राजस्थान का इतिहास एवं कला संस्कृति - महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 11
प्रश्न 451. 'चार हाथों वाले देवता' के रूप में प्रसिद्ध हैं?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: लोकदेवता वीर कल्लाजी राठौड़ को 'चार हाथों वाले देवता' के रूप में पूजा जाता है। चित्तौड़गढ़ के तीसरे साके (1568) में उन्होंने अपने ताऊ जयमल मेड़तिया को कंधों पर बिठाकर युद्ध किया था। [1, 2]
प्रश्न 452. राजस्थान में धार्मिक आंदोलन का श्रीगणेश करने का श्रेय संत ---------- को ही है।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजस्थान में भक्ति (धार्मिक) आंदोलन को प्रारम्भ करने का मुख्य श्रेय संत धन्नाजी को दिया जाता है। [3, 4]
प्रश्न 453. धन्नाजी के सम्बन्ध में सत्य कथन है?
(i) जन्म - 1415 ई. धुवन ग्राम (टोंक) में हुआ था।
(ii) काशी जाकर रामानंद जी के शिष्य बन गये थे।
(iii) इन्होंने खेती कार्य के साथ भक्ति कार्य किया था।
(iv) इन्होंने नाम स्मरण को ईश्वर प्राप्ति का प्रमुख साधन बताया था।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: संत धन्नाजी के विषय में दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। वे एक जाट किसान परिवार से थे और खेती करते हुए उन्होंने ईश्वर की भक्ति की। [3, 4]
प्रश्न 455. संत पीपा जी से सम्बन्धित ग्रंथ है?
(i) चिन्तामणी जोग
(ii) पीपा जी की कथा
(iii) पीपा परची
(iv) पीपा की वाणी
(v) साखियां, पद
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: ये सभी ग्रंथ (चिन्तामणी जोग, पीपा जी की कथा, पीपा परची, पीपा की वाणी, साखियां व पद) संत पीपाजी के जीवन और उनके उपदेशों से सम्बन्धित हैं। [4, 5]
प्रश्न 456. संत पीपाजी का मेला भरता है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: संत पीपाजी की स्मृति में प्रतिवर्ष 'चैत्र पूर्णिमा' को विशाल मेला आयोजित किया जाता है। [4, 5]
प्रश्न 457. टोडा गाँव (टोंक) के शासक --------- ने अपनी धन सम्पदा संतों में बांटकर पीपाजी का शिष्य बन गया था।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: टोंक के टोडा गाँव के तत्कालीन शासक शूरसेन ने पीपाजी से प्रभावित होकर अपनी सारी सम्पत्ति संतों में बाँट दी और वे उनके शिष्य बन गए। [4, 5]
प्रश्न 458. पीपाजी के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये-
(i) पीपाजी झालावाड़ के खींची वंश के राजा थे।
(ii) इनका जन्म 1425 ई. में हुआ था।
(iii) काशी जाकर रामानंद के शिष्य बन गये थे।
(iv) पीपाजी राज्य त्यागकर रानी सीता के साथ सन्यास धारण करते है।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: संत पीपाजी गागरोन (झालावाड़) के शासक (प्रतापसिंह खींची) थे। उन्होंने अपनी सबसे छोटी रानी सीता के साथ राजपाट त्याग दिया और रामानंद जी से दीक्षा ली। [4, 6]
प्रश्न 459. राजस्थान के संत जो रामानंद जी की द्वारिका यात्रा के समय प्रभाव में आकर राजपाट त्यागकर गुरु मण्डली में शामिल हो गये थे-
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: जब संत रामानंद जी अपने शिष्यों सहित द्वारिका यात्रा पर जा रहे थे, तब गागरोन के शासक प्रतापसिंह (पीपाजी) उनके प्रभाव में आकर राजपाट छोड़ उनकी मंडली में शामिल हो गए। [4, 6]
प्रश्न 460. संत पीपाजी का प्रसिद्ध मंदिर बना हुआ है-
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: दर्जी समुदाय के आराध्य देव संत पीपाजी का मुख्य और प्रसिद्ध मंदिर समदड़ी (बालोतरा जिले) में स्थित है। (नोट: गागरोन में इनकी छतरी है)। [4, 7]
प्रश्न 461. जाम्भोजी का मेला वर्ष में --------- बार भरता है।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: विश्नोई सम्प्रदाय के प्रवर्तक संत जाम्भोजी का मेला मुकाम (बीकानेर) में वर्ष में 2 बार आयोजित किया जाता है। [4, 7]
प्रश्न 462. जाम्भोजी का मेला भरता है-
(i) चैत्र अमावस्या
(ii) भाद्रपद अमावस्या
(iii) आश्विन अमावस्या
(iv) फाल्गुन अमावस्या
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जाम्भोजी का मुख्य मेला वर्ष में दो बार फाल्गुन अमावस्या और आश्विन अमावस्या को मुकाम तालवा (नोखा, बीकानेर) में भरता है। [4, 7]
प्रश्न 463. जाम्भोजी ने 1536 ई. में ---------- गाँव में सांसारिक देह त्याग कर दिया था।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जाम्भोजी ने 1536 ई. में लालासर (बीकानेर) गाँव में अपने भौतिक शरीर का त्याग किया था, जिसके बाद मुकाम में उन्हें समाधि दी गई। [4, 8]
प्रश्न 465. जाम्भोजी से सम्बन्धित ग्रंथ है?
(i) जम्भ संहिता
(ii) जम्भ सागर शब्दावली
(iii) विश्नोई धर्मप्रकाश
(iv) जम्भ सागर
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: उपर्युक्त सभी ग्रंथ जाम्भोजी के उपदेशों और विश्नोई सम्प्रदाय के नियमों (29 नियम) से सम्बन्धित हैं। [4, 8]
प्रश्न 466. जाम्भोजी ने समराथल (बीकानेर) में ---------- में विश्नोई सम्प्रदाय का प्रवर्तन किया था, इन्होंने 29 नियमों की पालना का उपदेश दिया।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: कार्तिक कृष्ण अष्टमी 1485 ई. को समराथल धोरे (बीकानेर) पर जाम्भोजी ने विश्नोई (20+9) सम्प्रदाय की स्थापना की थी। [4, 8]
प्रश्न 467. जाम्भोजी के सम्बन्ध में सत्य कथन है-
(i) जन्म - 1451 ई. (भाद्रपद कृष्ण जन्माष्टमी) को हुआ।
(ii) पीपासर में लोहटजी एवं हंसाबाई के घर हुआ था।
(iii) 1483 में गृह त्याग किया था।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: जाम्भोजी के जन्म (1451 ई. कृष्ण जन्माष्टमी), माता-पिता (लोहट जी पंवार व हंसाबाई) और गृह त्याग (1483 ई. माता-पिता के निधन के बाद) के विषय में दिए गए तीनों कथन सत्य हैं। [4, 9]
प्रश्न 468. पर्यावरण वैज्ञानिक के रूप में प्रसिद्ध संत थे?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जाम्भोजी ने हरे वृक्षों को न काटने और वन्य जीवों की रक्षा (विशेषकर हिरण) का संदेश दिया था, इसलिए उन्हें 'पर्यावरण वैज्ञानिक' संत कहा जाता है। [4, 9]
प्रश्न 469. लोहा पांगल नामक तांत्रिक को चमत्कार दिखाने वाले संत थे?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जसनाथी सम्प्रदाय के प्रवर्तक संत जसनाथ जी ने लोहा पांगल नामक एक अघोरी तांत्रिक का घमंड चूर कर उसे अपना चमत्कार दिखाया था। [4, 9]
प्रश्न 470. सिम्भूदड़ा एवं कोंडा नामक ग्रंथ किस सम्प्रदाय के है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 'सिम्भूदड़ा' और 'कोंडा' नामक पवित्र ग्रंथ संत जसनाथ जी के उपदेशों का संग्रह हैं, जो जसनाथी सम्प्रदाय से सम्बन्धित हैं। [4, 10]
प्रश्न 471. जसनाथजी सम्प्रदाय की प्रधान पीठ कतरियासर (बीकानेर) में वर्ष में मेले भरते है-
(i) चैत्र शुक्ल सप्तमी
(ii) आश्विन शुक्ल सप्तमी
(iii) कार्तिक शुक्ल सप्तमी
(iv) माघ शुक्ल सप्तमी
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: कतरियासर में जसनाथजी के वर्ष में तीन बड़े मेले भरते हैं: चैत्र शुक्ल 7, आश्विन शुक्ल 7 और माघ शुक्ल 7 को। [4, 10]
प्रश्न 472. जसनाथजी ने आश्विन शुक्ल सप्तमी 1506 ई. चौबीस वर्ष की आयु में ----------- में जीवित समाधि ली थी।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: मात्र 24 वर्ष की अल्प आयु में जसनाथ जी ने 1506 ई. में कतरियासर (बीकानेर) में जीवित समाधि ले ली थी। [4, 10]
प्रश्न 473. जसनाथ जी एवं जाम्भोजी का परस्पर मिलन हुआ था?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष 1500 ई. में बीकानेर क्षेत्र में जसनाथ जी और जाम्भोजी की परस्पर ऐतिहासिक भेंट हुई थी। [4, 11]
प्रश्न 474. दिल्ली सल्तनत शासक -------- ने जसनाथ जी को कतरियासर के पास भूमि दान दी थी।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: दिल्ली के सुल्तान सिकन्दर लोदी ने जसनाथ जी के चमत्कारों से प्रभावित होकर उन्हें कतरियासर के पास 500 बीघा भूमि दान में दी थी। [4, 11]
प्रश्न 475. जसनाथ जी के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये-
(i) जन्म 1482 ई. कतरियासर (बीकानेर) में हुआ था।
(ii) हमीर जी जाणी एवं रूपादे के पौष्य पुत्र थे।
(iii) गोरखमालिया स्थान पर 12 वर्षों तक तपस्या की थी।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: जसनाथ जी के जीवन के सम्बन्ध में दिए गए ये तीनों कथन ऐतिहासिक दृष्टि से पूर्णतः सत्य हैं। [4, 11]
प्रश्न 476. संत -------------------- ने बाधोली ग्राम के सिंह शिला पहाड़ पर तपस्या की थी।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: मेवात क्षेत्र के प्रमुख संत लालदास जी ने अलवर के पास बाधोली ग्राम के सिंह शिला (सिंहशिल) पहाड़ पर कठोर तपस्या की थी। [4, 12]
प्रश्न 477. संत लालदास जी का प्रमुख ग्रंथ है-
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: संत लालदास जी के उपदेशों का मुख्य संग्रह 'लालदास जी की चेतावनियां' नामक ग्रंथ में संकलित है। [4, 12]
प्रश्न 478. संत लालदास के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये-
(i) लालदास का जन्म 1540 ई. (श्रावण कृष्ण 5) को अलवर के धौलीदूब गाँव में हुआ था।
(ii) चांदमल एवं समदा के घर जन्म लिया था।
(iii) गुरु गदन चिश्ती (तिजारा) थे।
(iv) मेला आश्विन एकादशी एवं माघ पूर्णिमा को भरता है।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: संत लालदास जी (मेव लकड़हारे) के जन्म, माता-पिता, मुस्लिम गुरु (गदन चिश्ती) और मेले के विषय में दिए गए सभी कथन सत्य हैं। [4, 12]
प्रश्न 479. संत लालदास जी की समाधि कहाँ बनी हुई है?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: संत लालदास जी की समाधि अलवर जिले के 'शेरपुर' (Sherpur) गाँव में बनी हुई है। [4, 13]
प्रश्न 480. संत लालदास जी का देहांत (1648) कहाँ हुआ था?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: संत लालदास जी का देहांत 108 वर्ष की आयु में नगला (भरतपुर) में हुआ था, किन्तु उन्हें समाधि शेरपुर में दी गई थी। [4, 13]
प्रश्न 481. संत -------------- के अनुसार ईश्वर व अल्लाह एक है, जो दूसरों को कष्ट पहुँचाता है, स्वयं उसका जीवन कष्टमय हो जाता है।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक संत लालदास जी ने यह उपदेश दिया था कि राम और अल्लाह एक हैं और परोपकार ही सच्चा धर्म है। [4, 13]
प्रश्न 482. 'मंत्र राजप्रकाश' किस सम्प्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 'मंत्र राजप्रकाश' और 'हरिपुरुष जी री वाणी' निरंजनी सम्प्रदाय (संत हरिदास जी) के मुख्य धार्मिक ग्रंथ हैं। [4, 14]
प्रश्न 483. किस सम्प्रदाय के परमात्मा को अलख निरंजन कहा जाता है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: संत हरिदास द्वारा स्थापित 'निरंजनी सम्प्रदाय' में निर्गुण निराकार परमात्मा को 'अलख निरंजन' या 'हरि निरंजन' कहा गया है। [4, 14]
प्रश्न 484. निरंजनी सम्प्रदाय के संस्थापक संत हरिदास (हरिसिंह सांखला) का जन्म --------- गाँव में 1453 ई. में हुआ था।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: संत हरिदास (मूल नाम: हरिसिंह सांखला) का जन्म डीडवाना (नागौर) के कापड़ोद (Kapadod) गाँव में हुआ था। [4, 14]
प्रश्न 485. संत जिनका प्रारम्भ में लूट का कार्य उनका पेशा था?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: संत हरिदास जी प्रारंभ में डकैती और लूटमार का कार्य करते थे। एक संन्यासी के उपदेश से उनका हृदय परिवर्तन हुआ और वे राजस्थान के वाल्मीकि कहलाए। [4, 14]