राजस्थान सामान्य ज्ञान महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 3
राजस्थान का इतिहास एवं कला संस्कृति - महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 3
प्रश्न 126. श्रीनाथजी का मंदिर मेवाड़ में किसके समय बना था?
- A. महाराणा कुम्भा
- B. महाराणा मोकल
- C. महाराणा जगतसिंह
- D. महाराणा राजसिंह
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: श्रीनाथजी की मूर्ति सिहाड़ (नाथद्वारा) में महाराणा राजसिंह के शासनकाल में स्थापित की गई थी।
प्रश्न 127. जयसिंह को सवाई की उपाधि किसने दी थी?
- A. अकबर
- B. जहाँगीर
- C. शाहजहाँ
- D. औरंगजेब
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: आमेर के शासक जयसिंह द्वितीय की योग्यता से प्रभावित होकर मुग़ल बादशाह औरंगजेब ने उन्हें 'सवाई' की उपाधि प्रदान की थी।
प्रश्न 128. सवाई जयसिंह के समय लिखित ग्रंथ नहीं है -
- A. जीज-ए-मुहम्मदशाही
- B. जयसिंह कारिका
- C. सिद्धान्त सम्राट
- D. जयप्रकाश
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: जयप्रकाश सवाई जयसिंह के समय रचित ग्रंथ नहीं है, जबकि जीज-ए-मुहम्मदशाही, जयसिंह कारिका और सिद्धान्त सम्राट उनके समय के ज्योतिष ग्रंथ हैं।
प्रश्न 129. सवाई जयसिंह द्वारा --------------- में नक्षत्रों की गति की गणना करने के लिए एक शुद्ध सारणी का निर्माण करवाया गया जिसका नाम 'जीज-ए-मुहम्मदशाही' रखा गया।
- A. 1719 ई.
- B. 1725 ई.
- C. 1940 ई.
- D. 1743 ई.
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1725 ई. में सवाई जयसिंह ने नक्षत्रों की शुद्ध सारणी तैयार करवाई जिसे तत्कालीन मुग़ल सम्राट मुहम्मदशाह के नाम पर 'जीज-ए-मुहम्मदशाही' कहा गया।
प्रश्न 130. सवाई जयसिंह द्वारा जंतर-मंतर नाम से पाँच वेधशालाएँ बनवायी गयी थी -
- A. दिल्ली, आगरा, बनारस, उज्जैन, मथुरा
- B. दिल्ली, जयपुर, बनारस, उज्जैन, मथुरा
- C. बनारस, उज्जैन, कोटा, मदुरई, मथुरा
- D. जयपुर, बनारस, उज्जैन, भरतपुर, आगरा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: सवाई जयसिंह ने खगोलशास्त्र के अध्ययन के लिए भारत में 5 स्थानों पर वेधशालाओं का निर्माण करवाया था - दिल्ली, जयपुर, बनारस, उज्जैन और मथुरा।
प्रश्न 131. कविवर सूदन एवं अखैराम गर्ग किसके दरबारी थे?
- A. महाराणा राजसिंह
- B. महाराजा सूरजमल
- C. महाराजा रायसिंह
- D. सवाई जयसिंह
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: कविवर सूदन (सुजान चरित्र के लेखक) और अखैराम गर्ग भरतपुर के जाट शासक महाराजा सूरजमल के दरबारी विद्वान थे।
प्रश्न 132. महाराजा सूरजमल (1755-1763) ने किससे राज प्राप्त किया था?
- A. चूड़ामन
- B. बदनसिंह
- C. राजाराम
- D. रणजीतसिंह
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: महाराजा सूरजमल ने अपने पिता बदनसिंह से राज प्राप्त किया था। बदनसिंह ने ही सूरजमल को शासन की बागडोर सौंपी थी।
प्रश्न 133. बिजौलिया आन्दोलन से सम्बन्धित महिला नहीं है -
- A. अंजना देवी
- B. रमादेवी
- C. विद्या देवी
- D. नारायणीदेवी वर्मा
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: बिजौलिया किसान आंदोलन में अंजना देवी चौधरी, रमादेवी और नारायणी देवी वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जबकि विद्या देवी इससे संबंधित नहीं हैं।
प्रश्न 134. बेंगू आन्दोलन के दौरान गोविन्दपुरा हत्याकांड के बाद हुए समझौते के तहत् 53 में से कितनी लागते समाप्त कर दी गयी?
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: गोविन्दपुरा हत्याकांड के पश्चात् हुए बंदोबस्त समझौते के तहत किसानों से वसूली जाने वाली 53 में से 34 लाग-बागों को समाप्त कर दिया गया था।
प्रश्न 136. बूँदी राज्य सरकार द्वारा ---------------- में किसानों की मांगें स्वीकार करने पर किसान आन्दोलन समाप्त हुआ था।
- A. 1936
- B. 1940
- C. 1943
- D. 1944
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: बूँदी (बरड़) किसान आन्दोलन 1943 ई. में राज्य सरकार द्वारा किसानों की अधिकतर माँगें स्वीकार कर लेने पर समाप्त हो गया था।
प्रश्न 137. सीकर किसान आन्दोलन से सम्बन्धित नेता नहीं है -
- A. सरदार हरलाल सिंह
- B. नेतरामसिंह
- C. पृथ्वीसिंह
- D. अनूपसिंह
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: सरदार हरलाल सिंह, नेतरामसिंह और पृथ्वीसिंह गोठड़ा सीकर किसान आन्दोलन के प्रमुख नेता थे। अनूपसिंह का सम्बन्ध इससे नहीं है।
प्रश्न 138. शेखावाटी आन्दोलन के दौरान चिड़ावा में ------------- ने सेवा समिति का गठन किया था।
- A. मास्टर कालीचरण
- B. पृथ्वीसिंह गोठड़ा
- C. पन्नेसिंह
- D. अभयसिंह पलथाना
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: चिड़ावा (शेखावाटी) में सेवा समिति का गठन मास्टर कालीचरण शर्मा द्वारा किया गया था।
प्रश्न 139. राजस्थान में "आदिवासियों का मसीहा" किसे कहा जाता है?
- A. नाना भाई खांट
- B. सेंगाभाई
- C. भोगीलाल पाण्ड्या
- D. भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 'वागड़ के गांधी' और आदिवासियों के मसीहा के रूप में भोगीलाल पाण्ड्या को जाना जाता है (मोतीलाल तेजावत को भी 'बावजी' या मसीहा कहा जाता है, विकल्प के अनुसार उत्तर 'C' माना गया है)।
प्रश्न 140. आदिवासियों के दूसरे मसीहा कौन थे?
- A. भोगीलाल पाण्ड्या
- B. गोविन्द गिरि
- C. मोतीलाल तेजावत
- D. भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: मोतीलाल तेजावत को आदिवासियों का दूसरा मसीहा तथा 'बावजी' के नाम से जाना जाता है। इन्होंने 'एकी आंदोलन' चलाया था।
प्रश्न 141. मोतीलाल तेजावत के एकी आन्दोलन के दौरान मेवाड़ महाराणा के समक्ष 21 मांगें रखी थी जिसमें से कितनी मांगों को स्वीकार किया गया?
- A. कोई नहीं
- B. 9
- C. 12
- D. 18
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: 'मेवाड़ की पुकार' नामक 21 सूत्रीय मांग पत्र में से मेवाड़ महाराणा ने 18 मांगों को स्वीकार कर लिया था।
प्रश्न 142. वागड़ प्रदेश में भीलों को संगठित करने का कार्य किसने किया था?
(i) गोविन्द गिरि (ii) मोतीलाल तेजावत (iii) भोगीलाल पाण्ड्या (iv) हरिदेव जोशी
- A. i, ii
- B. i, ii, iii
- C. केवल i
- D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: वागड़ प्रदेश (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) में जनजागृति और भीलों को संगठित करने में इन सभी नेताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
प्रश्न 143. चौकीदार मीणाओं द्वारा गाँव की रक्षा के बदले कौनसा कर वसूला जाता था?
- A. रखवाली
- B. देशमुखी
- C. जजिया
- D. चौथ
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: चौकीदार मीणा गाँव की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेते थे और इसके बदले वे ग्रामीणों से 'चौथ' नामक कर वसूलते थे।
प्रश्न 144. 1924 में भारत सरकार ने ------------------- जाति की अपराधिक प्रवृत्ति को नियंत्रित करने हेतु क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट पारित किया जिसके तहत् 12 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को प्रतिदिन थाने में हाजरी देनी पड़ती थी?
- A. भील
- B. गरासिया
- C. मीणा
- D. सहरिया
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 1924 के 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट' (जरायम पेशा कानून) के तहत मीणा जाति के स्त्री-पुरुषों को थाने में हाजिरी देना अनिवार्य कर दिया गया था।
प्रश्न 145. मारवाड़ प्रजामण्डल (1934) के अध्यक्ष कौन बने थे?
- A. जयनारायण व्यास
- B. भंवरलाल सर्राफ
- C. रणछोड़दास गट्टानी
- D. अभयलाल जैन
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1934 में जयनारायण व्यास के प्रयासों से मारवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई जिसके प्रथम अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ को बनाया गया था।
प्रश्न 146. 1938 में ------------------ की अध्यक्षता में मारवाड़ लोक परिषद् का गठन हुआ था।
- A. जयनारायण व्यास
- B. भंवरलाल सर्राफ
- C. रणछोड़दास गट्टानी
- D. अभयलाल जैन
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 16 मई 1938 को रणछोड़दास गट्टानी की अध्यक्षता में 'मारवाड़ लोक परिषद्' की स्थापना की गई थी।
प्रश्न 148. 1938 में ---------------------- की अध्यक्षता में जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन हुआ था।
- A. कर्पूरचन्द पाटनी
- B. चिरंजीलाल मिश्र
- C. सेठ जमनालाल बजाज
- D. हीरालाल शास्त्री
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन 1938 ई. में सेठ जमनालाल बजाज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ था।
प्रश्न 149. 1936 में जयपुर प्रजामण्डल के पुनर्गठन के बाद ------------------ के नेतृत्व में प्रजामण्डल ने कार्य करना प्रारम्भ किया था।
- A. कर्पूरचन्द पाटनी
- B. चिरंजीलाल मिश्र
- C. सेठ जमनालाल बजाज
- D. हीरालाल शास्त्री
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1936-37 में जमुनालाल बजाज की प्रेरणा से हीरालाल शास्त्री व चिरंजीलाल मिश्र ने इसका पुनर्गठन किया और चिरंजीलाल मिश्र को इसका अध्यक्ष बनाया गया।
प्रश्न 150. 24 अप्रैल 1938 को ------------------ की अध्यक्षता में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई थी।
- A. माणिक्यलाल वर्मा
- B. बलवंतसिंह मेहता
- C. भूरेलाल बया
- D. प्यारेलाल
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना माणिक्यलाल वर्मा के प्रयासों से हुई जिसके प्रथम अध्यक्ष बलवंतसिंह मेहता और उपाध्यक्ष भूरेलाल बया बनाये गए।
प्रश्न 151. 1936 में बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना की थी -
- A. मघाराम वैद्य, हनुमानसिंह आर्य
- B. मघाराम वैद्य, गोविन्दप्रसाद
- C. मघाराम वैद्य, लक्ष्मणदास स्वामी
- D. मघाराम वैद्य, रघुवरपाल
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 4 अक्टूबर 1936 को मघाराम वैद्य एवं लक्ष्मणदास स्वामी द्वारा बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना कलकत्ता में की गई थी।
प्रश्न 152. 30 जून 1946 ---------------- में बीकानेर प्रजामण्डल का खुला अधिवेशन आयोजित हुआ था।
- A. दाऊसर
- B. रायसिंह नगर
- C. दूधवा-खारा
- D. देशनोक
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 30 जून से 1 जुलाई 1946 को रायसिंह नगर में प्रजामंडल का खुला अधिवेशन आयोजित हुआ था जहाँ पुलिस गोलीबारी में बीरबल सिंह शहीद हुए थे।
प्रश्न 153. तनसुख लाल का सम्बन्ध किस प्रजामण्डल से है?
- A. जोधपुर
- B. बीकानेर
- C. कोटा
- D. भरतपुर
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: तनसुख लाल मित्तल का सम्बन्ध हाड़ौती (कोटा) प्रजामण्डल से है।
प्रश्न 154. कोटा प्रजामण्डल का अधिवेशन 1939 में --------------- की अध्यक्षता में हुआ था?
- A. पं. नयनूराम शर्मा
- B. पं. अभिन्नहरि
- C. राम गोपाल
- D. जयप्रसाद
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: 1939 ई. में मांगरोल (बारां) में कोटा प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन पं. नयनूराम शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
प्रश्न 155. गोविन्द गिरि द्वारा स्थापित सम्प सभा में 'सम्प' शब्द किस भाषा का है?
- A. गुजराती
- B. राजस्थानी
- C. संस्कृत
- D. उर्दू
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 'सम्प' राजस्थानी (भीली) भाषा का शब्द है जिसका अर्थ आपसी प्रेम, एकता और भाईचारा होता है। सम्प सभा की स्थापना 1883 में हुई थी।
प्रश्न 156. सशस्त्र क्रांति (1915) के प्रमुख भामाशाह कौन थे?
- A. अर्जुन लाल सेठी
- B. जमनालाल बजाज
- C. दामोदर दास राठी
- D. अमरचंद बांठिया
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: रास बिहारी बोस और शचीन्द्र सान्याल द्वारा 1915 में बनायी गई सशस्त्र क्रांति की योजना को आर्थिक सहायता सेठ दामोदर दास राठी (ब्यावर) ने दी थी।
प्रश्न 157. ----------------- ने 1921 में ब्यावर में "आर्य समाज" की स्थापना की थी।
- A. स्वामी दयानन्द सरस्वती
- B. दामोदर दास राठी
- C. दामोदर दास व्यास
- D. गोपालसिंह खरवा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: प्रसिद्ध उद्योगपति एवं क्रान्तिकारी सेठ दामोदर दास राठी ने ही 1921 में ब्यावर में आर्य समाज की नींव रखी थी।
प्रश्न 159. राव गोपालसिंह खरवा को टॉडगढ़ दुर्ग से भागने के बाद ---------- से पुनः गिरफ्तार करके तिहाड़ (तिल्हर) जेल भेजा गया।
- A. टॉडगढ़
- B. सलेमाबाद
- C. देवली
- D. ऊंझा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राव गोपालसिंह खरवा टॉडगढ़ जेल से निकल भागने में सफल हुए लेकिन बाद में सलेमाबाद (अजमेर) के पास उन्हें पकड़कर तिल्हर जेल भेज दिया गया।
प्रश्न 160. निम्न में से कौनसी रियासत ने 'संरक्षक समिति' के प्रयासों से सती प्रथा निषेध कानून पारित किया था?
- A. भरतपुर
- B. जयपुर
- C. सिरोही
- D. जैसलमेर
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: जयपुर रियासत की संरक्षक समिति ने मेजर लुडलो के प्रयासों से 1844 ई. में सती प्रथा को गैर-कानूनी घोषित किया था।
प्रश्न 161. कन्या वध को सर्वप्रथम गैर कानूनी घोषित करने वाली रियासत थी -
- A. जयपुर
- B. बूँदी
- C. अलवर
- D. कोटा
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: राजपूताना में सर्वप्रथम 1833 ई. में कोटा रियासत ने महाराव उम्मेदसिंह के समय विल्किन्सन के प्रयासों से कन्या वध पर रोक लगाई थी।
प्रश्न 162. किस रियासत ने सर्वप्रथम 10 दिसम्बर 1903 को बाल विवाह और अनमेल विवाह निषेध कानून बनाया था?
- A. जयपुर
- B. बूँदी
- C. अलवर
- D. कोटा
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: बाल विवाह एवं अनमेल विवाह को प्रतिबंधित करने वाला सर्वप्रथम कानून 10 दिसंबर 1903 को अलवर रियासत ने पारित किया था।
प्रश्न 163. डायन प्रथा का अधिक प्रचलन था -
- A. जयपुर, अलवर
- B. मेवाड़, कोटा
- C. बीकानेर, जयपुर
- D. सिरोही, मारवाड़
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: डायन प्रथा मुख्य रूप से भील और मीणा जनजातियों में प्रचलित थी, अतः मेवाड़ और कोटा राज्यों के पहाड़ी/जंगली क्षेत्रों में इसका अधिक प्रचलन था।
प्रश्न 164. मेवाड़ रियासत द्वारा डायन प्रथा को रोकने हेतु कानून कब बनाया गया?
- A. 1803
- B. 1810
- C. 1830
- D. 1853
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: अप्रैल 1853 ई. में मेवाड़ के महाराणा स्वरूप सिंह के समय खेरवाड़ा (उदयपुर) में डायन प्रथा पर सर्वप्रथम रोक लगाई गई थी।
प्रश्न 165. 1819 में सर्वप्रथम अंग्रेज स्कूल कहाँ खोला गया?
- A. जयपुर
- B. अलवर
- C. कोटा
- D. अजमेर
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: अंग्रेजी शिक्षा का प्रारम्भ 1819 ई. में अजमेर से हुआ जहाँ ईसाई मिशनरियों द्वारा पहला अंग्रेजी स्कूल स्थापित किया गया था।
प्रश्न 166. ----------------- ने सभी के लिए शिक्षा के उद्देश्य से 21 अगस्त 1937 में राजस्थान विद्यापीठ संस्था की स्थापना की थी।
- A. हरिशंकर देसाई
- B. पंडित जनार्दन राय नागर
- C. शांता त्रिवेदी
- D. माणिक्यलाल वर्मा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: उदयपुर में 'राजस्थान विद्यापीठ' की स्थापना पंडित जनार्दन राय नागर द्वारा 1937 ई. में की गई थी।
प्रश्न 167. मेयो कॉलेज की स्थापना हुई थी (ऑप्शन के अनुसार) -
- A. 1870
- B. 1872
- C. 1877
- D. 1880
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: अजमेर में मेयो कॉलेज की स्थापना के लिए 1872 ई. में प्रस्ताव पास किया गया (यद्यपि कक्षाएं 1875-76 में विधिवत प्रारम्भ हुई)।
प्रश्न 168. 1866 में --------------- में प्रथम सरकारी कन्या स्कूल खोला गया था।
- A. पुष्कर
- B. अजमेर
- C. जयपुर
- D. गजनेर
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: राजस्थान का प्रथम सरकारी कन्या विद्यालय 1866 ई. में अजमेर-मेरवाड़ा क्षेत्र के पुष्कर में खोला गया था।
प्रश्न 169. "वागड़ सेवा मंदिर" की स्थापना किसने की थी?
- A. माणिक्यलाल वर्मा
- B. हरिभाऊ उपाध्याय
- C. मोतीलाल तेजावत
- D. भोगीलाल पाण्ड्या
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: 'वागड़ के गांधी' भोगीलाल पाण्ड्या ने हरिजनों और भीलों में शिक्षा व जागृति के लिए 'वागड़ सेवा मंदिर' की स्थापना की थी।
प्रश्न 170. वागड़ प्रदेश में जनजागृति हेतु --------------- द्वारा पाठशालाएँ खोली गयी थी।
- A. खांडलाई आश्रम
- B. वागड़ सेवा मंदिर
- C. आपणी पाठशाला
- D. सेवा संघ
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: वागड़ प्रदेश में आदिवासी भीलों में शिक्षा के प्रसार हेतु 'डूंगरपुर सेवा संघ' द्वारा पाठशालाओं का संचालन किया जाता था।
प्रश्न 172. ----------------------- रियासत के महाराजा करणीसिंह जो 25 वर्षों तक (1952-77) लोकसभा सदस्य रहे थे। इनके द्वारा बालिका शिक्षा हेतु सराहनीय प्रयास रहे थे।
- A. जोधपुर
- B. भरतपुर
- C. बीकानेर
- D. अलवर
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महाराजा करणीसिंह बीकानेर रियासत के अंतिम शासक सादुलसिंह के पुत्र थे, वे एक बेहतरीन निशानेबाज़ और लगातार 5 बार लोकसभा सदस्य रहे।
प्रश्न 173. वनस्थली विद्यापीठ (जीवन कुटीर) 1929 के संस्थापक थे -
(i) हीरालाल शास्त्री (ii) विद्या देवी (iii) रतन शास्त्री (iv) लाला देवी
- A. i, ii
- B. i, iii
- C. i, ii, iii
- D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: टोंक जिले के निवाई में स्थित 'जीवन कुटीर' (वर्तमान वनस्थली विद्यापीठ) की स्थापना हीरालाल शास्त्री और उनकी पत्नी श्रीमती रतन शास्त्री ने की थी।
प्रश्न 174. रतन शास्त्री को महिला एवं बच्चों के शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के कारण कई सम्मान मिले थे। कौनसा नहीं है -
- A. पद्म श्री
- B. पद्म भूषण
- C. नारी शक्ति अवार्ड
- D. जमनालाल बजाज अवार्ड
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: रतन शास्त्री को 1955 में पद्मश्री, 1975 में पद्म भूषण और जमनालाल बजाज अवार्ड मिला था। नारी शक्ति अवार्ड इसमें शामिल नहीं है।
प्रश्न 175. सरदार हरलाल सिंह (झुंझुनूं) की पत्नी जिन्होंने शेखावाटी आन्दोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी थी -
- A. उत्तमा देवी
- B. लाला देवी
- C. खेतु देवी
- D. किशोरी देवी
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: किशोरी देवी ने ही 1934 में सीकर के कटराथल नामक स्थान पर 10,000 जाट महिलाओं के विशाल सम्मलेन का नेतृत्व किया था।
प्रश्न 176. भील जनजाति के नेतृत्वकर्ता जिन्होंने "जल, जंगल और जमीन" आन्दोलन चलाया था -
- A. माणिक्यलाल वर्मा
- B. गोविन्द गिरि
- C. मोतीलाल तेजावत
- D. मामा बालेश्वर दयाल
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: राजस्थान व मध्यप्रदेश सीमा पर आदिवासियों के नेता मामा बालेश्वर दयाल ने "जल, जंगल और जमीन" आन्दोलन चलाया था।
प्रश्न 177. संविधान सभा के सदस्य जो राजस्थान की रियासतों में प्रशासनिक अधिकारी थे, सुमेलित कीजिए-
(A) सर वी.टी. कृष्णमाचारी - (i) जोधपुर
(B) सी.एस. वेंकटाचारी - (ii) जयपुर
(C) के.एम. पणिक्कर - (iii) उदयपुर
(D) टी. विजय राघवाचार्य - (iv) बीकानेर
- A. i, iv, iii, ii
- B. ii, i, iv, iii
- C. iii, ii, i, iv
- D. iv, iii, ii, i
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: वी.टी. कृष्णमाचारी - जयपुर, सी.एस. वेंकटाचारी - जोधपुर, के.एम. पणिक्कर - बीकानेर, और टी. विजय राघवाचार्य - मेवाड़ (उदयपुर) से सम्बंधित थे।
प्रश्न 178. निम्न में से कौनसे व्यक्ति संविधान सभा के सदस्य थे?
(i) मुकुट बिहारी लाल भार्गव (अजमेर-मेरवाड़ा)
(ii) माणिक्यलाल वर्मा (उदयपुर)
(iii) विजयसिंह पथिक (अजमेर)
(iv) जयनारायण व्यास (जोधपुर)
- A. i, ii
- B. i, iii
- C. i, ii, iv
- D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: विजयसिंह पथिक संविधान सभा के सदस्य नहीं थे, जबकि मुकुट बिहारी लाल भार्गव, माणिक्यलाल वर्मा और जयनारायण व्यास राजस्थान से निर्वाचित सदस्य थे।
प्रश्न 180. राजस्थान से संविधान सभा में शामिल सदस्यों को सुमेलित कीजिए-
(A) जसवंतसिंह - (i) भरतपुर
(B) राजबहादुर - (ii) बीकानेर
(C) हीरालाल शास्त्री - (iii) खेतड़ी
(D) सरदार सिंह - (iv) जयपुर
- A. iv, iii, ii, i
- B. i, iv, iii, ii
- C. ii, i, iv, iii
- D. iii, ii, i, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: जसवंतसिंह - बीकानेर, राजबहादुर - भरतपुर, हीरालाल शास्त्री - जयपुर, और सरदार सिंह - खेतड़ी से संविधान सभा के सदस्य थे।
प्रश्न 181. राजस्थान मूल के व्यक्ति जो संविधान सभा के सदस्य थे। इनके सम्बन्ध में असंगत बताइये -
- A. प्रभुदयाल हिम्मतसिंहका (पश्चिम बंगाल)
- B. बनारसी दास झुंझुनवाला (बिहार)
- C. पदमपत सिंघानिया (उत्तर प्रदेश)
- D. गोविन्दसिंह देववर्त (महाराष्ट्र)
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: गोविन्दसिंह देववर्त का मिलान असंगत है, शेष सभी राजस्थान मूल के प्रवासी थे जो अन्य राज्यों से संविधान सभा में पहुँचे।
प्रश्न 182. संविधान की मूल प्रति पर भारत के वैभवशाली इतिहास, परम्परा और संस्कृति को दर्शाने वाले कितने चित्र बने हैं?
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: भारतीय संविधान की हस्तलिखित मूल प्रति के 22 भागों के आरम्भ में कुल 22 चित्र उकेरे गए हैं जो भारत के क्रमिक इतिहास को दर्शाते हैं।
प्रश्न 183. संविधान की मूल प्रति पर चित्रों का निर्माण किसने किया था?
- A. राजा रवि वर्मा
- B. आनन्द कुमार बोस
- C. नन्दलाल बोस
- D. शोभामल आर्य
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: शान्ति निकेतन के प्रसिद्ध कलाकार नन्दलाल बोस के निर्देशन में संविधान की मूल प्रति का चित्रांकन किया गया था।
प्रश्न 184. संविधान की मूल प्रति पर चित्रण कार्य में राजस्थान के किस चित्रकार का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा था?
- A. परमानन्द चोयल
- B. कृपालसिंह शेखावत
- C. सौभाग्यमल गहलोत
- D. गोविन्दसिंह शेखावत
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजस्थान के प्रसिद्ध चित्रकार (ब्लू पॉटरी के जनक) कृपालसिंह शेखावत शान्ति निकेतन में नन्दलाल बोस के शिष्य थे, इन्होने संविधान के चित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
प्रश्न 185. संविधान सभा के सदस्य के रूप में मूल संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले पहले राजस्थानी कौन थे?
- A. जयनारायण व्यास
- B. माणिक्यलाल वर्मा
- C. बलवंतसिंह मेहता
- D. गोकुललाल असावा
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: मेवाड़ (उदयपुर) से निर्वाचित सदस्य बलवंतसिंह मेहता संविधान की मूल प्रति पर हस्ताक्षर करने वाले प्रथम राजस्थानी सदस्य थे।
प्रश्न 186. प्रताप सभा एवं वनवासी छात्रावास के संस्थापक थे -
- A. जयनारायण व्यास
- B. माणिक्यलाल वर्मा
- C. बलवंतसिंह मेहता
- D. गोकुललाल असावा
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: बलवंतसिंह मेहता ने 1915 में उदयपुर में 'प्रताप सभा' की स्थापना की थी। आदिवासियों के उत्थान हेतु उन्होंने वनवासी छात्रावास भी स्थापित किया।
प्रश्न 187. राजस्थान के प्रशासनिक कार्य करने वाले अधिकारी मूल रूप से कहाँ के थे, सुमेलित कीजिए-
(A) वी.टी. कृष्णमाचारी - (i) कर्नाटक
(B) सी.एस. वेंकटाचारी - (ii) केरल
(C) के.एम. पणिक्कर - (iii) तमिलनाडु
(D) टी.वी. राघवाचार्य - (iv) महाराष्ट्र
- A. i, iv, iii, ii
- B. iii, i, ii, iv
- C. ii, iii, iv, i
- D. iv, ii, i, iii
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: वी.टी. कृष्णमाचारी (तमिलनाडु), सी.एस. वेंकटाचारी (कर्नाटक), के.एम. पणिक्कर (केरल), टी.वी. राघवाचार्य (महाराष्ट्र)।
प्रश्न 188. राजबहादुर (भरतपुर) ने --------------- में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया था।
- A. नेपाल
- B. भूटान
- C. लाओस
- D. चीन
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: राजबहादुर भरतपुर रियासत से संविधान सभा के सदस्य थे। इन्होंने बाद में नेपाल में भारत के राजदूत के रूप में सेवाएँ दी थीं।
प्रश्न 189. सरदारसिंह (खेतड़ी) ने --------------- में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया था।
- A. नेपाल
- B. भूटान
- C. लाओस
- D. चीन
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: खेतड़ी के शासक सरदार सिंह ने लाओस (Laos) में भारतीय राजदूत के रूप में कार्य किया था।
प्रश्न 190. सरदार के. एम. पणिक्कर भारत के स्वतंत्र होने के बाद कहाँ के राजदूत नहीं रहे थे?
- A. चीन
- B. मिस्र
- C. फ्रांस
- D. जापान
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: के.एम. पणिक्कर चीन, मिस्र और फ्रांस में भारत के राजदूत रहे, लेकिन जापान में नहीं।
प्रश्न 191. "अखंड भारत" समाचार पत्र के सम्पादक कौन थे?
- A. विजयसिंह पथिक
- B. हरिभाऊ उपाध्याय
- C. जयनारायण व्यास
- D. जमनालाल बजाज
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: जयनारायण व्यास ने आगीबाण (राजस्थानी), पीप (अंग्रेजी), तरुण राजस्थान और 'अखंड भारत' (मुम्बई से) नामक समाचार पत्रों का सम्पादन किया था।
प्रश्न 192. हुरड़ा सम्मेलन (17 जुलाई 1734) में भाग लेने वाले नागौर के शासक कौन थे?
- A. जयसिंह
- B. दुर्जनशाल
- C. अभयसिंह
- D. बख्तसिंह
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: हुरड़ा (भीलवाड़ा) सम्मेलन में मराठों के विरुद्ध राजपूताना को एक करने के प्रयास में नागौर से शासक बख्तसिंह ने भाग लिया था।
प्रश्न 193. पेशवा बाजीराव ने राजस्थान नीति का आकलन करने के लिए अपनी माता ------------- को 1735 में राजस्थान में तीर्थ यात्रा पर भेजा था।
- A. गंगा बाई
- B. पार्वती शिन्दे
- C. भागवती देवी
- D. राधा बाई
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: मराठा पेशवा बाजीराव ने 1735 ई. में अपनी माता राधा बाई को राजस्थान की तीर्थ यात्रा पर भेजकर राजपूताना की स्थिति का आकलन करवाया था।
प्रश्न 194. सवाई ईश्वरीसिंह को अपने सेनापति -------------- की कुटिलता के कारण आत्महत्या करनी पड़ी थी।
- A. महादेव गोड़बोले
- B. हरगोविन्द नाटाणी
- C. अख्तर बाजिया
- D. गोविन्द कछवाह
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: ईश्वरीसिंह के सेनापति हरगोविन्द नाटाणी ने मराठों के साथ मिल कर कुटिलता की थी, मराठों के जयपुर पहुँचने पर ईश्वरीसिंह ने सर्प का विष खाकर आत्महत्या कर ली।
प्रश्न 195. मेवाड़ के उत्तराधिकार संघर्ष में मराठों ने हस्तक्षेप किया था। यह संघर्ष किसके मध्य था?
- A. अरिसिंह & रतनसिंह
- B. भीमसिंह & संग्रामसिंह द्वितीय
- C. शंभूसिंह & बहादुरसिंह
- D. जगतसिंह द्वितीय & भीमसिंह
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: 18वीं सदी के मध्य मेवाड़ में अरिसिंह और रतनसिंह के मध्य उत्तराधिकार संघर्ष हुआ जिसमें मराठों को धन देकर हस्तक्षेप हेतु बुलाया गया।
प्रश्न 196. अंग्रेजों ने राजपूताना के राजाओं के साथ संधियाँ की थी -
- A. 1809-11
- B. 1817-18
- C. 1824-26
- D. 1830-32
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजपूताना की अधिकतर रियासतों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ 1817-18 ई. में 'आश्रित पार्थक्य' की संधियां की थीं। (Charles Metcalfe के प्रयासों से)
प्रश्न 197. राजस्थान के राज्यों में सर्वप्रथम 29 सितम्बर 1803 को ---------- रियासत ने अंग्रेजों के साथ संधि की थी।
- A. 1817
- B. 1818
- C. 1820
- D. 1823
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: प्रश्न में रियासत का नाम पूछा गया है, जिसका सही उत्तर 'भरतपुर' है। लेकिन पीडीएफ में विकल्प वर्ष (1817, 1818...) दिए गए हैं, जो त्रुटिपूर्ण है। (सही तथ्य: 1803 में सबसे पहले भरतपुर के शासक रणजीत सिंह ने संधि की थी)
प्रश्न 199. सत्य कथन बताइये -
(i) चौथ - मराठों द्वारा अन्य शासकों से लिया जाने वाला सुरक्षा कर।
(ii) खिराज - कृषि भूमि पर लगने वाला कर।
- A. केवल i
- B. केवल ii
- C. i और ii दोनों
- D. न तो i और न ही ii
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: दोनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। मराठे 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' नामक कर वसूलते थे, और 'खिराज' कृषि से प्राप्त होने वाला कर था।
प्रश्न 200. रियासती विभाग के मापदण्ड के अनुसार वे रियासतें स्वतंत्र रह सकती थी जिनकी -
(i) वार्षिक आय - 1 करोड़ हो
(ii) जनसंख्या - 10 लाख हो
(iii) क्षेत्रफल - 10 हजार वर्ग किलोमीटर हो
- A. i
- B. ii
- C. i, ii
- D. i, ii, iii
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: रियासती विभाग (गठन: 5 जुलाई 1947) के अनुसार केवल वे रियासतें स्वतंत्र रह सकती थीं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक और वार्षिक आय 1 करोड़ रुपये से अधिक हो।
प्रश्न 201. रियासती विभाग के मापदण्ड के अनुसार राजपूताना की कौनसी रियासतें अपना स्वतंत्र अस्तित्व रख सकती थी?
(i) मेवाड़ (ii) मारवाड़ (iii) बीकानेर (iv) जयपुर
- A. i, ii
- B. ii, iii, iv
- C. i, iii, iv
- D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: राजस्थान की केवल 4 रियासतें (मेवाड़, मारवाड़, बीकानेर, और जयपुर) ही इन दोनों मापदंडों (10 लाख जनसंख्या, 1 करोड़ आय) को पूरा करती थीं।
प्रश्न 202. आजादी के समय राजपूताना का शासित ठिकाना नहीं था -
- A. नीमराणा
- B. बेंगू
- C. कुशलगढ़
- D. लावा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: स्वतंत्रता के समय राजस्थान में 19 रियासतें और 3 ठिकाने (नीमराणा, कुशलगढ़ और लावा) थे। बेंगू मेवाड़ का एक ठिकाना था, लेकिन स्वतंत्र चीफशिप (ठिकाना) का दर्जा इसे प्राप्त नहीं था।
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