चन्हूदड़ो के उत्खनन का निर्देशन किसने किया था?
- 1. जे.एच. मैके
- 2. सर जॉन मार्शल
- 3. आई. ई. एम व्हीलर
- 4. सर ऑरेल स्टेन
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: जे.एच. मैके
Explanation
– मोहनजोदड़ो से लगभग 130 किमी. दक्षिण-पूर्व में स्थित चन्हूदड़ो के उत्खनन का निर्देशन जे. एच. मैके ने किया था। – इस सभ्यता स्थल की खोज वर्ष 1935 में एन. जी. मजूमदार ने की थी। उत्खनन से यह जानकारी मिलती है कि यहाँ मनका बनाने का कारखाना तथा भट्ठी थी।
नालियों की व्यवस्था सैन्धव नगरों की विशेषता रही परन्तु किस नगर में नालियों के साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए है?
- 1. धौलावीरा
- 2. कालीबंगा
- 3. हड़प्पा
- 4. बनवाली
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: बनवाली
Explanation
– बनवाली हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। इस स्थल का उत्खनन वर्ष 1973-74 में आर.एस. बिष्ट द्वारा करवाया गया। – बनावली में जल निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था का अभाव है, जो सिन्धु सभ्यता की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता थी।
मौर्य काल में वर्णित भाग एवं बलि थे–
- 1. सैनिक विभाग का प्रमुख
- 2. धार्मिक कार्य करने वाले ब्राह्मण
- 3. राजस्व का स्रोत
- 4. प्रशासकीय विभाग
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: राजस्व का स्रोत
Explanation
– मौर्य काल में भाग एवं बलि राजस्व के स्रोत थे। – कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार, भूमि का मालिक राजा हुआ करता था, वह भूमि से उत्पन्न उत्पादन के एक भाग का अधिकारी था, इसी कर को भाग कहते हैं। – इसी प्रकार बलि भी राजस्व का स्रोत था। अशोक ने अपनी लुम्बिनी यात्रा में भाग (भू - राजस्व की राशि) 1/6 से घटाकर 1/8 कर दी थी तथा बलि को माफ कर दिया था।
गुप्तकाल में किस शासक के सिक्के पर वीणा का अलंकरण देखकर उसके संगीत प्रेमी होने का संकेत है?
- 1. कुमार गुप्त
- 2. स्कन्दगुप्त गुप्त
- 3. समुद्रगुप्
- 4. चन्द्रगुप्त द्वितीय
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: समुद्रगुप्
Explanation
– समुद्रगुप्त को उसकी मुद्राओं पर वीणा बजाते हुए दिखाया गया है जो उसके संगीत के प्रति प्रेम का सूचक है। – इसे कविराज की उपाधि प्रदान की गई है। अपनी विजयों के पश्चात् समुद्रगुप्त ने अश्वमेध यज्ञ किया था तथा पृथिव्या प्रथम वीर की उपाधि ग्रहण की।
सुभाषचन्द्र बोस ने सिंगापुर में 'स्वाधीन भारत की अस्थाई सरकार की स्थापना कब की थी?
- 1. 21 अक्टूबर, 1942
- 2. 21 अक्टूबर, 1943
- 3. 2 जुलाई, 1942
- 4. 2 जुलाई, 1943
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 21 अक्टूबर, 1943
Explanation
– सुभाष चन्द्र बोस 2 जुलाई, 1943 को सिंगापुर पहुँचे। – 5 जुलाई, 1943 को रासबिहारी बोस ने भारतीय स्वतन्त्रता लीग की अध्यक्षता सुभाष चन्द्र बोस को सौंप दी। – 21 अक्टूबर, 1943 को सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से सिंगापुर में स्वतन्त्र भारत की अस्थाई सरकार की स्थापना की।
1857 की क्रांति के समय रानी लक्ष्मीबाई किस अंग्रेज अधिकारी का सामना करते हुए वीरगति को प्राप्त हुई थी?
- 1. ह्यूरोज
- 2. गफ
- 3. नील
- 4. हैवलॉक
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: ह्यूरोज
Explanation
– रानी लक्ष्मीबाई को अंतिम युद्ध में ह्यूरोज से सामना करना पड़ा था। अप्रैल, 1858 को ह्यूरोज ने झाँसी पर पुन: अधिकार कर लिया था। लक्ष्मीबाई की वीरता को देख कर ह्यूरोज को कहना पड़ा कि ‘1857 की क्रांति में लड़ने वाली एक मात्र मर्द लक्ष्मीबाई थीं’।
किस दिन महात्मा गाँधी ने 'दांडी यात्रा' शुरू की थी?
- 1. 12 मार्च, 1930
- 2. 5 अप्रैल, 1929
- 3. 20 मार्च, 1931
- 4. 5 मई, 1932
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 12 मार्च, 1930
Explanation
– महात्मा गाँधी ने 11 सूत्रीय प्रस्ताव रखा, जिस पर सरकार से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने के कारण महात्मा गाँधी ने 'सविनय अवज्ञा आन्दोलन' शुरू करने की धमकी दी, जिसका प्रमुख उद्देश्य 'नमक कानून' को तोड़ना था, क्योंकि अंग्रेजी सरकार ने उस समय नमक पर कर लगा दिया था, जो आम जनता की एक जरूरत थी। 12 मार्च, 1930 को महात्मा गाँधी ने अहमदाबाद में स्थित साबरमती आश्रम से अपने 78 आश्रमवासियों के साथ दाण्डी यात्रा प्रारम्भ की। दाण्डी ग्राम (गुजरात के नौसारी) पहुँचकर महात्मा गाँधी ने 6 अप्रैल, 1930 को समुद्र तट पर सांकेतिक रूप से नमक बनाकर नमक कानून को तोड़ा, इसे 'नमक सत्याग्रह' भी कहा जाता है।
दंतिदुर्ग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कर सही कथन का चयन कीजिए- कथन-1 दंतिदुर्ग ने चालुक्यों पर अरबों के आक्रमण के समय चालुक्यों की सहायता की थी। कथन-2 दंतिदुर्ग ने कीर्तिवर्मन-II को पराजित करने के बाद उज्जैन में हिरण्यगर्भ (महादान) यज्ञ किया।
- 1. कथन 1 सही है।
- 2. कथन 2 सही है।
- 3. कथन 1 व 2 दोनों सही हैं।
- 4. उपर्युक्त में से कोई नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कथन 1 व 2 दोनों सही हैं।
Explanation
– दन्तिदुर्ग ने चालुक्यों पर अरबों के आक्रमण के समय चालुक्यों की सहायता की थी। – दंतिदुर्ग ने कीर्तिवर्मन-II को पराजित करने के बाद उज्जैन में हिरण्यगर्भ (महादान) यज्ञ किया था।
निम्नलिखित में से किस शासक ने "द्रम्म" नामक चाँदी का सिक्का जारी किया था?
- 1. मिहिरभोज-I
- 2. महेन्द्रपाल
- 3. नागभट्ट-II
- 4. वत्सराज
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: मिहिरभोज-I
Explanation
– मिहिरभोज-I ने चाँदी का "द्रम्म" नामक सिक्का प्रचलित किया था। मिहिरभोज-I वैष्णव धर्म का अनुयायी था। – मिहिरभोज-I ने "आदिवराह" की उपाधि धारण की थी।
सूफी शब्द किस भाषा का शब्द है?
- 1. अरबी
- 2. ग्रीक
- 3. लैटिन
- 4. फारसी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अरबी
Explanation
– सूफी शब्द अरबी भाषा का शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘पवित्रता’ होता है। सूफी शब्द “सफा” से बना है, सफा यूनानी भाषा के शब्द “सोफियाँ” का रूपान्तरण है, जिसका अर्थ “रहस्यमयी ज्ञान” होता है।
“अर्थशास्त्र” के संदर्भ में विचार कर सही कथन का चयन कीजिए- कथन-1 - अर्थशास्त्र में चन्द्रगुप्त मौर्य का उल्लेख मिलता है। कथन-2 - अर्थशास्त्र में अकाल का उल्लेख मिलता है।
- 1. कथन-1 सही है।
- 2. कथन-2 सही है।
- 3. कथन-1 व कथन-2 सही हैं।
- 4. न ही कथन-1 व न ही कथन-2 सही है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कथन-2 सही है।
Explanation
1. सम्पूर्ण अर्थशास्त्र में चन्द्रगुप्त मौर्य का उल्लेख नहीं है। 2. अर्थशास्त्र में अकाल का उल्लेख मिलता है।
निम्नलिखित को सुमेलित किजिए- A बाबर I जामा मस्जिद (संभल) B हुमायूँ ii दीन पनाह नगर C शाहजहाँ iii मोती मस्जिद D औरंगजेब iv जामा मस्जिद (दिल्ली)
- 1. A-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)
- 2. A-(i), B-(iv), C-(ii), D-(iii)
- 3. A-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii)
- 4. A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii)
Explanation
– बाबर- जामा मस्जिद संभल (उत्तर प्रदेश) – हुमायूँ- दीन पनाह नगर (दिल्ली) – शाहजहाँ- जामा मस्जिद (दिल्ली) – औरंगजेब- मोती मस्जिद (दिल्ली)
दिल्ली का सुल्तान, जो भारत में नहरों के सबसे बड़े जाल का निर्माण करने के लिए प्रसिद्ध है, वह था –
- 1. इल्तुतमिश
- 2. ग्यासुद्दीन तुगलक
- 3. फिरोजशाह तुगलक
- 4. सिकंदर लोदी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: फिरोजशाह तुगलक
Explanation
- दिल्ली के सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने सिंचाई की सुविधा हेतु पाँच बड़ी नहरों का निर्माण करवाया तथा फलों के 1200 बाग लगवाए व आंतरिक व्यापार को बढ़ाने के लिए अनेक करों को समाप्त कर दिया।
निम्नलिखित में से सम्पूर्ण गुप्तकाल में किन दो शासकों ने ‘अप्रतिरथ’ की उपाधि धारण की थी?
- 1. चन्द्रगुप्त–I व चन्द्रगुप्त–II
- 2. समुद्रगुप्त व चन्द्रगुप्त–II
- 3. चन्द्रगुप्त–I व कुमारगुप्त
- 4. चन्द्रगुप्त–I व समुद्रगुप्त
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: समुद्रगुप्त व चन्द्रगुप्त–II
Explanation
– सम्पूर्ण गुप्त शासकों में केवल – समुद्रगुप्त व चन्द्रगुप्त-II ही ऐसे शासक हैं, जिन्होंने ‘अप्रतिरथ’ की उपाधि धारण की थी।
सुमेलिए कीजिए- शिलालेख स्थान (A) शाहबाजगढ़ी 1. ओडिशा (B) कालसी 2. पाकिस्तान (C) सोपारा 3. महाराष्ट्र (D) धौली 4. उत्तराखण्ड कूट:-
- 1. A-1, B-2, C-3, D-4
- 2. A-2, B-4, C-3, D-1
- 3. A-2, B-3, C-4, D-1
- 4. A-1, B-4, C-3, D-2
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A-2, B-4, C-3, D-1
Explanation
- शाहबाजगढ़ी – पाकिस्तान - कालसी – उत्तराखण्ड - सोपारा – महाराष्ट्र - धौली - ओडिशा
निम्न कथनों पर ध्यान दीजिए तथा नीचे दिए गए सत्य कूट का चयन कीजिए - i. राजग्रह 5 पहाड़ियों से घिरा होने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था। ii. उदायिन तथा अजातशत्रु दोनों पितृहंता थे। iii. उदायिन ने पाटलिपुत्र नगर बसाया। कूट :
- 1. केवल i व ii सत्य हैं।
- 2. केवल i, iii सत्य हैं।
- 3. केवल i सत्य है।
- 4. सभी कथन सत्य हैं।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सभी कथन सत्य हैं।
Explanation
– अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार व उदायिन ने अपने पिता अजातशत्रु की हत्या की, इसलिए दोनों को पितृहन्ता कहा जाता है तथा उदायिन ने पाटलिपुत्र नगर बसाया, जिसे वर्तमान में पटना कहते हैं।
सुमेलित कीजिए- घटना घटना का नाम (A) सिद्धार्थ का ग्रह त्याग i. सम्बोधि (B) महात्मा बुद्ध का पहला उपदेश ii. महाधर्म चक्र प्रवर्तन (C) महात्मा बुद्ध की मृत्यु iii. महापरिनिर्वाण (D) महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति iv. महाभिनिष्क्रमण कूट :
- 1. A-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)
- 2. A-(iv), B-(ii), C-(iii), D-(i)
- 3. A-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii)
- 4. A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A-(iv), B-(ii), C-(iii), D-(i)
Explanation
- सिद्धार्थ के गृह त्याग – महाभिनिष्क्रमण - महात्मा बुद्ध का पहला उपदेश – महाधर्म चक्र प्रवर्तन - महात्मा बुद्ध की मृत्यु – महापरिनिर्वाण - महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति - सम्बोधि
बोगजकोई अभिलेख में निम्न में से किस देवता का उल्लेख नहीं मिलता है?
- 1. इन्द्र
- 2. विष्णु
- 3. वरुण
- 4. मित्र
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: विष्णु
Explanation
– 'बोगजकोई अभिलेख' में 4 ऋग्वैदिक आर्य देवता - 1. इन्द्र, 2. वरुण, 3. मित्र, 4. नासत्य (अश्विनी कुमार) का उल्लेख मिलता है। इस अभिलेख की खोज वर्ष 1907 में 'ह्यूगो' के द्वारा किया।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिये : सूची-I (सहायक-नदी) सूची-II (नदी) A. राप्ती i. ब्रह्मपुत्र B. तिस्ता ii. नर्मदा C. हिरण iii. गोदावरी D. पूर्णा iv. घाघरा कूट :
- 1. iv, ii,i ii, i
- 2. i, ii, iii, iv
- 3. iii, i, iv, ii
- 4. iv, i, ii, iii
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: iv, i, ii, iii
Explanation
– घाघरा नदी की प्रमुख सहायक नदियां ये हैं : कुवां, राप्ती, छोटी गंडक, भेरी, सरयू। - गोदावरी की सहायक नदियाँ: प्रवरा, पूर्णा, मंजीरा, पेनगंगा, वर्धा, वैनगंगा, प्राणहिता (वेनगंगा, पेनगंगा, वर्धा का संयुक्त प्रवाह), इंद्रावती, मानेर और साबरी। - नर्मदा : दाहिनी ओर से प्रमुख सहायक नदियाँ हैं- हिरन, तेंदोरी, बरना, कोलार, मान, उरी, हटनी और ओरसांग। · प्रमुख बायीं सहायक नदियाँ हैं- बर्नर, बंजार, शेर, शक्कर, दूधी, तवा, गंजाल, छोटा तवा, कुंडी, गोई और कर्जन। - ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहायक नदियाँ दिबांग, लोहित, सियांग, बुढ़ी दिहिंग, तीस्ता और धनसरी हैं।
कौन-सी एक मानसूनी वर्षा की विशेषता नहीं है?
- 1. दक्षिणी पश्चिमी मानसून से होने वाली वर्षा की प्रकृति मौसमी है।
- 2. मध्य भारत अधिकांशतः लौटते मानसून से वर्षा प्राप्त करता है।
- 3. तटीय क्षेत्र महाद्वीपीय क्षेत्रों से अधिक वर्षा प्राप्त करते हैं।
- 4. जब पूर्वी जेट धारा दक्षिण की ओर सिन्धु गंगा के मैदान की ओर स्थानांतरित होती है, तो मानसून में रूकावट हो जाती है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: मध्य भारत अधिकांशतः लौटते मानसून से वर्षा प्राप्त करता है।
Explanation
- लौटता हुआ मानसून है उत्तर-पूर्वी वायुस्स्रोत जो अक्टूबर माह के बाद हिमालय पर्वतमाला के ओर से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बहती है। यह शीतकालीन ऋतु के मानसून है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बहने के कारण जलीय वाष्पीकरण द्वारा मेघमण्डल भारतीय पूर्वी तट के राज्यों में वृष्टि बादल के प्राकृतिक वातावरण सृष्टि करते हैं। विशेषतः तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जो शीतकालीन मानसून के प्रभाव से अधिक बारिश प्राप्त करता है।
सदाबहार जंगल (वन) ___ में नहीं पाए जाते।
- 1. पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों
- 2. दक्षिण पश्चिम पंजाब, पश्चिमी राजस्थान
- 3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- 4. असम और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दक्षिण पश्चिम पंजाब, पश्चिमी राजस्थान
Explanation
– सदाबहार वनों की स्थितिः भारत में सदाबहार वन, पश्चिमी घाट के पूर्वी और पश्चिमी ढलानों पर पाए जाते हैं। – ये वन, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, पश्चिम बंगाल, और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी पाए जाते हैं। – राजस्थान के सिरोही ज़िले में भी ये वन पाए जाते हैं, ज़्यादातर माउंट आबू की पहाड़ियों पर। – इन वनों में पेड़ों की अर्ध-सदाबहार और कुछ सदाबहार प्रजातियाँ हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (I) : जलोढ़ मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में पोटाश, फॉस्फोरिक एसिड और चूना पाया जाता है, जो गन्ना, धान, गेहूँ और अन्य अनाज और दलहन फसलों के उत्पादन के लिए आदर्श हैं। कथन (II) : जलोढ़ मिट्टी मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन पायी जाती है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
- 1. कथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है।
- 2. कथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है।
- 3. कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
- 4. कथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं।
Explanation
– इस मृदा में चूना, फास्फोरिक अम्ल, नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
मक्का की उन्नत किस्म कौन सी है?
- 1. जया
- 2. कल्याण सोना
- 3. सोनारा
- 4. रतन
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: रतन
Explanation
– रतन मक्का की एक उन्नत किस्म है, जो अधिक उपज देती है।
स्वतंत्रता के पश्चात किस वर्ष में भारत में प्रथम बार जनगणना की गई थी?
- 1. 1947
- 2. 1950
- 3. 1948
- 4. 1951
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1951
Explanation
– आजादी के बाद भारत में पहली जनगणना 1951 में हुई थी।
विशेष आर्थिक क्षेत्र क्या है?
- 1. एक अनूठा क्षेत्र जो उच्च करों और शुल्कों के अधीन है।
- 2. भारत को राजधानी में कुछ संस्थाओं के लिए बनाया गया एक विशेष क्षेत्र।
- 3. प्रति वर्ष 1 करोड़ या उससे अधिक आय वाले लोगों के लिए बनाया गया एक विशेष क्षेत्र।
- 4. विकास का शुल्क मुक्त क्षेत्र और व्यापार, शुल्क और टैरिफ के उद्देश्य से विदेशी क्षेत्र माना जाता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: विकास का शुल्क मुक्त क्षेत्र और व्यापार, शुल्क और टैरिफ के उद्देश्य से विदेशी क्षेत्र माना जाता है।
Explanation
– विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) ऐसे क्षेत्र होते हैं जो आयात-निर्यात व्यापार को बढ़ावा देने के लिए करों और शुल्कों से मुक्त होते हैं। इन्हें आर्थिक विकास और विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से विकसित किया जाता है।
पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में क्या विभाजित करता है?
- 1. घूर्णन अक्ष
- 2. भूमध्य रेखा
- 3. उत्तरी ध्रुव
- 4. दक्षिणी ध्रुव
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: भूमध्य रेखा
Explanation
– भूमध्य रेखा पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में विभाजित करती है। यह रेखा पृथ्वी की सतह पर वह काल्पनिक रेखा है जो पृथ्वी के केंद्र से होकर गुजरती है और सबसे लंबी अक्षांश रेखा है।
पृथ्वी की लंबवत खींची गई काल्पनिक रेखाएँ _____ हैं
- 1. देशांतर रेखा
- 2. दक्षिणी ध्रुव
- 3. अक्षांश
- 4. भूमध्य रेखा
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: देशांतर रेखा
Explanation
– पृथ्वी की लंबवत खींची गई काल्पनिक रेखाएँ देशांतर रेखाएँ होती हैं, जो पृथ्वी के दोनों ध्रुवों से होकर गुजरती हैं और पूर्व-पश्चिम दिशा में विस्तार करती हैं।
निम्नलिखित में से गलत कथन का चयन कीजिए -
- 1. अल नीनो एवं ला नीना एक प्रकार के झंझावात हैं।
- 2. अल नीनो के दौरान तट से दूर पादप-प्लवक कम होते हैं।
- 3. ला नीना के दौरान व्यापारिक हवाएँ सामान्य से अधिक प्रबल होती हैं।
- 4. अल नीनों एवं ला नीना मौसम के प्रतिरूप हैं।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अल नीनो एवं ला नीना एक प्रकार के झंझावात हैं।
Explanation
– अल नीनो और ला नीना झंझावात (तूफान) नहीं, बल्कि प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों से संबंधित मौसम प्रतिरूप (Climate Patterns) हैं, जिन्हें ENSO (El Niño-Southern Oscillation) कहा जाता है। – अल नीनो के दौरान अपवेलिंग (Upwelling) कम हो जाता है, जिससे पोषक तत्वों की आपूर्ति घटती है और पादप-प्लवक (Phytoplankton) की मात्रा कम होती है। – ला नीना में व्यापारिक हवाएँ (Trade Winds) मजबूत होती हैं, जिससे ठंडा पानी सतह पर आता है। – ये वैश्विक मौसम को प्रभावित करने वाले जलवायु प्रतिरूप हैं।
विश्व में सबसे बड़ा महासागर कौन-सा है?
- 1. आर्कटिक महासागर
- 2. प्रशांत महासागर
- 3. हिंद महासागर
- 4. अटलांटिक महासागर
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: प्रशांत महासागर
Explanation
– प्रशांत महासागर का क्षेत्रफल सभी महाद्वीपों के क्षेत्रफल से भी अधिक है। पृथ्वी की सतह के लगभग 30% भाग पर स्थित, प्रशांत महासागर 165,250,000 वर्ग किलोमीटर (63,800,000 वर्ग मील) में फैला हुआ है, जो पृथ्वी के जल सतह का लगभग 46% है।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सह उत्तर का चयन नीचे दिए गए कूट से कीजिए- सूची-I (सर्वोच्च पर्वत शिखर) सूची-II (महाद्वीप) (A) माउन्ट कोज़्स्कीस्ज़को (i) यूरोप (B) माउन्ट मैकिन्ले (ii) अफ्रीका (C) माउन्ट एल्ब्रुस (iii) ऑस्ट्रेलिया (D) माउन्ट किलिमंजारो (iv) उत्तरी अमेरिका कूट -
- 1. (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(ii)
- 2. (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii)
- 3. (A)-(iv), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(i)
- 4. (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(ii), (D)-(i)
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(ii)
Explanation
– माउंट कोसियस्ज़को, ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊँची चोटी है, जो दक्षिण-पूर्वी न्यू साउथ वेल्स में ऑस्ट्रेलियाई आल्प्स के स्नोई पर्वतों में 7310 फ़ीट (2228 मीटर) की ऊँचाई पर स्थित है। – पहले माउंट मैकिनले कहा जाने वाला डेनाली, उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा पर्वत है। – दक्षिण-मध्य अलास्का में स्थित, मैकिनले की चोटी समुद्र तल से 20,310 फीट (6,190 मीटर) ऊपर है, यह सात महाद्वीपों में प्रत्येक के सबसे ऊंचे पर्वतों में - नेपाल के माउंट एवरेस्ट और अर्जेंटीना के एंककैगुआ के बाद तीसरे स्थान पर है। – एल्ब्रुस रूस के काराचाए-चरकस्सिया क्षेत्र में स्थित है और जॉर्जिया की सीमा के काफ़ी नज़दीक है। – तंज़ानिया में अवस्थित माउंट किलिमंजारो अफ्रीका महाद्वीप का सबसे ऊँचा पर्वत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 5,895 मीटर है।
निम्नलिखित में से किसने तिब्बत के पठार के ऊपर प्रचलित वायुमण्डलीय दशाओं तथा मानसून के मध्य सम्बन्ध स्थापित किया था?
- 1. एच. फ्लोहन
- 2. एम.टी. यिन
- 3. हैली
- 4. पी. कोटेश्वरम
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: पी. कोटेश्वरम
Explanation
– भारतीय मानसून के संदर्भ में, तिब्बती पठार पर ऊपरी वायु परिसंचरण और वायुमंडलीय स्थितियों के बीच संबंध स्थापित करने का श्रेय पी. कोटेश्वरम को जाता है।
प्लेनेट मार्स का वायुमण्डल में अधिकतम रूप में शामिल...है।
- 1. हाइड्रोजन
- 2. क्लोरीन
- 3. नाइट्रोजन
- 4. कार्बन-डाई-ऑक्साइड
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कार्बन-डाई-ऑक्साइड
Explanation
– मंगल का वायुमंडल मंगल के चारों ओर गैसों की परत है। यह मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड (95%), आणविक नाइट्रोजन (2.85%), और आर्गन (2%) से बना है।
ओजोन परत पृथ्वी से करीब ऊँचाई पर है-
- 1. 50 किमी.
- 2. 300 किमी.
- 3. 200 किमी.
- 4. 20 किमी.
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 50 किमी.
Explanation
– समताप मण्डल वायु मण्डल की दूसरी परत जो 20 से 50 किलोमीटर तक विस्तृत है। इस मण्डल में तापमान स्थिर रहता है। इसलिए वायुयान चालक यहाँ विमान उड़ाना पसंद करते है। समतापमंडल में लगभग 50 किलोमीटर (सकेन्द्रण 15-35 किमी. तक) तक ओजोन गैस पायी जाती है जिसे ओजोन परत कहा जाता है। ओजोन परत सूर्य से निकलने वाले विनाशकारी रेडिएशन (पराबैंगनी किरणों) से पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा करती है।
अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ का मुख्यालय कहाँ है?
- 1. स्विट्जरलैन्ड
- 2. फ्रांस
- 3. जर्मनी
- 4. कनाडा
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कनाडा
Explanation
– अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ का मुख्यालय मॉन्ट्रियल, कनाडा में है और इसके कार्यकारी कार्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में हैं।
दुनिया की सबसे गहरी खदान कहाँ है?
- 1. भारत
- 2. चीन
- 3. ऑस्ट्रेलिया
- 4. दक्षिण अफ्रीका
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दक्षिण अफ्रीका
Explanation
– दुनिया की सबसे गहरी खदानें दक्षिण अफ्रीका में स्थित हैं। इनमें म्पोनेंग गोल्ड माइन सबसे गहरी खदान है, जो लगभग 4 किलोमीटर की गहराई तक जाती है। यह खदान सोने के खनन के लिए प्रसिद्ध है।
निम्नलिखित में से राजस्थान में मानसून से संबंधित शाखा/शाखाएँ है- 1. पश्चिमी घाट शाखा 2. हिमाचल शाखा 3. छोटा नागपुर शाखा 4. शिवालिक शाखा कूट :
- 1. केवल 1 व 2
- 2. केवल 2 व 4
- 3. केवल 3
- 4. केवल 1, 2 व 4
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 2 व 4
Explanation
– राजस्थान में मानसून सर्वप्रथम हिमाचल शाखा [अरब सागरीय शाखा] से आता है, किंतु इस शाखा के समानान्तर अरावली होने से वर्षा की कम प्राप्ति होती है। – राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा शिवालिक शाखा/उत्तर विशाल मैदान शाखा [बंगाल की खाड़ी की शाखा] से होती है।
निम्नलिखित युग्मों को सुमेलित कीजिए- औद्योगिक संस्थान स्थापना वर्ष A. राजस्थान वित्त निगम 1. 1961 B. राजसीको 2. 1995 C. रीको 3. 1955 D. रूडा 4. 1969 कूट :
- 1. A-1 B-3 C-4 D-2
- 2. A-3 B-1 C-4 D-2
- 3. A-3 B-2 C-1 D-4
- 4. A-2 B-1 C-4 D-3
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A-3 B-1 C-4 D-2
Explanation
– राजस्थान वित्तीय निगम (RFC) का गठन 17 जनवरी 1955 को SFCs अधिनियम, 1951 के अधीन किया गया था। – RFC का मुख्यालय जयपुर में स्थित है। – राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम (RIICO रिको) की स्थापना – 1969, मुख्यालय - जयपुर में – राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (RIICO) राजस्थान सरकार की एक प्रमुख एजेंसी है जिसने राजस्थान के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसका गठन 1969 में किया गया था। – राजस्थान सरकार ने राज्य में ग्रामीण सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष संस्था के रूप में नवंबर 1995 में ग्रामीण गैर-कृषि विकास संस्था (RUDA) की स्थापना की।
राजस्थान के किस क्षेत्र/क्षेत्रों में शुष्क सागवान वन पाए जाते है? 1. वागड़ क्षेत्र 2. अर्द्धशुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र 3. हाड़ौती क्षेत्र 4. मेवाड़ क्षेत्र कूट :
- 1. केवल 1 व 4
- 2. केवल 1 व 2
- 3. केवल 1 व 3
- 4. केवल 2 व 4
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 1 व 3
Explanation
– शुष्क सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित हैं। – उपोष्णकटिबंधीय सदाबहार वन माउंट आबू में पाए जाते हैं। – शुष्क सागवान वन कुल भौगोलिक वनों के 7% है। इन वनों हेतु आवश्यक वर्षा की मात्रा 75 से 110 सेमी. होती है तथा इन वनों में गुलर, महुआ, तेदूं, पलास इत्यादि उल्लेखनीय है।
गंग नहर के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए- 1. इसका निर्माण वर्ष 1927 में बीकानेर महाराजा गंगासिंह जी ने करवाया था। 2. यह राजस्थान की पहली नहर सिंचाई परियोजना थी। नीचे दिए गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए -
- 1. न तो 1 और ना ही 2
- 2. केवल 1
- 3. 1 और 2 दोनों
- 4. केवल 2
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1 और 2 दोनों
Explanation
सुमेलित कीजिए- A. सर्वाधिक महिला साक्षरता 1. उदयपुर B. सर्वाधिक शहरी साक्षरता 2. नागौर C. न्यूनतम ग्रामीण साक्षरता 3. सिरोही D. न्यूनतम शहरी साक्षरता 4. कोटा कूट :
- 1. A-1 B-3 C-4 D-2
- 2. A-3 B-1 C-4 D-2
- 3. A-3 B-2 C-1 D-4
- 4. A-4 B-1 C-3 D-2
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A-4 B-1 C-3 D-2
Explanation
– सर्वाधिक महिला साक्षरता - कोटा [65.9%] – सर्वाधिक शहरी साक्षरता - उदयपुर [87.5%] – न्यूनतम ग्रामीण साक्षरता - सिरोही [49%] – न्यूनतम शहरी साक्षरता - नागौर [70.6%]
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. राजस्थान का अक्षांशीय विस्तार 7°09' तथा देशान्तरीय विस्तार 8°47' है। 2. राजस्थान की उत्तर-दक्षिण लम्बाई 826 किमी. तथा पूर्व-पश्चिम चौड़ाई 869 किमी. है। 3. राजस्थान का सबसे उत्तरी बिन्दु हिन्दुमल कोट (श्रीगंगानगर) है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- 1. केवल 1 और 3
- 2. केवल 2 और 3
- 3. केवल 1 और 2
- 4. 1, 2 और 3
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 1 और 2
Explanation
– राजस्थान 23°03′ से 30°12' उत्तरी अक्षांश तथा 69°30' से 78°17' पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। – इस प्रकार राजस्थान का अक्षांशीय विस्तार 7°09' तथा देशान्तरीय विस्तार 8°47' है। – राजस्थान की उत्तर से दक्षिण तक लम्बाई 826 किमी. तथा पूर्व-पश्चिम चौड़ाई 869 किमी. है। – राजस्थान का सबसे उत्तरी बिन्दु कोणा गाँव (श्रीगंगानगर) तथा सबसे दक्षिणी बिन्दु बोरकुण्ड (कुशलगढ़, बाँसवाड़ा) है। – राजस्थान का सबसे पूर्वी बिन्दु सिलान गाँव (राजाखेड़ा, धौलपुर) तथा सबसे पश्चिमी बिन्दु कटरा गाँव (सम, जैसलमेर) है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. गन्ना एक खरीफ फसल है जो मूलतः अफ्रीकी पौधा है। 2. 20-30 डिग्री सेल्सियस तापमान, 120-170 सेंटीमीटर वर्षा गन्ने के लिए उपयुक्त दशाएँ है। 3. राजस्थान में गन्ने का सर्वाधिक क्षेत्रफल व उत्पादन वाला जिला श्रीगंगानगर है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- 1. केवल 1 और 2
- 2. केवल 2 और 3
- 3. केवल 1 और 3
- 4. 1, 2 और 3
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 2 और 3
Explanation
भारत में राष्ट्रीय आय के जन्मदाता कौन है ?
- 1. पी.सी. महालनोबिस
- 2. दादा भाई नौरोजी
- 3. फिण्डले गिराज
- 4. उपर्युक्त कोई नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दादा भाई नौरोजी
Explanation
– भारत में सबसे पहले 1868 ई. में दादा भाई नौरोजी ने राष्ट्रीय आय के अनुमान लगाए थे। इन्होंने अपनी पुस्तक 'Poverty & Un- British rule in india' में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय रू. 20 बताई । प्रो. वी.के.आर.वी. राव ने वैज्ञानिक विधि से राष्ट्रीय आय की गणना की थी ।
असुमेलित को छाँटिए-
- 1. GDP = GNP = NFIA
- 2. GNP = GDP = + (X - M)
- 3. NNPFC = GDPFC + NFIA - D
- 4. FC = MP + Ti - Sg
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: FC = MP + Ti - Sg
Explanation
– GDP (सकल राष्ट्रीय उत्पाद) एक वर्ष में देश की सीमा के अन्दर तैयार वस्तु एवं सेवाओं का मूल्य GDP कहलाता है। - GNP (सकल राष्ट्रीय उत्पाद) – GDP में NFIA शामिल करते हैं। NFIA भारतीयों द्वारा विदेशों से अर्जित तथा विदेशियों द्वारा भारत से कमाई आय का अन्तर होता है। - FC (साधन लागत) MP (बाजार कीमत) – Ti + Sg
संतुलन कीमत किसे कहते हैं-
- 1. कीमत जिसे माँग एवं आपूर्ति से निर्धारित किया जाए।
- 2. कीमत जिसे लागत एवं लाभ से निर्धारित किया जाए।
- 3. कीमत जिसे उत्पादन लागत से निर्धारित किया जाए।
- 4. अधिकतम तय किया गया मूल्य।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कीमत जिसे माँग एवं आपूर्ति से निर्धारित किया जाए।
Explanation
– संतुलन कीमत वह कीमत होती है जहाँ किसी वस्तु की माँग और आपूर्ति बराबर होती हैं। इस बिंदु पर बाजार में कोई अधिशेष (surplus) या अभाव (shortage) नहीं होता। यह मूल्य स्वतंत्र बाजार व्यवस्था में स्वाभाविक रूप से तय होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- 1. राजस्व घाटा : राजस्व घाटा राजस्व व्यय की राजस्व प्राप्तियों पर अधिकता है ।
- 2. राजकोषीय घाटा : राजकोषीय घाटा राजस्व में सरकार के द्वारा किए गए कुल ऋणों एवं अन्य देयताओं के बराबर होता है
- 3. प्राथमिक घाटा : राजकोषीय घाटा + ब्याज भुगतान
- 4. मौद्रिकृत घाटा : केन्द्र सरकार के लिये भारतीय रिजर्व बैंक की निवल साख में होने वाली वृद्धि ।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: प्राथमिक घाटा : राजकोषीय घाटा + ब्याज भुगतान
Explanation
– राजस्व घाटा : राजस्व व्यय – राजस्व प्राप्तियाँ (राजस्व व्यय > राजस्व प्राप्तियाँ) – राजकोषीय घाटा = (राजस्व व्यय + पूंजीगत व्यय) – (राजस्व प्राप्तियाँ + उधार छोड़कर पूंजीगत प्राप्तियाँ) – मौद्रिकृत घाटा = भारतीय रिजर्व बैंक के बकाया ट्रेजरी बिलों की शुद्ध वृद्धि + सरकार की बाजार उधार में रिजर्व बैंक का योगदान।
भारत के केंद्रीय बजट में राजकोषीय घाटे का तात्पर्य होता है-
- 1. भारतीय रिजर्व बैंक से केंद्र सरकार के उधार में शुद्ध वृद्धि
- 2. चालू खर्च और चालू आय के बीच का अंतर
- 3. राजकोषीय घाटा बताता है कि सरकार को अपने खर्चों को पूरा करने के लिए कितने और पैसों की जरूरत है।
- 4. मुद्रीकृत घाटे और बजटीय घाटे का जोड़।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: राजकोषीय घाटा बताता है कि सरकार को अपने खर्चों को पूरा करने के लिए कितने और पैसों की जरूरत है।
Explanation
– भारत के केंद्रीय बजट में राजकोषीय घाटा बताता है कि सरकार को अपने खर्चों को पूरा करने के लिए कितने और पैसों की जरूरत है। जब बजटीय घाटे में उधार और अन्य देयताओं को जोड़ दिया जाता है, तब राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) प्राप्त होता है। राजकोषीय घाटा बजटीय घाटा उधार और अन्य देयताएं
निम्नलिखित में से कौन-सा अपने प्रभाव में सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक हो सकता है?
- 1. सार्वजनिक ऋण की चुकौती
- 2. बजट घाटे के वित्तीयन के लिए जनता से उधार लेना
- 3. बजट घाटे के वित्तीयन के लिए बैंकों से उधार लेना
- 4. बजट घाटे के वित्तीयन के लिए नई मुद्रा का सृजन करना
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: बजट घाटे के वित्तीयन के लिए नई मुद्रा का सृजन करना
Explanation
– बजट घाटे के वित्तपोषण के लिए नई मुद्रा का सृजन करना मुद्रास्फीति की वृद्धि हेतु सर्वाधिक प्रभावी कारक है, क्योंकि यह बाजार में अधिक मुद्रा आपूर्ति लाता है, जबकि वस्तुओं की आपर्ति की मात्रा पूर्ववत बनी रहती है जिससे अर्थव्यवस्था में उच्च मुद्रास्फीति की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
नीति आयोग द्वारा जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के संदर्भ में असत्य कथन का चुनाव करें -
- 1. इसमें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण – 04 (2015-16) और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण – 5 (2019-20) के आंकड़ों का प्रयोग किया जाता है ।
- 2. भारत में MPI के 03 आयाम और 10 संकेतक है ।
- 3. भारत में बहुआयामी गरीबी वर्ष 2022-23 में 11.28 प्रतिशत रह गई है ।
- 4. इसके अनुसार भारत में सर्वाधिक गरीबी बिहार तथा सबसे कम गरीबी केरल राज्य में है ।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: भारत में MPI के 03 आयाम और 10 संकेतक है ।
Explanation
– भारत में MPI के 03 आयाम और 12 संकेतक है ।
फिलिप्स वक्र किनके मध्य संबंध को व्यक्त करता है?
- 1. मुद्रा विस्फीति एवं बेरोजगारी
- 2. मुद्रास्फीति एवं बेरोजगारी
- 3. मुद्रास्फीति एवं अदृश्य बेरोजगारी
- 4. मुद्रा विस्फीति एवं चक्रीय बेरोजगारी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: मुद्रास्फीति एवं बेरोजगारी
Explanation
– वर्ष 1958 में ए. डब्ल्यू. फिलिप्स ने मुद्रास्फीति दर एवं बेरोजगारी के मध्य अल्पकालिक संबंध की व्याख्या की। उन्होंने अल्पकाल में 'मुद्रास्फीति तथा बेरोजगारी की दर' के बीच एक विलोम संबंध पाया अर्थात यह पाया कि ऊंची स्फीतिकारी दर के साथ बेरोजगारी की दर कम होगी ।
मानव विकास रिपोर्ट (HDR) – 2023-24 के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार करें - 1. इसका शीर्षक “ब्रेकिंग द ग्रिडलॉक : रीइमेजिनिंग को – ऑपरेशन इन ए पोलराइज्ड वर्ड” है । 2. यह मानव विकास रिपोर्ट 2021-22 के निष्कर्षों पर आधारित है । 3. इसमें वैश्विक HDR मूल्य पर पहली बार लगातार 02 साल वृद्धि देखी गई । उपर्युक्त में से असत्य कथन / कथनों का चुनाव करें -
- 1. केवल 1
- 2. केवल 2
- 3. केवल 1 और 3
- 4. केवल 3
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 3
Explanation
– यह मानव रिपोर्ट 2021-22 के निष्कर्षों पर आधारित है जिसमें वैश्विक HDR मूल्य पर पहली बार लगातार 02 साल गिरावट देखी गई ।
मानव विकास सूचकांक 2023-24 के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार करें 1. यह सूचकांक संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा जारी किया गया । 2. इसमें कुल 190 देशों को शामिल किया गया जिसमें भारत की रैंक 136वीं रही । 3. भारत 0.644 के स्कोर के साथ मध्यम मानव विकास श्रेणी में शामिल है । उपर्युक्त में से सही कथनों का चुनाव करें-
- 1. केवल 1 और 2 सही है।
- 2. केवल 2 और 3 सही है।
- 3. केवल 1 और 3 सही है।
- 4. सभी सही है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 1 और 3 सही है।
Explanation
– मानव विकास सूचकांक 2023-24 में कुल 193 देशों को शामिल किया गया, जिसमें भारत को 134वीं रैंक प्राप्त हुई ।
नीति आयोग के प्रथम अध्यक्ष थे-
- 1. डॉ. मनमोहन सिंह
- 2. श्री. नरेंद्र मोदी
- 3. श्री. अरुण जेटली
- 4. श्री. अरविंद पनगढ़िया
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: श्री. नरेंद्र मोदी
Explanation
– नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को की गई और इसके अध्यक्ष पद पर भारत के प्रधानमंत्री स्वतः आसीन होते हैं। नरेंद्र मोदी इसके पहले अध्यक्ष बने।
नीति आयोग के गठन के बाद से अब तक (जुलाई, 2024) कितने व्यक्ति इसके अध्यक्ष पद पर आसीन हुए हैं?
- 1. 1
- 2. 5
- 3. 4
- 4. 2
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1
Explanation
– नीति आयोग का गठन 1 जनवरी, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव के माध्यम से किया गया था। नीति आयोग का अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है। अब तक (जुलाई 2024) नरेंद्र मोदी इसके एकमात्र अध्यक्ष रहे हैं।
किसी वस्तु की माँग में विस्तार व संकुचन के परिवर्तन का कारण होता है-
- 1. वस्तु की इकाई मूल्य
- 2. उपभोक्ता की आय
- 3. उपभोक्ता का स्वाद (टेस्ट)
- 4. क्षेत्र की जलवायु
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: वस्तु की इकाई मूल्य
Explanation
– माँग का विस्तार (Expansion) और संकुचन (Contraction) केवल मूल्य में परिवर्तन के कारण होते हैं, जब अन्य सभी कारक स्थिर (constant) रहते हैं। – जब वस्तु की कीमत घटती है, तो माँग बढ़ती है → माँग में विस्तार – जब वस्तु की कीमत बढ़ती है, तो माँग घटती है → माँग में संकुचन
यदि दो वस्तुएँ पूरक है तो प्रतिलोच मूल्य है-
- 1. शून्य
- 2. सकारात्मक
- 3. नकारात्मक
- 4. काल्पनिक नंबर
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: नकारात्मक
Explanation
– प्रतिलोच मांग (Cross Elasticity of Demand) बताता है कि एक वस्तु की कीमत में परिवर्तन से दूसरी वस्तु की मांग कितनी प्रभावित होती है। – पूरक वस्तुएँ (Complementary Goods) जैसे- चाय और चीनी, कार और पेट्रोल, का संबंध ऐसा होता है कि यदि एक की कीमत बढ़े, तो दूसरी की माँग घट जाती है। – इसलिए, इनका प्रतिलोच मांग गुणांक नकारात्मक (Negative) होता है।
संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के संदर्भ में, एसडीजी 10 निम्न में से कौन-सा है?
- 1. असमानताओं में कमी
- 2. शून्य भूखमरी
- 3. जलवायु कार्रवाई
- 4. उत्कृष्ट कार्य और आर्थिक वृद्धि
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: असमानताओं में कमी
Explanation
विश्व खुशहाली रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें – 1. विश्व खुशहाली की प्रथम रिपोर्ट वर्ष 2012 में जारी की गई जिसकी अध्यक्षता भूटान के प्रधानमंत्री द्वारा की गई । 2. इसका प्रमुख उद्देश्य वैश्विक खुशहाली का मापन करना तथा सदस्य देशों में खुशहाली बढ़ाने संबंधी लोक-नीति निर्माण के लिए एक मार्गदर्शिका उपलब्ध कराना है । 3. वर्ष 2024 में यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र सतत् विकाससमाधान नेटवर्क (UNSDSN) द्वारा जारी की गई है । उपर्युक्त में से असत्य कथन / कथनों का चुनाव करें -
- 1. केवल 2 और 3
- 2. केवल 1
- 3. केवल 1 और 3
- 4. केवल 3
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 3
Explanation
– 2024 से पहले विश्व खुशहाली रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र सतत् विकास समाधान नेटवर्क (UNSDSN) द्वारा जारी की गई थी । लेकिन वर्ष 2024 में यह रिपोर्ट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वेल बीईंग रिसर्च सेंटर द्वारा जारी की गई ।
राजनीति विज्ञान का पारंपरिक अध्ययन किस पर केंद्रित होता है?
- 1. मूल्य आधारित विश्लेषण
- 2. व्यवहारों का वैज्ञानिक अध्ययन
- 3. मात्र आँकड़ों का विश्लेषण
- 4. अर्थव्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: मूल्य आधारित विश्लेषण
Explanation
– पारंपरिक परिप्रेक्ष्य मुख्यतः राजनीतिक विचारों, संस्थाओं और आदर्शों जैसे कि राज्य, सरकार, न्याय, स्वतंत्रता, और अधिकारों पर सिद्धांतात्मक, नैतिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से विचार करता है।
'संप्रभुता' का अर्थ है –
- 1. धर्म का पालन
- 2. दूसरों पर शासन करना
- 3. सर्वोच्च और अंतिम अधिकार
- 4. विधायिका की शक्ति
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सर्वोच्च और अंतिम अधिकार
Explanation
– संप्रभुता (Sovereignty) राज्य की वह शक्ति है जो देश के भीतर सर्वोच्च और अंतिम अधिकार रखती है। यह आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार की होती है।
निम्न में से कौन सी भारतीय संविधान की एक मुख्य विशेषता नहीं है?
- 1. सबसे लंबा लिखित संविधान
- 2. दोहरी नागरिकता
- 3. एकीकृत और स्वतन्त्र न्यायपालिका
- 4. सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दोहरी नागरिकता
Explanation
– भारत में दोहरी नागरिकता की व्यवस्था नहीं है। भारत का संविधान नागरिकों को केवल भारतीय नागरिकता प्रदान करता है।
'भारत की प्रभुता और अखंडता' शब्दावली को भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (2) में निम्नांकित में से कौन-से संशोधन अधिनियम द्वारा अन्तःस्थापित किया गया?
- 1. 42वें
- 2. 44वें
- 3. 17वें
- 4. 16वें
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 16वें
Explanation
– भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (2) में 'भारत की प्रभुता और अखंडता' शब्दावली को संविधान (सोलहवां संशोधन) अधिनियम, 1963 के ज़रिए जोड़ा गया था।
राज्य नीति के निर्देशक तत्त्वों के संबंध में, सूची-1 का सूची-2 से मिलान कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए सूची-1 सूची-2 (A) निर्धन को निःशुल्क कानूनी सहायता (I) 86वां संविधान संशोधन (B) आय असमानता को न्यूनतम करना (II) 44वां संविधान संशोधन (C) सहकारी संघों का स्वैच्छिक निर्माण (III) 42वां संविधान संशोधन (D) प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल (IV) 97वां संविधान संशोधनकूट
- 1. (A)-(II), (B)-(IV), (C)-(I), (D)-(III)
- 2. (A)-(III), (B)-(II), (C)-(IV), (D)-(I)
- 3. (A)-(IV), (B)-(II), (C)-(III), (D)-(I)
- 4. (A)-(I), (B)-(IV), (C)-(II), (D)-(III)
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: (A)-(III), (B)-(II), (C)-(IV), (D)-(I)
Explanation
– 44वाँ संविधान संशोधन, 1977 : इसने धारा 2 को अनुच्छेद 38 में सम्मिलित किया जो घोषित करता है कि "राज्य विशेष रूप से आय में आर्थिक असमानताओं को कम करने और व्यक्तियों के बीच नहीं बल्कि समूहों के बीच स्थिति, सुविधाओं एवं अवसरों संबंधी असमानताओं को खत्म करने का प्रयास करेगा।" – 42वाँ संविधान संशोधन, 1976 : इसमें नए निर्देश जोड़कर। अनुच्छेद 39A: गरीबों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना। – 86वाँ संशोधन अधिनियम, 2002 : अनुच्छेद 45 के विषयवस्तु को परिवर्तित किया। संशोधित निर्देश के अनुसार राज्य को सभी बच्चों के लिए छह वर्ष की आयु पूरी होने तक पूर्व-प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता रखता है। – 97वाँ संशोधन अधिनियम, 2011 : अनुच्छेद 43B - सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक नियंत्रण और व्यावसायिक प्रबंधन को बढ़ावा देना।
निम्न में से कौन स्वर्णसिंह समिति (1976) के सदस्य रहे हैं? 1. ए. आर. अन्तुले 2. एस. एस. राय 3. हरिदेव जोशी 4. सी. एम. स्टीफन
- 1. 1, 2, 3 और 4
- 2. 1, 2 और 3
- 3. 1, 2 और 4
- 4. 2, 3 और 4
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1, 2 और 4
Explanation
– सरदार स्वर्ण सिंह (अध्यक्ष), एस.एस. राय, वी.एन. गाडगिल, बी.एन. बनर्जी, दिनेश गोस्वामी, डी.पी. सिंह, सी.एम. स्टीफ़न, एच.आर. गोखले, रजनी पटेल, वी.ए. सईद मुहम्मद, एआर अंतुले, वसंत साठे।
भारत के संविधान का कौन-सा संविधान संशोधन अधिनियम, राजस्थान मंत्री परिषद के आकार को सीमित करता है?
- 1. संविधान (95वां संशोधन) अधिनियम, 2009
- 2. संविधान (75वां संशोधन) अधिनियम, 1993
- 3. संविधान (89वां संशोधन) अधिनियम, 2003
- 4. संविधान (91वां संशोधन) अधिनियम, 2003
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: संविधान (91वां संशोधन) अधिनियम, 2003
Explanation
– 91 वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा संविधान के अनुच्छेद 75(1) (क) में उपबन्धित किया गया कि मंत्रिपरिषद् में मंत्रियों की कुल संख्या, जिसमें प्रधानमंत्री भी शामिल है, लोकसभा के सदस्यों के कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत (543 में से 81 सदस्य प्रधानमंत्री सहित) से अधिक नहीं होगी। केन्द्र में यह लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत तथा अन्य बड़े राज्यों में यह सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत होगी। जबकि छोटे राज्यों में मंत्रिपरिषद् की न्यूनतम संख्या 12 होगी, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. धारा 88 को संशोधित कर ग्राम सेवक के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी अभीव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया। 2. राजस्थान की प्रथम नगरपालिका माउण्ट आबू में स्थापित की गई थी। सही उत्तर का चयन कीजिए-
- 1. केवल 1
- 2. केवल 2
- 3. 1 और 2 दोनों
- 4. न तो 1 और न ही 2
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 2
Explanation
– राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 89 को संशोधित कर ग्राम सेवक के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी अभीव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया। – राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार प्रत्येक पंचायत के लिए एक सचिव या पंचायतों के किसी समूह के लिए पंचायत सचिव होगा। – सन् 1864 में राजस्थान की प्रथम नगरपालिका माउण्ट आबू में स्थापित कि गई, इसके बाद अजमेर, ब्यावर तथा जयपुर में स्थापित की गई। (इन सभी में प्रतिनिधि सरकारी अधिकारी ही थे, जनभागीदारी शामिल नही थे।) – भारत में सर्वप्रथम 1687 में मद्रास में नगर निगम की स्थापना की गई। इसके पश्चात् सन् 1726 में बम्बई और कलकत्ता में भी नगर निगम स्थापित किए गए।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. राज्य की विधानपरिषद् के सदस्यों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के दो तिहाई (2/3) से अधिक नहीं होगी। 2. विधानपरिषद् का कोरम/गणपूर्ति कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग होता है। सही उत्तर का चयन कीजिए-
- 1. केवल 1
- 2. केवल 2
- 3. 1 और 2 दोनों
- 4. न तो 1 और न ही 2
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 2
Explanation
– विधान परिषद् वाले राज्य की विधानपरिषद् के सदस्यों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के एक तिहाई (1/3) से अधिक नहीं होगी और किसी भी दशा में 40 से कम नहीं होगी। – यदि राजस्थान में विधानपरिषद् का गठन होता है, तो अधिकतम सदस्य 66 और न्यूनतम सदस्य 40 होंगे। – विधानपरिषद् का कोरम/गणपूर्ति - कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग या 10 सदस्य जो भी अधिक हो।
निम्नांकित में से कौन-सी राष्ट्रपति के पद के लिए शर्ते हैं? 1. वह भारत का नागरिक है। 2. वह पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका है। 3. वह अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा। 4. वह बिना किराया दिए अपने शासकीय निवासों के उपयोग का हकदार होगा। सही विकल्प का चयन कीजिए-
- 1. 1, 2, 3 और 4
- 2. 1, 2 और 3
- 3. केवल 1 और 2
- 4. केवल 3 और 4
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: केवल 3 और 4
Explanation
– अनुच्छेद 59 राष्ट्रपति के पद के लिए शर्ते- (1) राष्ट्रपति न तो संसद के किसी सदन के और न ही राज्य विधानमण्डल के सदस्य होंगे। (2) राष्ट्रपति अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा। (3) राष्ट्रपति के वेतन, भत्ते, संसद, विधि द्वारा अवधारित करती है, जब तक इस प्रकार का उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसी उपलब्धियों, भत्तों व विशेषाधिकारों का, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, हकदार होगा। (4) राष्ट्रपति वेतन भत्ते में पदावधि के दौरान कोई कमी नहीं की जा सकती।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति से सम्बन्धित प्रधानमंत्री के कुछ कर्तव्यों को निर्दिष्ट करता है?
- 1. अनुच्छेद 79
- 2. अनुच्छेद 78
- 3. अनुच्छेद 75
- 4. अनुच्छे 74
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अनुच्छेद 78
Explanation
– अनुच्छेद 78 राष्ट्रपति को जानकारी आदि देने के संबंध में प्रधानमंत्री के कर्तव्य (क) संघ के कार्यकलाप के प्रशासन संबंधी और कानून निर्माण से सम्बन्धित मंत्रि-परिषद् के सभी निर्णयों को राष्ट्रपति को संसूचित करे। (ख) संघ के प्रशासन और कानून निर्माण संबंधी प्रस्तावों के बारे में राष्ट्रपति को ऐसी सूचना देना जिसे वह मांगे। (ग) यदि राष्ट्रपति चाहे तो मंत्रि-परिषद् के सम्मुख विचारार्थ ऐसे विषय को रख सकते है जिस पर मंत्री ने विनिश्चय किया हो किन्तु मंत्रिपरिषद् ने नहीं।
निम्न में से किसने राज्य सभा के सदस्य रहते हुए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली? 1. श्रीमती इंदिरा गाँधी 2. एच.डी. देवगौड़ा 3. इन्दर कुमार गुजराल 4. मनमोहन सिंह
- 1. 1, 2 और 3
- 2. 1, 3 और 4
- 3. 2, 3 और 4
- 4. 1, 2, 3 और 4
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1, 3 और 4
Explanation
– भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने वाले राज्यसभा सदस्यों में इंदिरा गांधी, एच.डी. देवेगौड़ा, आई.के. गुजराल और मनमोहन सिंह शामिल थे।
कथन (A) : 1978 में मेनका गाँधी केस में न्यायालय के फैसले के बाद से भारत में ‘कानून की उचित प्रक्रिया' के सिद्धांत का अनुकरण किया जा रहा है। कारण (R) : संविधान के अनुच्छेद 14 के राज्य स्वेच्छाचारिता नहीं कर सकता है। सही कूटों का चयन करें-
- 1. (A) और (R) दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) को सही व्याख्या है।
- 2. (A) और (R) दोनों सत्य हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- 3. (A) सत्य है, परन्तु (R) असत्य है।
- 4. (A) असत्य है, परन्तु (R) सत्य है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: (A) और (R) दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) को सही व्याख्या है।
Explanation
– याचिकाकर्ता पर यह साबित करने का भार है कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया जो उसे उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित करती है, मनमानी है। मेनका गांधी मामले के बाद, राज्य पर यह साबित करने का भार आ गया कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया निष्पक्ष, न्यायसंगत और उचित है, मनमानी नहीं। – 'कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया' काफी हद तक 'प्रक्रियात्मक उचित प्रक्रिया' के समानार्थी है जैसा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रचलित है। 'कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया' की व्याख्या विकसित होकर प्रक्रियात्मक उचित प्रक्रिया के पहलुओं को शामिल करती है, जो अमेरिकी अवधारणाओं के समान है। – अनुच्छेद 21, 19 और 14 परस्पर अनन्य नहीं हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने पुष्टि की है कि ये मौलिक अधिकार आपस में जुड़े हुए हैं और अक्सर उनके अनुप्रयोग में एक-दूसरे को काटते हैं। – जीवन का अधिकार में 'गरिमा के साथ जीने का अधिकार' शामिल है। यह सही है। गरिमा के साथ जीने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग माना जाता है।
निम्नलिखित में से कौनसा एक भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय अधिकार क्षेत्र से प्रत्यक्षतया सम्बन्धित है?
- 1. संघ और राज्यों के मध्य विवादों का न्याय निर्णयन
- 2. राज्यों के मध्य विवादों का न्याय निर्णयन
- 3. दीवानी, आपराधिक तथा संवैधानिक मुकदमों की अपीलें
- 4. केवल संवैधानिक मुकदमों में की गई अपीलें
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दीवानी, आपराधिक तथा संवैधानिक मुकदमों की अपीलें
Explanation
– भारत के सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय अधिकार क्षेत्र देश में निचली अदालतों और न्यायाधिकरणों के निर्णयों और आदेशों के खिलाफ अपील की सुनवाई से सीधे संबंधित है। – भारत का सर्वोच्च न्यायालय देश में अपील का सर्वोच्च न्यायालय है और इसका अपीलीय क्षेत्राधिकार इसे दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक मामलों में निचली अदालतों और न्यायाधिकरणों के निर्णयों और आदेशों की समीक्षा और संशोधन करने की अनुमति देता है।
SAARC (दक्षेस) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- 1. नई दिल्ली
- 2. इस्लामाबाद
- 3. काठमांडू
- 4. ढाका
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: काठमांडू
Explanation
गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के सह-संस्थापक थे :
- 1. सी. राजगोपालाचारी
- 2. जवाहर लाल नेहरू
- 3. महात्मा गाँधी
- 4. सरदार पटेल
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: जवाहर लाल नेहरू
Explanation
– गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की स्थापना 1961 में हुई थी, और जवाहरलाल नेहरू, जोसिप ब्रोज़ टीटो और गमाल अब्देल नासिर इसके सह-संस्थापक थे। इसका उद्देश्य शीत युद्ध के दौरान किसी भी सैन्य गुट से जुड़े बिना स्वतंत्र नीति अपनाना था।
लोकतंत्र में किस सिद्धांत की अनुपस्थिति, सत्ता के दुरुपयोग का कारण बनती है?
- 1. समानता
- 2. जवाबदेही
- 3. बहुलवाद
- 4. स्वतंत्रता
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: जवाबदेही
Explanation
– जवाबदेही (Accountability) लोकतंत्र की आत्मा है। यदि शासक उत्तरदायी नहीं हैं, तो वे निजी स्वार्थ और सत्तालोलुपता की ओर झुक सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई थी?
- 1. 24 अक्टूबर, 1945
- 2. 26 जनवरी, 1950
- 3. 10 दिसंबर, 1948
- 4. 15 अगस्त, 1947
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 24 अक्टूबर, 1945
Explanation
– द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शांति बनाए रखने के उद्देश्य से 24 अक्टूबर, 1945 को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई।
फ्रांसिसी क्रांति के समय फ्रांस का राजा कौन था?
- 1. लुई 16 वाँ
- 2. लुई 18 वाँ
- 3. लुई 19 वाँ
- 4. लुई 20 वाँ
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: लुई 19 वाँ
Explanation
– फ्रांसिसी क्रांति (1789-1799) के समय फ्रांस के राजा लुई 16 वाँ थे। उनका शासनकाल अत्यधिक वित्तीय समस्याओं और सामाजिक असंतोष के समय आया, जो क्रांति का कारण बना।
किस घटना से प्रथम विश्व युद्ध भड़क उठा?
- 1. अगाडीर संकट
- 2. मोरक्को संकट
- 3. बोस्निया की राजधानी में फ्रेंज फर्डिनेण्ड की हत्या की घटना
- 4. सर्बिया संकट
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: बोस्निया की राजधानी में फ्रेंज फर्डिनेण्ड की हत्या की घटना
Explanation
– आस्ट्रिया का युवराज फ्रांसिस फर्डिनेण्ड की बोस्निया की सरकारी यात्रा (15वीं एवं 16वीं सेना का वार्षिक निरीक्षण) के समय षड्यंत्रकारियों द्वारा उसकी हत्या (बोस्निया की राजधानी सेराजीओ में सर्वजाति के एक व्यक्ति ने) कर दी (28 जून 1914)। – आस्ट्रिया सरकार ने इसके लिए सर्बिया को दोषी माना और जर्मनी का समर्थन लेकर सर्बिया को चेतावनी दी जिसके उत्तर असन्तोष जनक मानकर आस्ट्रिया ने इसके विरूद्ध युद्ध की घोषणा कर दी।
वरसाइलेस (वर्साय) संधि पर कब हस्ताक्षर किया गया था?
- 1. 1919
- 2. 1819
- 3. 1719
- 4. 1619
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1919
Explanation
– वर्साय की सन्धि: प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात 28 जून, 1919 को वर्साय के राजमहल में ब्रिटेन, फ्रांस व अमरीका ने जर्मनी को एक अपमानजनक संधि पर हस्ताक्षर करने को बाध्य किया गया, अतः यह संधि द्वितीय विश्व युद्ध का प्रधान कारण मानी जाती है।
द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रारम्भ में, जर्मनी ने किस देश पर आक्रमण किया था?
- 1. पोलैण्ड
- 2. फ्राँस
- 3. रूस
- 4. आस्ट्रिया
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: पोलैण्ड
Explanation
– द्वितीय विश्व युद्ध: 1 सितम्बर, 1939 को जर्मनी द्वारा पोलैण्ड पर आक्रमण करने के साथ ही द्वितीय विश्वयुद्ध प्रारम्भ हुआ। – इस युद्ध में जर्मनी, इटली व जापान धुरी राष्ट्र तथा ब्रिटेन, फ्रांस व रूस मित्र राष्ट्र बने। – 7 दिसम्बर, 1941 को हवाई द्वीप स्थित अमरीकी नौसैनिक अड्डे पर्ल हार्बर पर जापानी बमबारी के कारण अमरीका इस युद्ध में शामिल हुआ। – 8 दिसम्बर, 1941 को अमेरिका की काँग्रेस ने जापान के विरुद्ध युद्ध की घोषणा का प्रस्ताव पारित किया। – 6 अगस्त, 1945 को जापान के हिरोशिमा और 9 अगस्त, 1945 को नागासाकी पर अमेरिका की बमबारी के कारण अंततः जापान के 14 अगस्त, 1945 को आत्मसर्मपण किया। – 2 सितम्बर, 1945 को जापान ने आत्मसर्मपण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये।
द्वितीय विश्व युद्ध में जापान ने औपचारिक रूप से कब आत्मसमर्पण किया
- 1. 2 सितम्बर, 1945
- 2. 6 अगस्त, 1945
- 3. 3 सितम्बर, 1949
- 4. 3 सितम्बर, 1939
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 2 सितम्बर, 1945
Explanation
– द्वितीय विश्व युद्ध में जापान ने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण 2 सितम्बर, 1945 को किया था। – यह दिन जापान के आत्मसमर्पण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दिन था, जो युद्ध के अंत का प्रतीक था। – यह घटना यूएसएस मिसूरी (USS Missouri) पर हुई, जो कि एक अमेरिकी युद्धपोत था, और इसमें जापान के प्रतिनिधि और मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। – जापान का आत्मसमर्पण हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमों के हमलों के बाद हुआ था, जो 6 और 9 अगस्त, 1945 को हुए थे। इसके बाद ही युद्ध का अंत हुआ।
मनुष्य है -
- 1. एक सामाजिक प्राणी
- 2. एक जंगली प्राणी
- 3. एक जैविक प्राणी
- 4. एक असामाजिक प्राणी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एक सामाजिक प्राणी
Explanation
– मनुष्य को "सामाजिक प्राणी" कहा जाता है क्योंकि वह अकेले नहीं रह सकता; उसकी आवश्यकताएँ, अस्तित्व और विकास समाज में रहकर ही संभव होते हैं। यह परंपरा अरस्तू के कथन से भी जुड़ी है, जिसमें उन्होंने कहा था – "Man is by nature a social animal."
"समाज सामाजिक संबंधों का जाल है"-
- 1. मैकाइवर
- 2. पेज
- 3. दोनों
- 4. पारसन्स
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दोनों
Explanation
– मैकाइवर और पेज दोनों ने समाज को परिभाषित करते हुए कहा कि यह व्यक्तियों के पारस्परिक संबंधों का जाल है, जो लगातार बदलता और विकसित होता है।
जागीर व्यवस्था के अन्तर्गत निम्न में से कितनी जागीरें थीं?
- 1. 2
- 2. 3
- 3. 4
- 4. 7
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 3
Explanation
– सामान्यतः मध्यकालीन भारत की जागीर प्रणाली में तीन प्रकार की जागीरें होती थीं: 1. पैदावारी (Pargana) – जहां किसानों से ज़मीन-किराया लिया जाता था। 2. इकलावी (Iqta’/Saranjam) – यह खेती और सैनिक सेवाओं के बदले ज़मीन दी जाती थी। 3. मालिकाना (Mulk) – जिसमें पूरा ज़मीन-स्वामित्व और उससे होने वाली आय दाता/सरदार को मिलती थी। इन तीनों श्रेणियों से जागीर प्रथा संचलित होती थी।
एक ऐसी सामाजिक दशा जिसमें सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन होता है तथा अधिकांश लोगों के लिए संकटमूलक होती है तथा जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है?
- 1. सामाजिक प्रतिमान
- 2. गरीबी
- 3. सामाजिक मूल्य
- 4. सामाजिक समस्या
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सामाजिक समस्या
Explanation
– परिभाषा: सामाजिक समस्या वह स्थिति होती है जो समाज के विशाल समूह के मानदंडों का उल्लंघन करती है और सामूहिक स्तर पर चिंता का कारण बनती है। – उदाहरण: गरीबी, नशाखोरी, घरेलू हिंसा — ये सब ऐसी समस्याएँ हैं जो केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर निवारण चाहती हैं।
सामाजिक समस्याओं के दो प्रकार प्रकट व अप्रकट किसने बताये?
- 1. जोन जे. केन
- 2. रेनहार्ट
- 3. मर्टन एवं निस्बेट
- 4. रॉब एवं सेल्जनिक
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: जोन जे. केन
Explanation
– प्रकट (Manifest) समस्या: वह समस्या जिसे हम तत्काल देखते हैं — जैसे प्रदूषण की बढ़ोतरी। – अप्रकट (Latent) समस्या: वह समस्या जो भीतर ही भीतर असर डालती है — जैसे आर्थिक विषमता। – जोन जे. केन ने समाजशास्त्र में इन दोनों को विभाजित कर समस्या की गहराई बताई है।
प्राचीन भारत (वैदिक काल) में सामाजिक स्तरीकरण का आधार था?
- 1. वर्ग
- 2. जाति
- 3. वर्ण
- 4. प्रजाति
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: वर्ण
Explanation
– वैदिक भारत में सामाजिक विभाजन चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) में किया गया था। – यह विभाजन जन्म, कर्म और धार्मिक कर्तव्यों पर आधारित था।
'जाति' का उद्विकास किससे हुआ?
- 1. वर्ण
- 2. वर्ग
- 3. समूह
- 4. इनमें से कोई नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: वर्ण
Explanation
– वर्ण व्यवस्था से ही समय के साथ जातियों का विकास हुआ। – वैदिक वर्णों के अंतर्गत आने वाले उपवर्ग धीरे-धीरे स्थायी जन्माधिकृत जातियों में परिवर्तित हो गए।
समाजशास्त्र का प्रमुख उद्देश्य है-
- 1. समाज को देखना
- 2. समाज को समझना
- 3. समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन
- 4. समाज पर नियंत्रण करना
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: समाज को समझना
Explanation
– समाजशास्त्र का मूल उद्देश्य समाज का वैज्ञानिक व तर्कसंगत अध्ययन करना है। यह समाज के ढांचे, कार्यप्रणाली, व्यवहार, संबंधों और संस्थाओं को समझने का प्रयास करता है। इसका कार्य केवल देखना नहीं बल्कि गहराई से विश्लेषण करना होता है।
औद्योगिक क्रांति का परिणाम है-
- 1. संयुक्त परिवार व समूहवाद/सामुदायिकता
- 2. एकाकी परिवार
- 3. पूंजीवाद व व्यक्तिवाद
- 4. एकाकी परिवार, पूंजीवाद, व्यक्तिवाद
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एकाकी परिवार, पूंजीवाद, व्यक्तिवाद
Explanation
– औद्योगिक क्रांति ने पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं को तोड़ा। इसका असर इस प्रकार हुआ: – संयुक्त परिवार की जगह एकाकी परिवार उभरे। – व्यक्तिवाद का विकास हुआ क्योंकि लोग व्यक्तिगत लाभ व प्रगति पर केंद्रित हो गए। – पूंजीवाद ने उत्पादन व श्रम के नए ढांचे गढ़े।
समाजशास्त्र को व्यवस्थित रूप दिया-
- 1. कोग्टे
- 2. दुर्खीम
- 3. स्पेंसर
- 4. वेबर
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: दुर्खीम
Explanation
– एमिल दुर्खीम ने समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र और व्यवस्थित सामाजिक विज्ञान के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने समाज को एक "सामाजिक तथ्य" (Social Fact) के रूप में देखा जिसे वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषित किया जा सकता है।
किसने आधुनिकीकरण के साथ 'अच्छाई' का मूल्य जोड़ा?
- 1. एम. एन. श्रीनिवास
- 2. योगेन्द्र सिंह
- 3. डेनियल लर्नर
- 4. एस. सी. दुबे
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एम. एन. श्रीनिवास
Explanation
– एम. एन. श्रीनिवास ने भारतीय समाज के संदर्भ में आधुनिकीकरण को केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं बल्कि सामाजिक उन्नति और सकारात्मक मूल्यों से जोड़ा। उन्होंने ‘संस्कृतिकरण’ और ‘पश्चिमीकरण’ की अवधारणाएँ भी दीं।
पश्चिमीकरण को किसने 'मूल्य तटस्थ' अवधारणा माना?
- 1. योगेश अटल
- 2. योगेन्द्र सिंह
- 3. ओ.एम. लिंच
- 4. एम. एन. श्रीनिवास
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एम. एन. श्रीनिवास
Explanation
– श्रीनिवास के अनुसार पश्चिमीकरण कोई अच्छा या बुरा नहीं, बल्कि एक तटस्थ सामाजिक प्रक्रिया है जो केवल सांस्कृतिक बदलाव को दर्शाती है।
राष्ट्रीयता का उदय, नवीन राजनीतिक संस्कृति व नेतृत्व, वैज्ञानिक, औद्योगिक एवं शिक्षण संस्थाओं की स्थापना ये सब पश्चिमीकरण के 'By-Product' है, ऐसी मान्यता है -
- 1. श्रीनिवास
- 2. बी. कुप्पुस्वामी
- 3. योगेन्द्र सिंह
- 4. हैराल्ड गुल्ड
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: योगेन्द्र सिंह
Explanation
– योगेन्द्र सिंह ने पश्चिमीकरण के प्रभावस्वरूप राष्ट्रीय भावना, आधुनिक राजनीतिक संस्कृति, वैज्ञानिक संस्थाएँ व शिक्षा व्यवस्था को उभरता देखा।
वह आर्थिक प्रणाली जहाँ उत्पादन के साधन पर निजी अधिकार होता है तथा जिसका प्रयोग बाजार व्यवस्था में लाभ कमाना है, कहलाती है-
- 1. पूँजीवादी
- 2. समाजवादी
- 3. साम्यवादी
- 4. अराजकतावादी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: पूँजीवादी
Explanation
– पूंजीवाद में निजी व्यक्ति उत्पादन साधनों का स्वामी होता है और उसका मुख्य उद्देश्य लाभ अर्जित करना होता है। इसमें बाजार अर्थव्यवस्था प्रमुख भूमिका निभाती है।
वह अवधारणा जिसमें मजदूरों का अपने श्रम तथा श्रम-उत्पाद पर किसी प्रकार का अधिकार न होने के कारण कार्य के प्रति उनकी रुचि समाप्त होने लगती है, कहलाती है-
- 1. परहितवाद
- 2. अलगाव
- 3. श्रम-विभाजन
- 4. प्रतिमानहीनता
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अलगाव
Explanation
– कार्ल मार्क्स ने ‘अलगाव’ (Alienation) की संकल्पना दी थी, जहाँ मजदूर अपने कार्य, उत्पादन और आत्मा से कट जाता है, जिससे उसमें असंतोष और उदासीनता उत्पन्न होती है।
भारत में प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से वह व्यक्ति गरीब है जिसे पोषण स्तर नहीं मिलता (ग्रामीण क्षेत्र)-
- 1. 2100 कैलोरी
- 2. 2200 कैलोरी
- 3. 2300 कैलोरी
- 4. 2400 कैलोरी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 2400 कैलोरी
Explanation
– Planning Commission के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में व्यक्ति को 2400 कैलोरी/दिन से कम मिलती है तो वह गरीब की श्रेणी में आता है।
शहरी क्षेत्रों हेतु कैलोरी के आधार पर गरीबी का मापदंड है-
- 1. 2100 कैलोरी
- 2. 2200 कैलोरी
- 3. 2300 कैलोरी
- 4. 2400 कैलोरी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 2100 कैलोरी
Explanation
– शहरी क्षेत्रों में शारीरिक श्रम कम होता है, इसलिए वहाँ 2100 कैलोरी/दिन को गरीबी की सीमा मानी जाती है।
निम्न में से किस देवता को ऋत का संरक्षक कहा गया है?
- 1. इन्द्र
- 2. अग्नि
- 3. वरुण
- 4. विश्वकर्मा
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: वरुण
Explanation
– वरुण को वैदिक काल में ऋत का सर्वोच्च संरक्षक और निगरानीकर्ता माना गया है। – उन्हें सत्य और न्याय का देवता भी कहा गया है।
गीता के अनुसार ' स्थितप्रज्ञ ' वह है जो-
- 1. जगत से संन्यास ले लेता है।
- 2. धार्मिक कृत्यों का सम्पादन करता है।
- 3. सफलता और असफलता में समभाव रखता है।
- 4. भोग और शक्ति की इच्छा करता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सफलता और असफलता में समभाव रखता है।
Explanation
– ‘ स्थितप्रज्ञ’ वह योगी होता है जिसकी बुद्धि स्थिर है , जो राग-द्वेष , सुख-दुख , और लाभ-हानि में समभाव रखता है। वह इंद्रिय नियंत्रण और आत्म-स्थित व्यक्ति होता है। – गीता ( 2.56) कहती है: – “ दुःखेष्वनुद्विग्नमना: सुखेषु विगतस्पृहः। वीतरागभयक्रोध: स्थितधीर्मुनिरुच्यते॥
जैन दर्शन में ' पंच महाव्रत ' हैं-
- 1. सत्य, अहिंसा, ज्ञान, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
- 2. धर्म, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
- 3. सत्य, विवेक, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
- 4. सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
Explanation
– जैन धर्म में पंच महाव्रत पांच प्रमुख नैतिक सिद्धांतों का संग्रह होते हैं , जो मुनियों और आचार्यों द्वारा पालन किए जाते हैं। ये महाव्रत जीवन को शुद्ध करने के लिए होते हैं। – सत्य – झूठ न बोलना। – अहिंसा – किसी भी जीवित प्राणी को हानि न पहुँचाना। – अस्तेय – किसी से बिना अनुमति के कुछ न लेना। – अपरिग्रह – संकोच और आंतरिक संपत्ति के प्रति अदृश्य लगाव। – ब्रह्मचर्य – संयमित और शुद्ध जीवन जीना।
जैन दर्शन को नास्तिक इसलिए कहा जाता है -
- 1. वह किसी सत् को नहीं मानता
- 2. वह शब्द को प्रमाण नहीं मानता
- 3. वह वेद को प्रमाण नहीं मानता
- 4. वह आत्मा को नहीं मानता
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: वह वेद को प्रमाण नहीं मानता
Explanation
– जैन धर्म को नास्तिक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह वेदों को अंतिम और सर्वोत्तम प्रमाण नहीं मानता। जैन दर्शन का विश्वास है कि आत्मा और उसकी शुद्धि के लिए वेदों का प्रमाण उपयोगी नहीं है ; इसके बजाय , यह स्वयं के अनुभव और संपूर्ण ज्ञान पर आधारित होता है।
महात्मा बुद्ध किस सिद्धान्त के समर्थक माने गये है?
- 1. शाश्वतवाद
- 2. उच्छेदवाद
- 3. मध्यम मार्ग
- 4. स्याद्वाद
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: मध्यम मार्ग
Explanation
– बुद्ध ने न तो इंद्रिय-सुखों में लिप्त रहने का समर्थन किया और न ही अत्यधिक कठोर तपस्या का। उन्होंने इन दोनों अतियों के बीच का रास्ता बताया जिसे "मध्यम मार्ग" कहते हैं। यही मार्ग आठ अंगों वाला आर्य अष्टांगिक मार्ग है, जो मोक्ष की ओर ले जाता है।
सुकराती पद्धति को लोकप्रिय रूप से जाना जाता है-
- 1. नैतिक विधि
- 2. ट्रान्सेंडेंटल विधि
- 3. प्रसाविका विधि
- 4. गणितीय विधि
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: प्रसाविका विधि
Explanation
सुकरात किस दर्शन का आलोचक माना गया है-
- 1. प्लेटो
- 2. अरस्तू
- 3. सुकरात
- 4. सोफिष्ट
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सोफिष्ट
Explanation
– सोफिस्टों ने सापेक्षवाद और व्यावहारिक सफलता को महत्व दिया। सुकरात ने उनके नैतिक सापेक्षता और सतही तर्क का खंडन किया तथा सत्य और नैतिकता की खोज को प्रमुख माना।
देकार्त के मत में यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति के दो स्त्रोत हैं-
- 1. निगमन एवं शब्द प्रमाण
- 2. सहज ज्ञान एवं निगमन
- 3. सहजज्ञान एवं अनुभव
- 4. निगमन एवं अनुभव
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सहज ज्ञान एवं निगमन
Explanation
– देकार्त्त का मानना था कि यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति दो साधनों से होती है- – सहज ज्ञान (Intuition): सीधे आत्मबोध से प्राप्त स्पष्ट ज्ञान। – निगमन (Deduction): निश्चित और तार्किक ढंग से निष्कर्ष पर पहुँचने की विधि।
स्थूल सुखवाद निम्न में से किसका समर्थन नहीं करता है?
- 1. सुख अंतिम शुभ के रूप में
- 2. सुख के परिमाणात्मक भेद का
- 3. सुख के गुणात्मक भेद का
- 4. सुख नैतिक मापदण्ड के रूप में
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सुख के गुणात्मक भेद का
Explanation
– स्थूल सुखवाद (Bentham का दृष्टिकोण) केवल सुख की मात्रा (Quantity) को मान्यता देता है, गुण (Quality) को नहीं। – मिल ने बाद में गुणात्मक भेद को स्वीकार किया, परंतु स्थूल सुखवादी केवल परिमाणात्मक (Quantitative) भेद पर ज़ोर देते हैं।
सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए और नीचे दिए गए कोड का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए- सूची-I सूची-II (A) स्थूल उपयोगितावाद (I) बैन्थम (B) सुसंस्कृत उपयोगितावाद (II) मिल (C) मुख्य सद्गुण (III) प्लेटो (D) निरपेक्ष आदेश (IV) काण्ट कूटः
- 1. I, II, III, IV
- 2. III, I, IV, II
- 3. II, IV, I, III
- 4. IV, II, III, I
- 5. अनुत्तरित प्रश्
Answer: I, II, III, IV
Explanation
– जेरेमी बेन्थम स्थूल उपयोगितावाद का पक्षधर था, जो मात्र सुख की मात्रा को महत्व देता है। – जे.एस. मिल सुसंस्कृत उपयोगितावाद के समर्थक थे, जो सुख की गुणवत्ता को भी महत्व देते हैं। – प्लेटो ने सद्गुणों (गुणों) की संकल्पना दी, जैसे - बुद्धि, साहस, संयम। – कांट का नैतिक दर्शन "निरपेक्ष आदेश" (Categorical Imperative) पर आधारित है।
काण्ट के अनुसार केवल वही कर्म कर्त्तव्य है, जिसका आधार सिद्धांत -
- 1. सहानुभूति हो
- 2. कर्त्तव्य, कर्त्तव्य के लिए
- 3. सामान्य हित हो
- 4. परिणामों का विचार हो
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: कर्त्तव्य, कर्त्तव्य के लिए
Explanation
कौन सा कथन संकल्प की स्वतंत्रता के साथ सामंजस्यपूर्ण है?
- 1. किसी भी कर्म को करने या ना करने का चुनाव मैं कर सकता हूँ।
- 2. बाह्य परिस्थितियाँ मेरे कर्म के चुनाव को प्रभावित करती हैं।
- 3. जो कुछ भी घटित होता है, वह मेरी नियति है।
- 4. मेरी सामाजिक स्थितियाँ मेरे कर्म के चुनाव को निर्धारित करती हैं।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: किसी भी कर्म को करने या ना करने का चुनाव मैं कर सकता हूँ।
Explanation
दण्ड का कौन-सा सिद्धांत अपराध को सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक समस्या के रुप में स्वीकार करता है?
- 1. निर्वतनवादी
- 2. प्रतिकारवारी
- 3. धर्मशास्त्र
- 4. सुधारवादी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सुधारवादी
Explanation
– सुधारवादी सिद्धांत यह मानता है कि दंड का उद्देश्य अपराधी का सुधार करना होना चाहिए, न कि केवल उसे सजा देना। यह सिद्धांत अपराध को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या के रूप में देखता है और उसे सुधारने के उपायों पर जोर देता है। इस सिद्धांत का उद्देश्य अपराधियों को समाज में पुनः अच्छे नागरिक बनाने के लिए प्रयास करना है।
'सुखकलन' का सिद्धांत प्रस्तुत किया है-
- 1. मिल
- 2. प्लेटो
- 3. कांट
- 4. बेन्थम
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: बेन्थम
Explanation
सुख एवं आनंद एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। यह किसने कहा था?
- 1. बेंथम
- 2. मिल
- 3. सिजविक
- 4. एपिक्यूरस
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: मिल
Explanation
– जॉन स्टुअर्ट मिल ने सुख (Pleasure) और आनंद (Happiness) को लगभग समान अर्थ में प्रयुक्त किया। हालांकि उन्होंने सुखों में गुणात्मक भेद को स्वीकार किया, फिर भी उनके लिए आनंद एक विकसित रूप था।
कार्टीशियन पद्धति से सम्बन्धित दार्शनिक है ?
- 1. देकार्त्त, स्पिनोजा
- 2. स्पिनोजा, देकार्त, कांट
- 3. देकार्त, लाइबनित्ज
- 4. लॉक, देकार्त्त
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: देकार्त्त, स्पिनोजा
Explanation
– "कार्टीशियन" शब्द "Cartesius" (देकार्त्त का लैटिन नाम) से बना है। देकार्त्त ने इस पद्धति की नींव रखी। – स्पिनोजा ने इसे आगे बढ़ाया। – दोनों ने बुद्धिवाद (Rationalism) को अपनाया।
संगमरमर किस प्रकार की चट्टान है?
- 1. आग्रेय
- 2. अवसादी
- 3. रूपांतरित
- 4. इनमें से कोई नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: रूपांतरित
Explanation
– संगमरमर एक रूपांतरित चट्टान (Metamorphic Rock) है। यह कैल्शियम कार्बोनेट (Calcite) या डोलोमाइट (Dolomite) से बनी होती है, जो पहले से मौजूद अवसादी चट्टानों, जैसे कि चूना पत्थर (Limestone), के रूपांतरण से बनती है। – संगमरमर का निर्माण उच्च दबाव और तापमान के कारण होता है, जिससे चट्टान की संरचना और खनिजों में परिवर्तन होता है।
लोक प्रशासन की प्रकृति के बारे में, एल.डी. व्हाइट किस दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं?
- 1. एकीकृत
- 2. प्रबन्धकीय
- 3. संकुचित
- 4. पोस्डकॉर्ब
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एकीकृत
Explanation
इनमें से कौन-सा एक विचार सबसे पुराना माना जाता है?
- 1. लोक प्रशासन एक गतिविधि के रूप में
- 2. लोक प्रशासन एक अध्ययन विषय के रूप में
- 3. लोक प्रशासन एक नीति विज्ञान के रूप में
- 4. लोक प्रशासन सरकार में सुधार लाने के एक उपकरण के रूप में
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: लोक प्रशासन एक गतिविधि के रूप में
Explanation
– लोक प्रशासन मूलतः सरकारी गतिविधियों—सरकारी सेवाओं, नीति क्रियान्वयन आदि—का हिस्सा रहा है। अध्ययन और पॉलिसी विज्ञान के रूप में यह बाद में विकसित हुआ।
किसी अवधि के दौरान लोक प्रशासन का ध्यान मुख्य रूप से संगठन के कुछ सिद्धान्तों की दक्षता और विकास पर था?
- 1. 1887-1926
- 2. 1927-1937
- 3. 1938-1947
- 4. 1948-1970
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 1927-1937
Explanation
पोस्डकॉर्ब (POSDCORB) परिवर्णी शब्द में 'CO' से आशय है :
- 1. सहयोग करना (Cooperating)
- 2. समन्वय करना (Co ordinating)
- 3. संचार करना (Communiticating)
- 4. नियन्त्रण (Controlling)
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: समन्वय करना (Co ordinating)
Explanation
– POSDCORB में: – P = Planning – O = Organizing – S = Staffing – D = Directing – CO = Co-ordinating – R = Reporting – B = Budgeting – 'CO' का अर्थ है विभिन्न विभागों/व्यक्तियों के कार्यों का समन्वय करना, ताकि प्रशासन में दक्षता बनी रहे।
निम्नलिखित कथनों में से गलत कथन का चयन करें-
- 1. लोक प्रशासन राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक आर्थिक परिवर्तन का साधन है।
- 2. लोक प्रशासन राज्य को स्थायित्व प्रदान करता है।
- 3. लोक प्रशासन का उद्देश्य यथास्थिति को बनाये रखना है।
- 4. लोक प्रशासन किसी भी राज्य की शासन व्यवस्था का आधार होता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: लोक प्रशासन का उद्देश्य यथास्थिति को बनाये रखना है।
Explanation
– लोक प्रशासन का उद्देश्य केवल यथास्थिति बनाए रखना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन का माध्यम होता है। यह जनता की भलाई, प्रशासनिक दक्षता, विकास, और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का कार्य करता है।
विकासशील राष्ट्रों में लोक प्रशासन की भूमिका है-
- 1. राष्ट्र के विकासात्मक कार्यों को पूरा करने में
- 2. राष्ट्र निर्माण में
- 3. लोक उद्यमों के प्रबंध एवं संचालन में
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– विकासशील देशों में लोक प्रशासन: – राष्ट्र निर्माण, – विकास कार्यों के निष्पादन, – लोक उद्यमों के प्रबंधन और संचालन जैसे कार्य करता है। - इसका उद्देश्य समावेशी विकास और सक्षम सेवा वितरण सुनिश्चित करना होता है।
निम्न में से कौन-सा टेलर से सम्बद्ध नहीं है?
- 1. समय अध्ययन
- 2. सामाजिक अध्ययन
- 3. गति अध्ययन
- 4. अपवाद का सिद्धांत
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: सामाजिक अध्ययन
Explanation
- एफ.डब्ल्यू. टेलर का प्रमुख योगदान 'वैज्ञानिक प्रबंधन' में था। उन्होंने समय अध्ययन, गति अध्ययन, और अपवाद के सिद्धांतों पर कार्य किया, लेकिन सामाजिक अध्ययन उनसे संबंधित नहीं था। टेलर का फोकस कार्यकुशलता और उत्पादन में सुधार पर था, न कि समाजिक दृष्टिकोण पर।
वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़े किस प्रशासनिक चिंतक ने टास्क और बोनस का सिद्धांत प्रस्तुत किया?
- 1. एच. एल. गेट
- 2. इमरसन
- 3. एम. एल. कुक
- 4. गिलन्ब्रेथ
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एच. एल. गेट
Explanation
राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के तहत, लोकायुक्त को कुछ मामलों में मंत्रियों और लोक सेवकों के खिलाफ आरोपों की जाँच करने का अधिकार है। निम्नलिखित में से कौन-सा विषय उन जाँचों का हिस्सा नहीं है?
- 1. लोक सेवकों द्वारा पहुँचाई गई अकारण हानि या, पीड़ा।
- 2. अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए एक लोक सेवक के रूप में अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग करना।
- 3. महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसा।
- 4. लोक सेवक की हैसियत से भ्रष्टाचार का दोषी होने या पारदर्शिता की कमी से संबंधित हो सकता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसा।
Explanation
– लोकायुक्त संस्थान द्वारा राज्य के मंत्रियों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, लोक सेवकों, जिला परिषदों के प्रमुखों व उप प्रमुखों, पंचायत समितियों के प्रधानों व उप-प्रधानों, जिला परिषदों व पंचायत समितियों की स्थायी समितियों के अध्यक्षों, नगर निगमों के महापौर एवं उप महापौर, स्थानीय प्राधिकरण, नगरपरिषदों, नगरपालिकाओं व नगर विकास न्यासों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों, राजकीय कम्पनियों व निगमों अथवा मण्डलों के अध्यक्षों, अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायतों की जाँच की जाती है। – लोक सेवकों द्वारा किसी को अनुचित हानि या कठिनाई पहुँचाने, अपने या अन्य किसी व्यक्ति के लिए अवैध लाभ प्राप्त करने हेतु लोक सेवक के रूप में अपनी पदीय स्थिति का दुरूपयोग करने व अपने कृत्यों का निर्वहन करने में व्यक्तिगत हित या भ्रष्ट अथवा अनुचित हेतुओं से प्रेरित होने एवं लोक सेवक की हैसियत में भ्रष्टाचार या सच्चरित्रता की कमी का दोषी होने पर इनके विरूद्ध शिकायत की जा सकती है। – पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामले की शिकायत नहीं की जा सकती।
एक आन्तरिक लालसा जो व्यक्ति को कार्य के लिए प्रेरित करती है, उसे कहते हैं-
- 1. अभिप्रेरणा
- 2. मनोबल
- 3. उत्साह
- 4. रुचि
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अभिप्रेरणा
Explanation
– अभिप्रेरणा (Motivation) वह आन्तरिक शक्ति है जो किसी व्यक्ति को कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। यह आन्तरिक या बाह्य कारकों से उत्पन्न हो सकती है, लेकिन यह मुख्य रूप से व्यक्ति की इच्छा, लक्ष्य और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पर निर्भर करती है।
साइमन के अतिरिक्त कौन से विचारक को निर्णय निर्माण प्रक्रिया के एक अर्थपूर्ण विश्लेषण के लिए जाना जाता है?
- 1. फेयोल
- 2. बर्नार्ड
- 3. टेलर
- 4. फोलेट
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: बर्नार्ड
Explanation
– चेस्टर बर्नार्ड को निर्णय निर्माण प्रक्रिया के विश्लेषण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने संगठनात्मक निर्णयों को एक सामूहिक गतिविधि के रूप में देखा और बताया कि निर्णय केवल प्रशासनिक प्राधिकारी से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सामूहिक योगदान से बनाए जाते हैं।
भ्रष्ट लोक सेवकों को संरक्षण और सुरक्षा को शिथिल करते हुए उन पर अभियोग चलाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 को निरसित किए जाने का सुझाव द्वितीय प्रशासिनक सुधार आयोग ने अपने किस प्रतिवेदन में दिया था?
- 1. शासन में नैतिकता के चतुर्थ प्रतिवेदन में
- 2. कार्मिक प्रशासन की स्वच्छता के दशम् प्रतिवेदन में
- 3. नागरिक केन्द्रित प्रशासन के बारहवें प्रतिवेदन में
- 4. राज्य एवं जिला प्रशासन के पंद्रहवें प्रतिवेदन में
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: शासन में नैतिकता के चतुर्थ प्रतिवेदन में
Explanation
– द्वितीय ARC के चतुर्थ भाग (Good Governance: Ethics in Governance) में अनुच्छेद 311 में संशोधन सहित लोक सेवकों में नैतिकता लाने की सिफारिशें की गईं, ताकि भ्रष्टाचार निरोधक उपाय प्रभावी बन सकें।
सूची-1 को सूची-II के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन करें- सूची- 1 (विचारक) सूची II (विचारणा) (A) गुलिक (i) पोस्डकॉर्ब (B) साइमन (ii) मानव आवश्यकता पदसोपान (C) टेलर (iii) निर्णय निर्माण (D) मैस्लो (iv) कार्य - विज्ञान का विकास कूट :
- 1. A-i, B-iii, C-iv, D-ii
- 2. A-iii, B-i, C-ii, D-iv
- 3. A-ii, B-i, C-iii, D-iv
- 4. A-iv, B-ii, C-i, D-iii
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A-i, B-iii, C-iv, D-ii
Explanation
– गुलिक – (i) POSDCORB: लेखन में Gulick ने प्रशासन के कामों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया। – साइमन – (iii) निर्णय निर्माण: साइमन ने प्रशासन में निर्णय सिद्धांतों पर चर्चा की। – टेलर – (iv) कार्य-विज्ञान का विकास: शास्त्रीय कार्य-प्रबंधन के जनक माने जाते हैं। – मैस्लो – (ii) मानव आवश्यकता: ‘आवश्यकता सिद्धांत’ के आधार पर मानव प्रेरणा समझी।
पोस्डकॉर्ब में 'Organising' का अर्थ है-
- 1. निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक प्रभावी कार्य योजना बनाना
- 2. संगठन के लिए गए निर्णयों की क्रियान्विति के लिए आदेश-निर्देश
- 3. प्राधिकार के औपचारिक ढाँचे का निर्माण एवं इसे परिभाषित करना
- 4. इनमें से कोई नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: प्राधिकार के औपचारिक ढाँचे का निर्माण एवं इसे परिभाषित करना
Explanation
– Organising का अर्थ है संगठन में कार्य विभाजन, पदानुक्रम, अधिकार-उत्तरदायित्व और समन्वय की औपचारिक संरचना बनाना।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चुनाव कीजिए- सूची I (पुस्तक) सूची II (लेखक) (A) दूवर्ड ए न्यू पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशनः मिन्नोनुक परसपेक्टिव (i) वाल्डो (B) पब्लिक सेक्टरः कॉन्सेप्ट, मॉडल एंड एप्रोज (ii) अल्बर्ट लिपावास्की (C) पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन इन टाइम ऑफ टर्बुलेंस (iii) फ्रेंक मैरिनी (D) एडमिनिस्ट्रेशन: दी आर्ट एंड साइंस ऑफ ऑर्गेनाइजेशन एंड मैनेजमेंट (iv) जेक-इर्क-लान नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए कूट- A B C D
- 1. i ii iii iv
- 2. iii iv i ii
- 3. iii ii i iv
- 4. ii i iv iii
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: iii iv i ii
Explanation
– फ्रैंक मैरिनी ने New Public Administration आंदोलन पर मिन्नोब्रुक सम्मेलन के आधार पर संपादित पुस्तक लिखी। – जैक-इर्क-लान (Jacques-Eric Lane) ने सार्वजनिक क्षेत्र पर व्यापक मॉडल प्रस्तुत किए। – ड्वाइट वाल्डो ने प्रशासन में परिवर्तनशीलता (Turbulence) के समय की चुनौतियों पर लिखा। – अल्बर्ट लिपावास्की की यह पुस्तक प्रशासन के वैज्ञानिक एवं कलात्मक पक्ष दोनों पर केंद्रित है।
"लोक प्रशासन में वे समस्त क्रियायें सम्मिलित होती है जिनका उद्देश्य आधिकारिक सत्ता द्वारा निर्धारित लोक नीतियों की पूर्ति या उनके क्रियान्वयन से है।" यह परिभाषा किस लेखक द्वारा दी गई है?
- 1. लूथर गुलिक
- 2. एल. डी. व्हाइट
- 3. हरबर्ट साइमन
- 4. हेनरी फेयोल
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एल. डी. व्हाइट
Explanation
– यह परिभाषा एल.डी. व्हाइट द्वारा दी गई थी। उनके अनुसार, लोक प्रशासन का उद्देश्य सरकारी नीतियों को लागू करना और उनका पालन सुनिश्चित करना है।
व्यक्ति कब प्राधिकार का पालन नहीं करता है?
- 1. जब वह सम्प्रेषण समझता है।
- 2. उसे विश्वास है कि आदेश नियमों के विरूद्ध नहीं है।
- 3. जब वह मानसिक एवं शारीरिक रूप से आदेश का पालन करने में सक्षम है।
- 4. जब आदेश उसके निजी हित के अनुरूप न हो
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: जब आदेश उसके निजी हित के अनुरूप न हो
Explanation
– व्यक्ति प्राधिकार का पालन तब नहीं करता जब उसे यह लगता है कि आदेश उसके निजी हितों, मूल्यों या मान्यताओं के खिलाफ है। इसके अलावा, यदि आदेश सही तरीके से सम्प्रेषित नहीं होता या आदेश नियमों के खिलाफ होता है, तो भी व्यक्ति उसका पालन करने में असमर्थ हो सकता है।
सामाजिक अध्ययन के सम्प्रत्यय को “सामाजिक अध्ययन वह अध्ययन है जो मानव जीवन के रहन-सहन के ढंगों, मूलभूत आवश्यकताओं, क्रियाओं, जिनमें मानव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संलग्न रहता है तथा संस्थाओं, जिनका उसने विकास किया है, का ज्ञान प्रदान करता है।” किसके द्वारा बताया गया है?
- 1. वेस्ले
- 2. जोन माइकैलिज
- 3. एम.पी. मुफात
- 4. एनसाइक्लोपीडिया ऑफ एज्यूकेशन रिसर्च
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: एनसाइक्लोपीडिया ऑफ एज्यूकेशन रिसर्च
Explanation
– यह परिभाषा सामाजिक अध्ययन को एक व्यवहारिक और जीवन-केन्द्रित अध्ययन के रूप में प्रस्तुत करती है, जो मानव की आवश्यकताओं, संस्थाओं और गतिविधियों पर केंद्रित है।
सामाजिक अध्ययन के क्षेत्र के अन्तर्गत निम्न में से किस तथ्य का अध्ययन किया जाता है?
- 1. समाज सम्बन्धी अध्ययन
- 2. मानवीय सम्बन्धों का अध्ययन
- 3. नागरिकता की शिक्षा
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– सामाजिक अध्ययन में समाज, मानवीय संबंधों, और नागरिक शिक्षा — ये तीनों प्रमुख घटक शामिल हैं। इसलिए सभी विकल्प सही हैं।
सामाजिक अध्ययन के अध्यापक से ज्ञान देते समय निम्न में से किन-किन तथ्यों की अपेक्षा रखना स्वाभाविक है?
- 1. विशिष्ट बातों तथा वस्तु के सम्बन्ध में स्पष्ट विचार
- 2. सामान्य पदों तथा गुणों की अवधारणा
- 3. तथ्य, नियम, परिभाषा, विधा और प्रविधि की स्थापना
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– एक शिक्षक से अपेक्षा की जाती है कि वह स्पष्ट विचार, सामान्य अवधारणाएँ और नियमों व विधाओं की अच्छी समझ रखता हो ताकि छात्रों को प्रभावी ढंग से शिक्षा दी जा सके।
कक्षा कक्ष में सामाजिक अध्ययन को पढ़ाते समय निर्धारित कालांश समय का कितना भाग स्वयं के कथन निर्देशन पर लगाना चाहिए?
- 1. 40 प्रतिशत
- 2. 60 प्रतिशत
- 3. 50 प्रतिशत
- 4. 20 प्रतिशत
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: 60 प्रतिशत
Explanation
– सामाजिक अध्ययन के शिक्षण के दौरान कुल कालांश का 60 प्रतिशत कथन-मार्गदर्शन को देना चाहिए। व्यावहारिक प्रयोगों और गतिविधियों का उपयोग किया जाना चाहिए, जहां बच्चों को स्वयं अन्वेषण करने का अवसर प्रदान किया जाता है।
मूल्यांकन की प्रक्रिया है-
- 1. उद्देश्यों की उपलब्धि के विस्तार का निर्धारण
- 2. परिणामों की गुणवत्ता व मूल्यों का निश्चय करना
- 3. अनुदेशन के परिणामों की तुलना करना
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– मूल्यांकन केवल अंक देना नहीं है। यह छात्रों द्वारा प्राप्त ज्ञान, कौशल और व्यवहार परिवर्तन की समग्र समीक्षा प्रक्रिया है।
सामाजिक अध्ययन शिक्षण में शिक्षण अधिगम सामग्री का प्रयोग-
- 1. पाठ को लम्बा करता है।
- 2. छात्र उबने लगते हैं।
- 3. उपर्युक्त दोनों कथन असत्य हैं।
- 4. उपर्युक्त दोनों कथन (a) और (b) सत्य हैं।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त दोनों कथन असत्य हैं।
Explanation
– शिक्षण सामग्री न तो पाठ को लंबा करती है और न ही छात्रों को उबाती है। इसके विपरीत, यह शिक्षण को रोचक, प्रभावी और व्यावहारिक बनाती है।
प्रोजेक्ट विधि का सर्वप्रथम किस वैज्ञानिक ने शिक्षा प्रणाली का व्यावहारिक रूप दिया?
- 1. ड्यूवी
- 2. डॉ. डब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक
- 3. स्टीवेन्सन
- 4. उपर्युक्त में से कोई नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: डॉ. डब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक
Explanation
– जॉन ड्यूवी ने प्रोजेक्ट विधि की नींव रखी, लेकिन इसे व्यावहारिक और शैक्षणिक प्रयोग में सबसे पहले डॉ. किलपैट्रिक ने लाया।
निम्न का सही मिलान कीजिए : 1. बी.एस. ब्लूम A. मूल्यांकन आयाम 2. हर्बर्ट B. स्मृति स्तर 3. मौरीसन C. बोध स्तर 4. हण्ट D. चिन्तन स्तर 1 2 3 4
- 1. D C B A
- 2. B D A C
- 3. A B C D
- 4. D C A B
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: A B C D
Explanation
– बी.एस. ब्लूम → मूल्यांकन आयाम – ब्लूम (Bloom) एक प्रसिद्ध अमेरिकी शिक्षाशास्त्री थे। उन्होंने Bloom's Taxonomy नामक एक रूपरेखा दी, जो शिक्षा के उद्देश्यों को तीन प्रमुख क्षेत्रों में वर्गीकृत करती है हर्बर्ट → स्मृति स्तर – जर्मन शिक्षाविद जोहान फ्रेडरिक हर्बर्ट (J.F. Herbart) ने शिक्षा को वैज्ञानिक ढंग से देखने का प्रयास किया। उन्होंने तीन मुख्य शिक्षण स्तर बताए – मौरीसन → बोध स्तर – एच.सी. मौरीसन (H.C. Morrison) ने शिक्षण को एक वैज्ञानिक प्रक्रिया माना और एक पांच चरणों वाली शिक्षण योजना विकसित की – हण्ट → चिन्तन स्तर – हण्ट (Hunt) ने शिक्षा में Higher Order Thinking Skills (HOTS) और Problem Solving Method पर बल दिया।
मूल्यांकन आयाम के निम्न तीन सोपान होते हैं- 1. शैक्षिक उद्देश्यों का निर्धारण करना 2. अधिगम के अनुभव प्रदान करना 3. व्यवहार परिवर्तन का मूल्यांकन करना यह उपर्युक्त तीनों सोपान निम्न में से किसके द्वारा दिए गए हैं?
- 1. बी.एस. ब्लूम
- 2. हर्बर्ट
- 3. स्किनर
- 4. थॉर्नडाइक
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: बी.एस. ब्लूम
Explanation
– ब्लूम के उद्देश्यों का वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) शिक्षा क्षेत्र में एक मानक है, जिसमें वह शैक्षिक उद्देश्यों, अधिगम अनुभव, और मूल्यांकन प्रक्रिया को तीन स्तरों पर बांटते हैं।
‘सामाजिक अध्ययन’ अध्ययन करता है-
- 1. व्यक्ति के आर्थिक सम्बन्धों का
- 2. व्यक्ति के राजनीतिक सम्बन्धों का
- 3. व्यक्ति के सामाजिक सम्बन्धों का
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– सामाजिक अध्ययन, व्यक्तियों और एक दूसरे के साथ उनके व्यवहार के के बारे में अध्ययन है। सामाजिक अध्ययन में मनुष्य के ऐतिहासिक, भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक वातावरण के बारे में अध्ययन किया जाता है। सामाजिक अध्ययन की प्रकृति मनुष्यों के अध्ययन से लेकर एकीकृत विषय तक एक अलग विषय दृष्टिकोण के पक्ष में है जिसमें विषय वस्तु इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, और आदि होते हैं।
सामाजिक विज्ञान पढ़ाते समय, एक शिक्षक का प्रयास होना चाहिए-
- 1. विस्तृत रूप से याद करने पर बल देना
- 2. केवल मूल्यों पर बल देना, लेकिन तथ्यों पर नहीं
- 3. तथ्यों, मूल्यों तथा आदर्शो पर बल देना
- 4. केवल तथ्यों पर बल देना, लेकिन मूल्यों पर नहीं
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: तथ्यों, मूल्यों तथा आदर्शो पर बल देना
Explanation
– सामाजिक विज्ञान एक ऐसा विषय है जो न केवल तथ्यात्मक जानकारी देता है (जैसे – तिथियाँ, घटनाएँ, भूगोल), बल्कि यह हमें नैतिक मूल्यों, सामाजिक आदर्शों और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग बनाता है। इसलिए, एक प्रभावशाली शिक्षक का कार्य है कि वह: तथ्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ, नैतिक मूल्यों और सामाजिक आदर्शों को भी विद्यार्थियों तक पहुँचाए।
समस्या निवारण विधि का अवगुण ………. है।
- 1. यह प्रकृति में विशुद्ध रूप से व्यक्तिवादी है।
- 2. यह सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
- 3. यह गहन चिंतन के लिए क्षमता विकसित नहीं करता है।
- 4. यह ज्ञान को आसानी से आत्मसात करने में मदद नहीं करता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: यह प्रकृति में विशुद्ध रूप से व्यक्तिवादी है।
Explanation
– Problem Solving Method विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने और समाधान निकालने की प्रक्रिया में शामिल करती है। लेकिन यह अक्सर व्यक्तिगत स्तर पर काम करने पर जोर देती है, जिससे: – समूह कार्य और सहयोगात्मक अधिगम की कमी हो सकती है। – सभी विद्यार्थियों के लिए समान रूप से उपयुक्त न हो।
निम्नलिखित में से कौन–सा कक्षा में भाषा की बाधाओं को दूर करने के आवश्यक उपायों से संबंधित नहीं है?
- 1. कम शाब्दिक रूपों का उपयोग
- 2. प्रभावी दृश्य–श्रव्य सहायक सामग्री का उपयोग
- 3. अलंकारिक भाषा का उपयोग
- 4. सरल भाषा और संकेतों का उपयोग
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अलंकारिक भाषा का उपयोग
Explanation
– भाषा की बाधाएँ तब आती हैं जब शिक्षक की भाषा जटिल, शाब्दिक, या अलंकारों से भरपूर होती है, जिससे विद्यार्थियों को समझने में कठिनाई होती है। इसलिए प्रभावी शिक्षण के लिए: भाषा सरल, स्पष्ट और प्रत्यक्ष होनी चाहिए। चित्र, संकेत, ऑडियो-विजुअल सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। अलंकारिक भाषा (figurative language) भ्रम उत्पन्न कर सकती है, इसीलिए यह एक अवरोधक है।
प्रायोगिक कार्य का लाभ है–
- 1. अर्जित ज्ञान स्थाई होता है।
- 2. तार्किक व निरीक्षण शक्ति का विकास होता है।
- 3. बालक स्वयं करके सीखते हैं।
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– प्रायोगिक कार्य (Experiential/Practical Work) एक ऐसी शिक्षण विधि है, जिसमें विद्यार्थी खुद प्रयोग करके सीखते हैं।
NCF-2005 में कला शिक्षा को विद्यालय में जोड़ने का उद्देश्य है-
- 1. सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करना।
- 2. छात्रों के व्यक्ति और सामाजिक स्वास्थ्य को विकसित करना।
- 3. संगीत, नृत्य और नाटक छात्रों के आत्मबोध उनके ज्ञानात्मक और सामाजिक विकास में सहायक होते है।
- 4. उपर्युक्त सभी
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: उपर्युक्त सभी
Explanation
– कला शिक्षा आवश्यक रूप से एक उपकरण और विषय के रूप में शिक्षा का हिस्सा हो और हर स्कूल में इससे संबंधित सुविधाएं हो। – कला के अन्तर्गत – संगीत , नृत्य , दृश्य कला और नाटक चारों को शामिल किया जाना चाहिए। – कला और विरासत शिल्पों को शिक्षा से जोड़ने के संसाधन हर स्कूल में उपलब्ध होने चाहिये।
निम्न में से कौन-सी विशेषता अच्छे शिक्षण की नहीं है?
- 1. अच्छा शिक्षण क्रिया आधारित होता है।
- 2. अच्छा शिक्षण लोकतान्त्रिक होता है।
- 3. अच्छा शिक्षण मूल्य आधारित नहीं होता है।
- 4. अच्छा शिक्षण सुव्यवस्थित निश्चित उद्देश्ययुक्त होता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: अच्छा शिक्षण मूल्य आधारित नहीं होता है।
Explanation
– एक अच्छे शिक्षण की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं- – अच्छा शिक्षण क्रिया आधारित होता है। – अच्छा शिक्षण लोकतांत्रिक होता है। – अच्छा शिक्षण सुव्यवस्थित निश्चित उद्देश्ययुक्त होता है। – अच्छा शिक्षण मूल्य आधारित होता है।
सामाजिक अध्ययन शिक्षण में प्रायोजना विधि महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि-
- 1. यह विद्यार्थियों के लिए आनन्ददायक है।
- 2. विद्यार्थी को कार्य करना होता है।
- 3. शिक्षक स्वतन्त्र होता है।
- 4. करके सीखना स्थायी होता है।
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: करके सीखना स्थायी होता है।
Explanation
– करके सीखना प्रायोजना विधि का महत्त्वपूर्ण गुण कहा जा सकता है, इसमें छात्रों को अपनी रुचि और योग्यतानुसार कार्य चुनने की स्वतन्त्रता होती हैं। – करके सीखना छात्रों के ज्ञान को स्थायी बनाता है।
NCF-2005 किस प्रकार की शिक्षण प्रणाली को प्रोत्साहित करता है?
- 1. विशेष
- 2. एकीकृत
- 3. समावेशी
- 4. नियमित
- 5. अनुत्तरित प्रश्न
Answer: समावेशी
Explanation
– NCF-2005 में यह प्रावधान किया गया है कि विद्यार्थियों को समानता के आधार पर शिक्षा दी जाएगी इसके अनुसार किसी भी बालक में उनके मानसिक , शारीरिक एवं सामाजिक स्तर पर भेदभाव नहीं किया जाएगा तथा सभी विद्यार्थियों को एक साथ एक विद्यालय में शिक्षा दी जाएगी , जिसे समावेशी शिक्षा प्रणाली के नाम से जाना जाता है।