राजस्थान का इतिहास एवं कला संस्कृति - महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 2
प्रश्न 61. राजशाही शासन में राजा के प्रमुख मंत्री को ---------- कहते थे।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: रियासत काल (राजशाही शासन) में राजा के प्रमुख मंत्री को दीवान कहा जाता था, जो प्रशासन के महत्वपूर्ण कार्यों को संभालता था।
प्रश्न 62. राजशाही शासन में सेना को वेतन देने तथा सेना सम्बन्धी कार्यों की जिम्मेदारी किसकी होती थी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: सेना की व्यवस्था करना, वेतन देना और अन्य सैन्य संबंधी कार्यों का उत्तरदायित्व 'बख्शी' नामक अधिकारी का होता था।
प्रश्न 63. राजशाही शासन में आमदनी और खर्च के हिसाब को देखने की जिम्मेदारी किसकी होती थी?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: राज्य की आमदनी (आय) और खर्च (व्यय) का हिसाब रखने वाले अधिकारी को खजांची कहा जाता था।
प्रश्न 64. राजस्थान की जागीरी व्यवस्था किस प्रकार की थी?
(i) स्वामी सेवक के सम्बन्धों पर आधारित
(ii) रक्त सम्बन्ध एवं कुलीय भावना पर आधारित
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजस्थान की जागीरदारी व्यवस्था मुख्य रूप से रक्त संबंध (भाई-बंधुत्व) और कुलीय भावना पर आधारित थी, न कि केवल स्वामी-सेवक संबंधों पर।
प्रश्न 65. सतोलिया, घोड़ा-दड़ी, मारदड़ी, चौपड़, चौसर एवं लट्टू-चक्कर क्या हैं?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: ये सभी राजस्थान के प्राचीन एवं पारंपरिक स्थानीय खेल हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में खेले जाते हैं।
प्रश्न 66. चर-भर एवं नार-छरी क्या हैं?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: चर-भर और नार-छरी भी राजस्थान के पारंपरिक ग्रामीण स्थानीय खेलों के प्रकार हैं।
प्रश्न 67. कजली एवं सातुड़ी तीज कब मनाई जाती है?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: कजली तीज, सातुड़ी तीज या बड़ी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। यह बूंदी की प्रसिद्ध है।
प्रश्न 68. कोटा के आधुनिक दशहरे मेले की शुरुआत किसके समय हुई थी?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: कोटा का दशहरा मेला पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इस आधुनिक मेले की शुरुआत महाराव उम्मेदसिंह द्वितीय के शासनकाल में हुई थी।
प्रश्न 69. उदयपुर के हरियाली अमावस्या मेले की शुरुआत (1899) किसके समय हुई थी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: उदयपुर में हरियाली अमावस्या (श्रावण अमावस्या) के मेले की शुरुआत 1899 ई. में महाराणा फतहसिंह द्वारा की गई थी।
प्रश्न 70. गरीब नवाज ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स किस माह में लगता है?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर प्रतिवर्ष रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक विशाल उर्स भरता है।
प्रश्न 71. खाटूश्याम का मेला (सीकर) किस महीने में भरता है?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: सीकर के खाटूश्याम जी का प्रसिद्ध मेला फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी और एकादशी को भरता है।
प्रश्न 72. मजार-ए-फखरी (फखरुद्दीन मौला की मजार) कहाँ स्थित है?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: दाऊदी बोहरा संप्रदाय की प्रमुख पीठ और मजार-ए-फखरी डूंगरपुर जिले के गलियाकोट में माही नदी के किनारे स्थित है।
प्रश्न 73. फतेहपुर सीकरी (आगरा) में अकबर से भेंट करने वाले राजस्थान के प्रसिद्ध संत कौन थे?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 'राजस्थान के कबीर' कहलाने वाले संत दादूदयाल जी ने 1585 ई. में भगवंतदास के माध्यम से फतेहपुर सीकरी में अकबर से भेंट की थी।
प्रश्न 74. संत श्रद्धानन्द जी का आश्रम कहाँ स्थित है?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: संत श्रद्धानन्द जी का प्रसिद्ध आश्रम लक्ष्मणगढ़, सीकर में स्थित है।
प्रश्न 75. काष्ठ कला (लकड़ी की कला) का प्रधान केन्द्र 'बस्सी' किस जिले में है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजस्थान में काष्ठ कला, बेवाण (लकड़ी के मंदिर) और कावड़ बनाने के लिए चित्तौड़गढ़ जिले का बस्सी गाँव प्रसिद्ध है।
प्रश्न 76. कठपुतली कला कहाँ की प्रसिद्ध है?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: कठपुतली कला मुख्य रूप से मेवाड़ क्षेत्र (उदयपुर और चित्तौड़गढ़) की प्रसिद्ध है। इसके निर्माण में आड़ू की लकड़ी काम में ली जाती है।
प्रश्न 77. लकड़ी की मूर्तियों के लिये प्रसिद्ध जेठाणा गाँव किस जिले में है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: लकड़ी की मूर्तियों के निर्माण के लिए डूंगरपुर जिले का जेठाणा गाँव अत्यंत प्रसिद्ध है।
प्रश्न 78. टेराकोटा कला (पकी हुई मिट्टी की मूर्तियां) कहाँ की प्रसिद्ध है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: टेराकोटा कला राजसमंद जिले के मोलेला गाँव की प्रसिद्ध है। इसमें मिट्टी को पकाकर मूर्तियां व खिलौने बनाये जाते हैं।
प्रश्न 79. जड़ाऊ गहनों के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र हैं -
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर सभी जगह जड़ाऊ गहनों का उत्कृष्ट कार्य किया जाता है।
प्रश्न 80. मूल्यवान पत्थरों (रत्न) को तराशने का काम कहाँ का प्रसिद्ध है?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: कीमती पत्थरों एवं रत्नों (Gemstones) की कटाई और तराशने के लिए जयपुर विश्वभर में प्रसिद्ध है।
प्रश्न 81. वह चौहान शासक जो छ: भाषाओं का ज्ञाता था?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय एक महान योद्धा होने के साथ-साथ छह भाषाओं के विद्वान भी थे।
प्रश्न 82. पृथ्वीराज चौहान (1177-1192) के दरबारी विद्वान थे?
(i) विद्यापति गौड़ (ii) वागीश्वर (iii) जयानक (iv) विश्वरूप
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: विद्यापति गौड़, वागीश्वर जनार्दन, जयानक, चंदरबरदाई और विश्वरूप सभी पृथ्वीराज चौहान (तृतीय) के प्रसिद्ध दरबारी विद्वान थे।
प्रश्न 83. निम्नलिखित में से कौन पृथ्वीराज चौहान का दरबारी विद्वान नहीं था?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: सोमेश्वर दरबारी विद्वान नहीं थे, बल्कि वे पृथ्वीराज चौहान (तृतीय) के पिता थे।
प्रश्न 84. पृथ्वीराज चौहान के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये -
(i) पिता - सोमेश्वर
(ii) माता - कर्पूरीदेवी
(iii) संरक्षिका - कर्पूरीदेवी
(iv) शासनकाल - 25 वर्ष
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: पृथ्वीराज चौहान का शासनकाल 1177 ई. से 1192 ई. (लगभग 15 वर्ष) तक रहा, इसलिए कथन (iv) गलत है। शेष सभी सत्य हैं।
प्रश्न 85. किस शासक के व्यक्तित्व में कटार, कलम और कला की त्रिवेणी थी?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: मेवाड़ के महाराणा कुम्भा एक महान योद्धा (कटार), विद्वान/लेखक (कलम) और कला प्रेमी (स्थापत्य कला) थे।
प्रश्न 86. महाराणा कुम्भा की कौनसी उपाधियां हैं?
(i) महाराजाधिराज, रायरायण
(ii) चापगुरु, राजगुरु
(iii) दानगुरु, हालगुरु
(iv) शक्तिगुरु, विजयगुरु
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: कुम्भा को महाराजाधिराज, रायरायण, चापगुरु, राजगुरु, दानगुरु, हालगुरु, अभिनव भारताचार्य, और हिन्दू सुरत्राण जैसी उपाधियाँ प्राप्त थीं।
प्रश्न 87. महाराणा कुम्भा ने कौनसे ग्रंथों की टीका लिखी थी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराणा कुम्भा ने जयदेव रचित 'गीत गोविन्द' पर रसिक प्रिया नामक टीका और बाणभट्ट रचित 'चण्डीशतक' पर टीका लिखी थी।
प्रश्न 88. महाराणा कुम्भा द्वारा रचित 'रसिक प्रिया' किस ग्रंथ की टीका है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: रसिक प्रिया नामक प्रसिद्ध टीका महाराणा कुम्भा द्वारा जयदेव के ग्रंथ 'गीत गोविन्द' पर लिखी गई थी।
प्रश्न 89. कौनसे ग्रंथ महाराणा कुम्भा द्वारा लिखित हैं?
(i) संगीतराज (ii) संगीत मीमांसा (iii) सूड़ प्रबंध (iv) रसिक प्रिया
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: संगीतराज, संगीत मीमांसा, सूड़ प्रबंध और रसिक प्रिया (टीका) ये सभी ग्रंथ महाराणा कुम्भा द्वारा ही लिखे गए हैं।
प्रश्न 90. किस शासक का काल सांस्कृतिक दृष्टि से मेवाड़ के इतिहास का स्वर्णयुग कहलाता है?
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: स्थापत्य, साहित्य और संगीत कला के अभूतपूर्व विकास के कारण महाराणा कुम्भा के काल को मेवाड़ का 'स्वर्णयुग' कहा जाता है।
प्रश्न 91. महाराणा कुम्भा द्वारा निर्मित दुर्ग हैं -
(i) अचलगढ़ दुर्ग (ii) बसन्ती दुर्ग (iii) भौमट दुर्ग (iv) मचान दुर्ग
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: अचलगढ़, बसन्ती, भौमट और मचान - ये सभी दुर्ग महाराणा कुम्भा द्वारा बनवाये गए थे।
प्रश्न 92. श्यामलदास के 'वीर विनोद' के अनुसार महाराणा कुम्भा ने मेवाड़ के 84 में से कितने दुर्ग बनाये थे?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: कविराजा श्यामलदास के ग्रंथ 'वीर विनोद' के अनुसार मेवाड़ के 84 दुर्गों में से 32 दुर्गों का निर्माण अकेले कुम्भा ने करवाया था।
प्रश्न 93. महाराणा कुम्भा की राजनीतिक उपलब्धियों में शामिल है -
(i) बूँदी विजय (ii) गागरोन विजय (iii) सिरोही विजय
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराणा कुम्भा ने अपने राजनीतिक विस्तार के तहत बूँदी, गागरोन, और सिरोही पर विजय प्राप्त की थी।
प्रश्न 94. महाराणा साँगा (1509-1528) के सम्बन्ध में सत्य कथन है -
(i) महाराणा सांगा रायमल के पुत्र थे।
(ii) इनके शासनकाल में मेवाड़ अपनी शक्ति के चरमोत्कर्ष पर था।
(iii) सभी राजपूत राज्यों को संगठित करके एक छत्र के नीचे लाये थे।
(iv) दिल्ली, गुजरात एवं मालवा के आक्रमणों से राज्य की रक्षा की थी।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: सांगा (संग्राम सिंह) के बारे में दिए गए सभी कथन सत्य हैं। वह हिन्दू-पत कहलाते थे और उन्होंने विदेशी आक्रमणों का डटकर मुकाबला किया।
प्रश्न 95. मारवाड़ के इतिहास में -------------------- का शासन काल मारवाड़ का 'शौर्य युग' कहलाता है।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: राव मालदेव के शासनकाल को मारवाड़ का शौर्य युग कहा जाता है क्योंकि उन्होंने मारवाड़ की सीमाओं का सर्वाधिक विस्तार किया।
प्रश्न 96. राव मालदेव को 52 युद्धों एवं ------------ परगनों का विजेता कहा जाता है।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: राव मालदेव को अपने काल में 52 युद्धों और 58 परगनों का विजेता होने का गौरव प्राप्त है।
प्रश्न 97. राव मालदेव (1532-1562) ने शासक बनने के बाद सर्वप्रथम किस क्षेत्र को जीता था?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 1532 ई. में गद्दी पर बैठने के बाद राव मालदेव ने सबसे पहले भद्राजूण के शासक वीरा को हराकर उस पर अधिकार किया था।
प्रश्न 98. मालदेव द्वारा विजित क्षेत्र थे -
(i) नागौर (ii) भद्राजूण (iii) मेड़ता (iv) सिवाना (v) बीकानेर
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: राव मालदेव ने अपनी विजय पताका फहराते हुए नागौर, भद्राजूण, मेड़ता, सिवाना और बीकानेर सहित अनेक क्षेत्रों को विजित किया था।
प्रश्न 99. मालदेव को --------------- इतिहासकारों ने हशमत वाला शासक (ताकतवर) कहा था।
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: फारसी इतिहासकारों (जैसे फरिश्ता, बदायूंनी) ने राव मालदेव को 'हशमत वाला शासक' (वैभव और ताकत वाला शासक) पुकारा है।
प्रश्न 100. महाराणा प्रताप के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये -
(i) जन्म - 9 मई, 1540, कुम्भलगढ़ दुर्ग
(ii) पिता - उदयसिंह, माता - जयवंता बाई
(iii) राज्याभिषेक - 28 फरवरी, 1572
(iv) महाराणा प्रताप ने संकटकाल में भी कृषि और वनों के विकास का प्रयास किया था।
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: महाराणा प्रताप के संदर्भ में दिए गए चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। गोगुन्दा में उनका राज्याभिषेक हुआ था।
प्रश्न 101. 'विश्व वल्लभ' पुस्तक का लेखन किसने करवाया था?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराणा प्रताप ने अपने दरबारी विद्वान चक्रपाणि मिश्र से 'विश्व वल्लभ' और 'मुहूर्तमाला' नामक पुस्तकों की रचना करवाई थी, जो कृषि और वनस्पति से संबंधित है।
प्रश्न 102. 'ज्योतिष रत्नमाला' ग्रंथ की रचना किसके काल में हुई थी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: बीकानेर के महाराजा रायसिंह स्वयं एक विद्वान थे। उन्होंने 'रायसिंह महोत्सव' और 'ज्योतिष रत्नमाला' पर टीका लिखी थी।
प्रश्न 103. महाराजा रायसिंह (1574-1612 ई.) के सम्बन्ध में सत्य कथन बताइये -
(i) कल्याणमल के पुत्र थे। इन्होंने नागौर दरबार में अकबर की अधीनता स्वीकार की थी।
(ii) अपने रण कौशल से गुजरात, काबुल, कंधार एवं दक्षिण भारत अभियानों को सफल बनाया था।
(iii) जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण करवा कर रायसिंह प्रशस्ति अंकित करवायी थी।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराजा रायसिंह को 'राजपूताने का कर्ण' कहा जाता है (कलियुग का कर्ण राव लूणकरण को कहते हैं)। ऊपर दिए गए सभी तीनों कथन रायसिंह के लिए सत्य हैं।
प्रश्न 104. मिर्जा राजा जयसिंह (1621-1667 ई.) ने कौनसे मुगल बादशाहों के समय शासन किया था?
(i) अकबर (ii) जहाँगीर (iii) शाहजहाँ (iv) औरंगजेब
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: आमेर के मिर्जा राजा जयसिंह ने 3 मुगल बादशाहों- जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब की सेवा की थी।
प्रश्न 105. आमेर के राजा जयसिंह को 'मिर्जा राजा' की उपाधि किस मुगल बादशाह ने दी थी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: शाहजहाँ ने 1638 ई. में राजा जयसिंह को 'मिर्जा राजा' की उपाधि से सम्मानित किया था।
प्रश्न 106. औरंगजेब ने मिर्जा राजा जयसिंह को किस अभियान पर भेजा था?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: औरंगजेब ने 1665 ई. में मराठा शासक वीर शिवाजी के विरुद्ध मिर्ज़ा राजा जयसिंह को दक्षिण भारत के अभियान पर भेजा था, जहाँ पुरन्दर की संधि हुई थी।
प्रश्न 107. मिर्जा राजा जयसिंह के राज कवि बिहारी ने --------- ई. में 'बिहारी सतसई' की रचना की थी।
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: महाकवि बिहारी ने 1662 ई. में प्रसिद्ध काव्य 'बिहारी सतसई' की रचना मिर्ज़ा राजा जयसिंह के दरबार में की थी।
प्रश्न 108. 'जयसिंह-चरित्र' के रचयिता रामकवि किसके दरबारी थे?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: रामकवि मिर्ज़ा राजा जयसिंह के दरबारी विद्वान थे, जिन्होंने 'जयसिंह चरित्र' की रचना की।
प्रश्न 109. महाराजा जसवंत सिंह (1638-1678) का जन्म कहाँ हुआ था?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: जोधपुर के महाराजा जसवंत सिंह प्रथम का जन्म 1626 ई. में बुरहानपुर में हुआ था।
प्रश्न 110. मुगल बादशाह ----------- ने जसवन्तसिंह (जोधपुर) को 'महाराजा' की उपाधि दी थी।
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: शाहजहाँ ने गद्दी पर बैठते ही जसवंत सिंह को 4000 जात और सवार का मनसब देकर 'महाराजा' की उपाधि दी थी।
प्रश्न 111. मुगल उत्तराधिकारी युद्ध में आमेर के शासक जयसिंह के कहने पर 'दौराई' के युद्ध में जसवन्तसिंह ने किस का साथ दिया था?
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: धरमत के युद्ध में दारा का साथ देने के बाद, दौराई के निर्णायक युद्ध के समय मिर्ज़ा राजा जयसिंह के समझाने पर जसवंत सिंह ने औरंगजेब का पक्ष लिया था/तटस्थ रहे थे।
प्रश्न 112. जसवन्तसिंह-प्रथम ने किस शहर के निकट जसवंतपुरा कस्बा बसाया था?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: जसवंत सिंह ने दक्षिण अभियान के दौरान औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के निकट 'जसवंतपुरा' नामक कस्बा बसाया था।
प्रश्न 113. महाराजा जसवन्तसिंह द्वारा लिखित ग्रंथ नहीं है -
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जसवंत सिंह प्रथम विद्वान शासक थे। 'आनन्द प्रकाश', 'सिद्धान्त बोध' और 'भाषा भूषण' उनकी प्रमुख रचनाएं हैं, जबकि 'राज बोध' उनकी रचना नहीं है।
प्रश्न 114. 'प्रबोध चंद्रोदय' ग्रंथ की रचना किसने की थी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 'प्रबोध चंद्रोदय' नाटक की रचना (अनुवाद) जोधपुर महाराजा जसवन्तसिंह प्रथम ने की थी।
प्रश्न 115. मुगल उत्तराधिकार संघर्ष में औरंगजेब का साथ देने वाले शासक थे -
(i) राजसिंह (ii) मिर्जा राजा जयसिंह (iii) जसवन्तसिंह प्रथम (iv) महाराजा सूरजमल
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: मुगल उत्तराधिकार संघर्ष में मेवाड़ के महाराणा राजसिंह (गुप्त रूप से) और आमेर के मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने औरंगजेब का साथ दिया था।
प्रश्न 116. राजसमंद की उत्तरी पाल (नौचौकी) पर 25 शिलाओं पर रणछोड़ भट्ट द्वारा अंकित 'राज प्रशस्ति' की भाषा है -
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 'राज प्रशस्ति' विश्व का सबसे बड़ा शिलालेख है जिसे संस्कृत भाषा में 25 काले संगमरमर की शिलाओं पर उकेरा गया है।
प्रश्न 117. नाथद्वारा का प्राचीन नाम था -
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराणा राजसिंह के काल में सिहाड़ गाँव में श्रीनाथजी की मूर्ति स्थापित की गई, जिसके बाद यह स्थान 'नाथद्वारा' के नाम से विख्यात हुआ।