पंचायती राज (एक नज़र)
दिवस: 24 अप्रैल | विषय: 29 | अनुच्छेद: 243
🔹 भारत में पंचायती राज प्रणाली की शुरुआत: 2 अक्टूबर 1959, नागौर (राजस्थान)
🔹 73वां संविधान संशोधन: 11वीं अनुसूची में पंचायत का वर्णन किया गया है।
पंचायती राज व्यवस्था / समितियाँ
- बलवंत राय मेहता समिति – 1957
- अशोक मेहता समिति – 1977
- जी वी के राव समिति – 1985
- एल. एम. सिंघवी समिति – 1986
- संथानम समिति – 1962
- सादिक अली समिति – 1964
त्रिस्तरीय ढांचा (3-स्तर)
- ग्राम पंचायत: सरपंच / प्रधान
- ब्लॉक स्तर
- जिला परिषद
सरपंच की न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
पंचायत भंग होने पर: 6 माह के भीतर निर्वाचन अनिवार्य
महत्वपूर्ण बिंदु
- 73वें संशोधन के अनुसार महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की गई हैं।
- पंचायती चुनाव प्रत्येक 5 वर्षों के अंतराल पर होते हैं।
- मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड में पंचायतों का गठन नहीं किया गया है।
- पंचायती चुनाव का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाता है।
- ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक प्राधिकरण कार्यरत होता है।
- उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की कुल संख्या कुल स्थानों की 1/3 होती है।
- अनुसूचित जाति / जनजाति के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं।
- 73वां संशोधन पंचायतों की संवैधानिक मान्यता का प्रमुख आधार है।
- अनुसूचित क्षेत्रों में परंपरागत संस्थाओं को संविधान में मान्यता प्रदान की गई है।

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