgil, Nehru, Patel)।

प्रश्न 348. सातवें संविधान संशोधन से पूर्व अजमेर-मेरवाड़ा किस श्रेणी का राज्य था?

  • A. A
  • B. B
  • C. C
  • D. D
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: स्वतंत्रता के बाद भारतीय राज्यों को A, B, C, D श्रेणियों में बांटा गया था। अजमेर-मेरवाड़ा एक केंद्र शासित प्रदेश (चीफ कमिश्नर प्रांत) था, अतः यह 'C' (स) श्रेणी का राज्य था।

प्रश्न 349. सातवें संविधान संशोधन से पूर्व राजस्थान किस श्रेणी का राज्य था?

  • A. A
  • B. B
  • C. C
  • D. D
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजस्थान रियासतों के एकीकरण से बना हुआ राज्य था, इसलिए इसे 7वें संविधान संशोधन (1956) से पूर्व 'B' (ख) श्रेणी के राज्यों में रखा गया था, जिनके प्रमुख राजप्रमुख होते थे।

प्रश्न 350. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् की राजपूताना प्रान्तीय सभा के महामंत्री ------------ ने 10 अप्रैल, 1948 को सरदार वल्लभ भाई पटेल को पत्र लिखा कि "यह जानकर प्रसन्नता हुई कि उदयपुर संयुक्त राजस्थान में शामिल हो रहा है इससे सिरोही का राजस्थान के साथ मिलना और आसान होगा।"

  • A. गोकुल भाई भट्ट
  • B. हीरालाल शास्त्री
  • C. माणिक्यलाल वर्मा
  • D. मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: यह पत्र अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् की राजपूताना प्रान्तीय सभा के तत्कालीन महामंत्री हीरालाल शास्त्री द्वारा लिखा गया था।

प्रश्न 351. आबू देलवाड़ा को किस समिति की सिफारिश पर राजस्थान के साथ मिलाया गया?

  • A. बी.आर. पटेल
  • B. पी. सत्यनारायण राव
  • C. फजल अली
  • D. शंकरदेव राव
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: राज्य पुनर्गठन आयोग (फजल अली आयोग) की सिफारिश के आधार पर 1 नवम्बर 1956 को आबू-देलवाड़ा (सिरोही का हिस्सा) को बम्बई प्रान्त से निकालकर राजस्थान में मिलाया गया।

प्रश्न 352. किस रियासत का विलय 2 चरणों में हुआ था?

  • A. डूंगरपुर
  • B. सिरोही
  • C. अजमेर
  • D. अलवर
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: सिरोही रियासत का विलय दो चरणों में हुआ था। 6ठे चरण (26 जनवरी 1950) में सिरोही (आबू-देलवाड़ा छोड़कर) मिलाया गया, और 7वें चरण (1 नवम्बर 1956) में आबू-देलवाड़ा को राजस्थान में शामिल किया गया।

प्रश्न 353. अजमेर मेरवाड़ा एवं सुनेल टप्पा का विलय राजस्थान के साथ किस समिति की सिफारिश पर किया?

  • A. राज्य पुनर्गठन अधिनियम
  • B. राज्य पुनर्गठन आयोग
  • C. बी.आर. पटेल समिति
  • D. पी. सत्यनारायण राव समिति
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1 नवम्बर 1956 को अजमेर-मेरवाड़ा और मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सुनेल टप्पा क्षेत्र का राजस्थान में विलय 'फजल अली' की अध्यक्षता वाले 'राज्य पुनर्गठन आयोग' की सिफारिश पर हुआ था।

प्रश्न 354. राजस्थान एकीकरण प्रक्रिया (7 चरण) में कितना समय लगा था?

  • A. 2 वर्ष 11 माह 18 दिन
  • B. 7 वर्ष 8 माह 14 दिन
  • C. 8 वर्ष 7 माह 14 दिन
  • D. 6 वर्ष 11 माह 22 दिन
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: राजस्थान एकीकरण की शुरुआत 18 मार्च 1948 को हुई और यह 1 नवम्बर 1956 को पूर्ण हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में 8 वर्ष, 7 माह और 14 दिन का समय लगा था।

प्रश्न 355. सिरोही का विलय हुआ था?

  • A. वृहद् राजस्थान के साथ
  • B. संयुक्त राजस्थान के साथ
  • C. संयुक्त वृहद् राजस्थान के साथ
  • D. राजस्थान संघ के साथ
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 26 जनवरी 1950 को 6ठे चरण में 'संयुक्त वृहद् राजस्थान' में सिरोही (आबू-देलवाड़ा को छोड़कर) का विलय करके 'राजस्थान संघ' नाम दिया गया था।

प्रश्न 356. किस वर्ष एकीकरण के किसी चरण का गठन नहीं हुआ था?

  • A. 1948
  • B. 1949
  • C. 1954
  • D. 1950
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: एकीकरण के चरण 1948, 1949, 1950 और 1956 में हुए थे। 1954 में एकीकरण का कोई भी चरण घटित नहीं हुआ।

प्रश्न 358. मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह किस वर्ष महाराज प्रमुख बने थे?

  • A. 1948
  • B. 1949
  • C. 1950
  • D. 1952
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 30 मार्च 1949 को वृहद् राजस्थान के निर्माण के समय जयपुर के सवाई मानसिंह द्वितीय को राजप्रमुख और मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह को 'महाराज प्रमुख' का सर्वोच्च पद दिया गया था।

प्रश्न 359. एकीकरण प्रक्रिया में शामिल रियासतों के विलय का सही क्रम है-

(i) शाहपुरा
(ii) उदयपुर
(iii) जैसलमेर
(iv) सिरोही

  • A. i, ii, iii
  • B. ii, iii, iv
  • C. i, iv
  • D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: यह क्रम बिल्कुल सही है: शाहपुरा 2सरे चरण (25 मार्च 1948), उदयपुर 3सरे चरण (18 अप्रैल 1948), जैसलमेर 4थे चरण (30 मार्च 1949) और सिरोही 6ठे चरण (26 जन. 1950) में मिला।

प्रश्न 360. इतिहासकार ------------ के अनुसार "राजस्थान में कोई छोटा सा राज्य भी ऐसा नहीं है जिसमें थर्मोपल्ली जैसी रणभूमि न हो और शायद ही ऐसा कोई नगर ना मिले जहाँ लियोनिडास जैसा वीर पुरुष पैदा नहीं हुआ हो।"

  • A. जी.एच. ओझा
  • B. जैक्सन
  • C. कर्नल जेम्स टॉड
  • D. डी.आर. ट्रिवार्था
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: यह प्रसिद्ध कथन राजस्थान के इतिहास के पितामह कर्नल जेम्स टॉड (Col. James Tod) का है, जो उन्होंने अपनी पुस्तक "एनाल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान" में लिखा है।

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