राजस्थान सामान्य ज्ञान महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 6
राजस्थान का इतिहास एवं कला संस्कृति - महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ) - भाग 6
प्रश्न 271. राज्य विरोधी गतिविधियों के चलते सागरमल गोपा को जेल में कब डाला गया था?
- A. 1941
- B. 1942
- C. 1943
- D. 1944
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: सागरमल गोपा जैसलमेर के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। रियासत की जनविरोधी नीतियों ('जैसलमेर में गुण्डाराज' पुस्तक) का विरोध करने के कारण उन्हें 1941 ई. में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था।
प्रश्न 272. सागरमल गोपा की हत्या जेल में ही किस वर्ष की गई?
- A. 4 अप्रैल, 1946
- B. 4 अप्रैल, 1942
- C. 4 अप्रैल, 1945
- D. 6 अगस्त, 1942
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: जैसलमेर जेल में अमानवीय यातनाएं देने के बाद 4 अप्रैल 1946 को थानेदार गुमान सिंह ने उन्हें मिट्टी का तेल छिड़क कर जिंदा जला दिया था।
प्रश्न 273. मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना --------------- में माणिक्य लाल वर्मा ने की थी।
- A. 24 जनवरी, 1938
- B. 24 अप्रैल, 1938
- C. 24 अगस्त, 1938
- D. 24 नवम्बर, 1938
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: बलवंत सिंह मेहता के घर 'साहित्य कुटीर' में 24 अप्रैल 1938 को माणिक्यलाल वर्मा के प्रयासों से मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई थी। बलवंत सिंह मेहता इसके प्रथम अध्यक्ष थे।
प्रश्न 274. मेवाड़ प्रजामण्डल स्थापना के कुछ समय बाद ही मेवाड़ के प्रधानमंत्री ------------- ने प्रजामण्डल को अवैध घोषित कर दिया था।
- A. टी.वी. राघवाचार्य
- B. मनोहर सिंह
- C. धर्मनारायण काक
- D. गोपालराज
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: स्थापना के 15-20 दिन बाद ही 11 मई 1938 को तत्कालीन मेवाड़ प्रधानमंत्री धर्मनारायण काक ने मेवाड़ प्रजामण्डल को गैर-कानूनी (अवैध) घोषित कर दिया था।
प्रश्न 275. मेवाड़ प्रजामण्डल को अवैध घोषित करने के बाद माणिक्यलाल वर्मा ने --------------- से अपनी गतिविधियों का संचालन किया था।
- A. उदयपुर
- B. आगरा
- C. वर्धा
- D. अजमेर
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: मेवाड़ रियासत से निष्कासित होने के बाद माणिक्यलाल वर्मा अजमेर चले गए और वहीं से 'मेवाड़ का वर्तमान शासन' नामक पुस्तक प्रकाशित कर प्रजामण्डल की गतिविधियों का संचालन किया।
प्रश्न 276. माणिक्यलाल वर्मा ने प्रतिबन्ध के बावजूद फरवरी, 1939 में मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश किया था। इस कारण ----------- नामक स्थान से गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया था।
- A. गोगुन्दा
- B. बेंगू
- C. नसीराबाद
- D. देवली
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: जब माणिक्यलाल वर्मा ने पुनः मेवाड़ में प्रवेश किया तो उन्हें देवली से गिरफ्तार कर लिया गया और कुम्भलगढ़ दुर्ग में नजरबन्द रखा गया।
प्रश्न 277. मेवाड़ प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन 1941 में ---------- की अध्यक्षता में हुआ था।
- A. जे.बी. कृपलानी
- B. विजयलक्ष्मी पंडित
- C. माणिक्यलाल वर्मा
- D. भूरेलाल बया
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: नवम्बर 1941 में उदयपुर के शाहपुरा हवेली में मेवाड़ प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन माणिक्यलाल वर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इसका उद्घाटन जे.बी. कृपलानी ने किया था और विजयलक्ष्मी पंडित ने भी इसमें भाग लिया था।
प्रश्न 278. मेवाड़ प्रजामण्डल ने मेवाड़ हरिजन सेवा संघ की स्थापना करके इसका कार्य ----------- को सौंपा था।
- A. हीरालाल शास्त्री
- B. माणिक्यलाल वर्मा
- C. मोहनलाल सुखाड़िया
- D. बलवन्त सिंह मेहता
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: समाज सुधार के उद्देश्य से मेवाड़ में हरिजन सेवा संघ की स्थापना की गई और इसके संचालन का कार्य युवा नेता मोहनलाल सुखाड़िया को सौंपा गया।
प्रश्न 279. मेवाड़ प्रजामण्डल के अधिवेशन के दौरान ------------ को भील, मीणा और आदिवासियों के कल्याण का कार्य सौंपा था।
- A. हीरालाल शास्त्री
- B. माणिक्यलाल वर्मा
- C. मोहनलाल सुखाड़िया
- D. बलवन्त सिंह मेहता
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: बलवंत सिंह मेहता को आदिवासी कल्याण (भील, मीणा आदि) का उत्तरदायित्व सौंपा गया। उन्होंने वनवासी छात्रावास की भी स्थापना की थी।
प्रश्न 280. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् का सातवां अधिवेशन (1945-46) उदयपुर के सलूम्बर मंच पर पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ था, इस सम्मेलन में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया था?
- A. 82
- B. 130
- C. 435
- D. 622
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: दिसम्बर 1945 से जनवरी 1946 तक चले इस ऐतिहासिक 7वें अधिवेशन में देश भर की रियासतों से लगभग 435 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
प्रश्न 281. मेवाड़ रियासत का संवैधानिक प्रारूप ------------- ने तैयार किया था।
- A. गिरधरसिंह
- B. मनोहर सिंह
- C. दीवान रामामूर्ति
- D. के.एम. मुंशी
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह के संवैधानिक सलाहकार कन्हैयालाल माणिक्यलाल (के.एम.) मुंशी ने मेवाड़ रियासत का नया संविधान (प्रारूप) तैयार किया था।
प्रश्न 282. 1939 ई. में स्थापित कोटा प्रजामण्डल की अध्यक्षता एवं अधिवेशन में स्वागताध्यक्ष क्रमशः थे?
- A. मास्टर शम्भुदयाल सक्सेना, पं. अभिन्न हरि
- B. पं. नयनूराम शर्मा, सेठ मोतीलाल
- C. पं. नयनूराम शर्मा, पं. अभिन्न हरि
- D. नाथूलाल जैन, पं. अभिन्न हरि
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: कोटा प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन मांगरोल में पं. नयनूराम शर्मा की अध्यक्षता में हुआ था। इस अधिवेशन में स्वागताध्यक्ष सेठ मोतीलाल थे।
प्रश्न 283. 1940 ई. में कोटा के रामतलाई क्षेत्र में कोटा प्रजामण्डल का अधिवेशन आयोजित हुआ था, इस अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी?
- A. पं. नयनूराम शर्मा
- B. पं. अभिन्न हरि
- C. सेठ मोतीलाल
- D. हरीलाल घोस लिया
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1940 ई. में रामतलाई (कोटा) में हुए कोटा प्रजामण्डल के द्वितीय अधिवेशन की अध्यक्षता प्रखर नेता पं. अभिन्न हरि ने की थी।
प्रश्न 284. पं. नयनूराम शर्मा की हत्या के बाद कोटा प्रजामण्डल की जिम्मेदारी किसे दी गई थी?
- A. वकील वेणी माधव
- B. नाथूलाल जैन
- C. पं. अभिन्न हरि
- D. शम्भुदयाल सक्सेना
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 14 अक्टूबर 1941 को पं. नयनूराम शर्मा की दुर्भाग्यपूर्ण हत्या के बाद कोटा प्रजामण्डल का पूरा दायित्व पं. अभिन्न हरि ने संभाला।
प्रश्न 285. कोटा प्रजामण्डल से सम्बन्धित हैं?
(i) मास्टर शम्भुदयाल सक्सेना (ii) नाथूलाल जैन (iii) श्याम नारायण (iv) सेठ मोतीलाल (v) वकील वेणी माधव
- A. ii, iii, iv, v
- B. i, iii, iv, v
- C. i, iii, v
- D. i, ii, iii, iv, v
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: ये सभी प्रमुख कार्यकर्ता और नेता कोटा में राजनीतिक जनजागृति और प्रजामण्डल आन्दोलन से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।
प्रश्न 286. कोटा प्रजामण्डल में 1945 में हुए छात्र आन्दोलन को दीवान सर हरीलाल घोस लिया एवं पुलिस अधिकारी संतसिंह कुचलना चाहते थे परन्तु कोटा महाराव भीमसिंह ने ------------- के माध्यम से जनता से समझौता करवा दिया था।
- A. नाथूलाल
- B. ओंकार सिंह
- C. दीवान गोविन्दसिंह
- D. तेजसिंह हाड़ा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: कोटा महाराव भीमसिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए आई.जी.पी. ओंकार सिंह को मध्यस्थ बनाकर छात्रों और जनता के साथ शांतिपूर्ण समझौता करवा लिया था।
प्रश्न 287. बूँदी महाराव -------------- ने किसान आन्दोलन को दबाने के प्रयास किये थे।
- A. हरनाथ सिंह
- B. भीमसिंह
- C. ईश्वरीसिंह
- D. जगतसिंह
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: बूँदी (बरड़) किसान आन्दोलन के दौरान बूँदी के शासक महाराव ईश्वरीसिंह थे, जिन्होंने आन्दोलन को कुचलने के लिए कठोर कदम उठाए थे।
प्रश्न 288. बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना -------------- में कान्तिलाल शर्मा की अध्यक्षता में की गई।
- A. 1928
- B. 1931
- C. 1934
- D. 1944
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: राजस्थान में सबसे पहले 1931 ई. में जयपुर और बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना हुई थी। बूँदी प्रजामण्डल कान्तिलाल चौथानी (शर्मा) द्वारा स्थापित किया गया था।
प्रश्न 289. बूँदी प्रजामण्डल से सम्बन्धित हैं?
(i) ऋषिदत्त मेहता (ii) बृज सुन्दर शर्मा (iii) नित्यानन्द (iv) कान्तिलाल
- A. i, ii
- B. ii, iii, iv
- C. i, ii, iii, iv
- D. i, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: 1931 में कान्तिलाल ने प्रजामण्डल स्थापित किया, और बाद में (1944 में बूँदी राज्य लोक परिषद् के रूप में) ऋषिदत्त मेहता, बृजसुन्दर शर्मा और स्वामी नित्यानंद ने इसे और सशक्त बनाया।
प्रश्न 290. जयपुर में जन जागृति के कार्य की शुरूआत ----------- ने की थी।
- A. अर्जुन लाल सेठी
- B. हीरालाल शास्त्री
- C. जमनालाल बजाज
- D. कर्पूरचन्द पाटनी
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: जयपुर राज्य में राजनीतिक चेतना और जन जागृति का जनक अमर क्रान्तिकारी अर्जुन लाल सेठी को माना जाता है, जिन्होंने 1905 में जैन वर्धमान विद्यालय की स्थापना की थी।
प्रश्न 291. जयपुर प्रजामण्डल की सर्वप्रथम स्थापना कब हुई थी?
- A. 1928
- B. 1931
- C. 1936
- D. 1938
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1931 ई. में कर्पूरचन्द पाटनी और जमनालाल बजाज के प्रयासों से जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई थी। यह राजस्थान का प्रथम प्रजामण्डल था।
प्रश्न 292. जयपुर प्रजामण्डल का 1936 में पुनर्गठन ---------- की अध्यक्षता में हुआ था।
- A. कर्पूरचन्द पाटनी
- B. सेठ जमनालाल बजाज
- C. हीरालाल शास्त्री
- D. चिरंजीलाल मिश्र
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: 1931 में स्थापित प्रजामण्डल मृतप्राय हो गया था, अतः 1936-37 में जमनालाल बजाज की प्रेरणा से चिरंजीलाल मिश्र की अध्यक्षता में इसका पुनर्गठन किया गया।
प्रश्न 293. जेंटलमैन एग्रीमेंट (Gentleman's Agreement) किसके मध्य हुआ था?
- A. हीरालाल शास्त्री एवं मिर्जा इस्माइल
- B. हीरालाल शास्त्री एवं जगत नारायण
- C. सेठ जमनालाल बजाज एवं धर्मनारायण
- D. हीरालाल कोठारी एवं मिर्जा इस्माइल
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान जयपुर प्रजामण्डल के अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री और जयपुर रियासत के प्रधानमंत्री मिर्ज़ा इस्माइल के बीच एक शांतिपूर्ण समझौता हुआ था जिसे 'जेंटलमैन एग्रीमेंट' कहते हैं।
प्रश्न 294. हीरालाल शास्त्री को किस वर्ष जयपुर प्रजामण्डल का अध्यक्ष बनाया गया?
- A. 1938
- B. 1940
- C. 1942
- D. 1944
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1940 ई. में हीरालाल शास्त्री को जयपुर प्रजामण्डल का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया था। (1938 में जमनालाल बजाज अध्यक्ष बने थे)।
प्रश्न 295. जयपुर रियासत में 1942 में आजाद मोर्चा का गठन किसकी अध्यक्षता में हुआ था?
- A. बाबा हरिश्चन्द्र
- B. हीरालाल शास्त्री
- C. देवीशंकर तिवाड़ी
- D. दौलत राम भण्डारी
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: जेंटलमैन एग्रीमेंट से असंतुष्ट होकर (क्योंकि प्रजामण्डल ने भारत छोड़ो आंदोलन से खुद को अलग कर लिया था), बाबा हरिश्चन्द्र के नेतृत्व में कुछ कार्यकर्ताओं ने 1942 में 'आजाद मोर्चा' का गठन कर आंदोलन में भाग लिया।
प्रश्न 296. आजाद मोर्चा का विलय ------------ ई. में नेहरू जी के कहने पर प्रजामण्डल के साथ कर दिया गया।
- A. 1942
- B. 1943
- C. 1944
- D. 1945
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: पंडित जवाहरलाल नेहरू के जयपुर आगमन और उनकी समझाइश पर 1945 ई. में आजाद मोर्चा का पुनः जयपुर प्रजामण्डल में विलय कर दिया गया।
प्रश्न 297. जयपुर रियासत में संवैधानिक सुधारों के तहत् 1945 में दो सदनों वाली व्यवस्थापिका स्थापित की गई थी, चुनाव में प्रजामण्डल ने परिषद् एवं प्रतिनिधि सभा में क्रमशः कितनी सीटों पर विजय प्राप्त की थी?
- A. 1, 6
- B. 9, 22
- C. 0, 6
- D. 3, 27
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: 1945 के रियासती चुनावों में जयपुर प्रजामण्डल ने विधान परिषद् में 3 सीटें और प्रतिनिधि सभा में 27 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था।
प्रश्न 298. जयपुर रियासत ने उत्तरदायी सरकार का गठन करके गठित मंत्रिमण्डल में हीरालाल को मुख्यमंत्री बनाया था, इस मंत्रिमण्डल में शामिल क्रांतिकारी थे?
(i) देवीशंकर तिवाड़ी (ii) दौलतमल भण्डारी (iii) टीकाराम पालीवाल (iv) गुलाबचंद कासलीवाल
- A. i, ii, iii
- B. ii, iii, iv
- C. i, iii, iv
- D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: जयपुर में 1948 में बने पहले उत्तरदायी मंत्रिमंडल में हीरालाल शास्त्री (मुख्यमंत्री) के साथ प्रजामण्डल के 3 नेता देवीशंकर तिवाड़ी, दौलतमल भण्डारी, और टीकाराम पालीवाल को मंत्री बनाया गया था।
प्रश्न 299. अलवर में जन जागृति के प्रमुख प्रेरणादायक कौन थे?
- A. पं. हरिनारायण शर्मा
- B. एन.बी. खरे
- C. भवानी शंकर शर्मा
- D. मास्टर भोलेनाथ
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: अलवर में राजनीतिक और सामाजिक चेतना जागृत करने का श्रेय मुख्य रूप से पंडित हरिनारायण शर्मा को जाता है।
प्रश्न 300. पं. हरिनारायण शर्मा (अलवर) द्वारा स्थापित संगठन थे?
(i) अस्पृश्यता निवारण संघ (ii) वाल्मीकि संघ (iii) आदिवासी संघ (iv) विद्या प्रचारिणी परिषद्
- A. i, ii
- B. i, iii
- C. i, ii, iii
- D. i, ii, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: पं. हरिनारायण शर्मा ने छुआछूत मिटाने और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अस्पृश्यता निवारण संघ, वाल्मीकि संघ और आदिवासी संघ की स्थापना की थी।
प्रश्न 301. 1933 तिजारा दंगों के समय अलवर महाराजा ----------- को पद से हटाकर तेजसिंह को गद्दी पर बिठाया गया था।
- A. जयसिंह
- B. विनयसिंह
- C. बख्तावरसिंह
- D. शिवदान सिंह
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: 1933 ई. के मेव (तिजारा) साम्प्रदायिक दंगों को न संभाल पाने के आरोप में अंग्रेजों ने महाराजा जयसिंह को अलवर से निष्कासित कर पेरिस (फ्रांस) भेज दिया था।
प्रश्न 302. अलवर प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में किसने की थी?
- A. पं. हरिनारायण शर्मा, भवानी शंकर
- B. पं. हरिनारायण शर्मा, कुंजबिहारी मोदी
- C. मास्टर भोलानाथ, कुंजबिहारी मोदी
- D. भवानी शंकर, मास्टर भोलानाथ
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1938 ई. में पं. हरिनारायण शर्मा और कुंजबिहारी लाल मोदी ने मिलकर अलवर राज्य प्रजामण्डल की विधिवत स्थापना की थी।
प्रश्न 303. 1944 ई. में अलवर प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन किसकी अध्यक्षता में हुआ था?
- A. कुंजबिहारी मोदी
- B. मास्टर भोलानाथ
- C. पं. हरिनारायण शर्मा
- D. भवानी शंकर शर्मा
✔ सही उत्तर: D
व्याख्या: जनवरी 1944 में भवानी शंकर शर्मा की अध्यक्षता में अलवर प्रजामण्डल का पहला विशाल अधिवेशन संपन्न हुआ था।
प्रश्न 304. अलवर प्रजामण्डल से सम्बन्धित हैं?
(i) मास्टर भोलानाथ (ii) लक्ष्मण स्वरूप त्रिपाठी (iii) इन्द्र सिंह (iv) शोभाराम कुमावत
- A. i, ii, iii
- B. ii, iv
- C. i, ii, iii, iv
- D. i, iii, iv
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: मास्टर भोलानाथ, लक्ष्मण स्वरूप त्रिपाठी, इन्द्र सिंह, और बाबू शोभाराम कुमावत सभी अलवर प्रजामण्डल के प्रमुख और सक्रिय सदस्य थे।
प्रश्न 305. ------------ रियासत के दीवान एन.बी. खरे पर महात्मा गांधी की हत्या में मिलीभगत होने का आरोप लगा था।
- A. जयपुर
- B. जोधपुर
- C. अलवर
- D. कोटा
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: महात्मा गांधी की हत्या के बाद अलवर रियासत के दीवान डॉ. एन.बी. खरे और शासक तेजसिंह पर हत्यारों (नाथूराम गोडसे और परचुरे) को शरण देने का आरोप लगा था, जिसके कारण उन्हें नजरबन्द किया गया।
प्रश्न 306. जगन्नाथदास अधिकारी और गंगाप्रसाद शास्त्री ने किस रियासत में जन जागृति का कार्य किया था?
- A. अलवर
- B. भरतपुर
- C. धौलपुर
- D. कोटा
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: भरतपुर रियासत में प्रारंभिक जनजागृति और राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाने का कार्य जगन्नाथदास अधिकारी और गंगाप्रसाद शास्त्री द्वारा किया गया था।
प्रश्न 307. भरतपुर महाराजा ------------ ने उत्तरदायी शासन की मांग को स्वीकार कर लिया था, इस कारण पद से हटा दिया गया था।
- A. तेजसिंह
- B. बलवन्त सिंह
- C. किशनसिंह
- D. मानसिंह
✔ सही उत्तर: C
व्याख्या: भरतपुर के प्रगतिशील महाराजा किशनसिंह ने जनता की उत्तरदायी शासन की मांग का समर्थन किया था, इसलिए अंग्रेजों ने उन्हें गद्दी से हटाकर उनके नाबालिग पुत्र बृजेन्द्र सिंह को शासक बना दिया।
प्रश्न 308. भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना ------------- में रेवाड़ी में की गई।
- A. 1936
- B. 1938
- C. 1939
- D. 1942
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: भरतपुर राज्य में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक होने के कारण मार्च 1938 में हरियाणा के रेवाड़ी (राज्य से बाहर) में भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना की गई थी।
प्रश्न 309. भरतपुर प्रजामण्डल के अध्यक्ष किसे बनाया गया था?
- A. गोपीलाल यादव
- B. मास्टर आदित्येन्द्र
- C. जुगल किशोर चतुर्वेदी
- D. किशनलाल जोशी
✔ सही उत्तर: A
व्याख्या: भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना पर गोपीलाल यादव को इसका प्रथम अध्यक्ष और किशनलाल जोशी को मंत्री नियुक्त किया गया था।
प्रश्न 310. भरतपुर प्रजामण्डल का 1939 में अधिवेशन --------- की अध्यक्षता में हुआ था।
- A. पं. जवाहर लाल नेहरू
- B. जयनारायण व्यास
- C. गोपीलाल यादव
- D. कोषाध्यक्ष मास्टर आदित्येन्द्र
✔ सही उत्तर: B
व्याख्या: 1939 ई. में भरतपुर में प्रजामण्डल का जो विशाल राजनीतिक अधिवेशन आयोजित किया गया था, उसकी अध्यक्षता प्रख्यात नेता जयनारायण व्यास ने की थी।
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